दिल्लीवालों पर ठंड और प्रदूषण का डबल अटैक, दमघोंटू हुई सात इलाकों की हवा; कब मिलेगी राहत
दिल्ली में पड़ रही कड़ाके की ठंड के साथ ही प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। दिल्ली के सात इलाकों का वायु गुणवत्ता सूचकांक गुरुवार को गंभीर श्रेणी में पहुंच गया। हवा की गति बढ़ने से थोड़ी राहत मिली थी।
राजधानी में कड़ाके की ठंड के बीच एक बार फिर प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। गुरुवार को दिल्ली के सात इलाकों का वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन-चार दिनों तक प्रदूषण से राहत मिलने के आसार नहीं है। राजधानी में अक्तूबर के दूसरे पखवाड़े के बाद से एक दिन भी वायु गुणवत्ता नहीं सुधरी है। हवा की गति में थोड़ी बढ़ोतरी होने से बीते दो दिनों में हल्का सुधार जरूर आया लेकिन हवा की रफ्तार फिर धीमी पड़ने से एक्यूआई में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक गुरुवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 377 अंक के साथ बेहद खराब श्रेणी में रहा। वहीं, सात इलाकों का सूचकांक गुरुवार को 400 अंक से ऊपर यानी गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के मुताबिक, अगले तीन-चार दिनों के बीच हवा की गति दस किलोमीटर से कम रहने की संभावना है। प्रदूषक कणों का बिखराव बेहद धीमा होगा और प्रदूषण का स्तर बेहद खराब या खराब श्रेणी में ही बना रहेगा।
यहां की हवा सबसे खराब
नेहरू नगर 427
आनंद विहार 426
जहांगीरपुरी 421
वजीरपुर 415
पंजाबी बाग 408
पिछले छह साल में नवंबर-दिसंबर 2023 में वायु गुणवत्ता सबसे खराब रही
दिल्ली-एनसीआर में पिछले छह वर्ष में नवंबर और दिसंबर 2023 में 'बहुत खराब' या बदतर वायु गुणवत्ता का सबसे लंबा दौर और 'स्मॉग एपिसोड' की स्थिति रही। एक नये विश्लेषण में यह जानकारी सामने आई है। 'स्मॉग एपिसोड' की स्थिति वह होती है जब कम से कम तीन या अधिक दिन तक लगातार वायु गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में होती है। दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण आंकड़े का विश्लेषण करने वाले एक स्वतंत्र थिंक-टैंक 'सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट' (सीएसई) ने कहा कि 2015-17 के बाद से पीएम 2.5 के वार्षिक स्तरों में क्रमिक दीर्घकालिक सुधार 2023 में रुक गया।


