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इस बार नवंबर में दिल्ली की हवा ढाई गुना ज्यादा जहरीली, 17 में से 8 आफत वाले दिन; आगे का कैसा हाल?

Delhi- NCR AQI: इस बार नवंबर के ज्यादातर दिनों में दिल्ली स्मॉग में डूबी हुई है। बारिश और तेज हवा के चलते बीच में सिर्फ तीन दिन ही प्रदूषण के स्तर में हल्का सुधार हुआ था।

इस बार नवंबर में दिल्ली की हवा ढाई गुना ज्यादा जहरीली, 17 में से 8 आफत वाले दिन; आगे का कैसा हाल?
Devesh Mishraहिन्दुस्तान,नई दिल्लीFri, 17 Nov 2023 09:36 PM
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Delhi Pollution: राजधानी दिल्ली की हवा शुक्रवार को भी 'जहरीली' रही। एक्यूआई 400 के ऊपर दर्ज किया गया है। दिल्ली में इस बार नवंबर के महीने में पिछले साल से ढाई गुना ज्यादा प्रदूषण है। पिछले साल पूरे नवंबर में सिर्फ तीन दिन हवा गंभीर श्रेणी में रही थी। इस बार अब तक 17 दिन में ही आठ दिन हवा गंभीर या अत्यंत गंभीर श्रेणी में रही है। आगे भी प्रदूषित हवा से राहत मिलने के आसार कम हैं।

गर्मी और मॉनसून के समय दिल्ली की वायु गुणवत्ता इस बार पहले से बेहतर रही थी। इससे सर्दी के समय भी प्रदूषण की स्थिति में सुधार की संभावना जताई गई थी। अलग-अलग कारणों से इस बार दिल्ली के लोग पिछले साल के नवंबर महीने की तुलना में ढाई गुना ज्यादा प्रदूषण का सामना कर रहे हैं। पिछले साल नवंबर के पहले सप्ताह में ही लोगों को गंभीर स्थिति वाले प्रदूषण का सामना करना पड़ा था। बाद में वायु गुणवत्ता में सुधार आने लगा था।

इस बार नवंबर के ज्यादातर दिनों में दिल्ली स्मॉग में डूबी हुई है। बारिश और तेज हवा के चलते बीच में सिर्फ तीन दिन ही प्रदूषण के स्तर में हल्का सुधार हुआ था। हालांकि, इस दौरान भी वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब श्रेणी में ही रहा था। जानकारी के मुताबिक, आगे भी प्रदूषित हवा से राहत मिलने के आसार कम हैं।

इस माह अब तक की स्थिति
श्रेणी              वर्ष 2022      वर्ष 2023
खराब            06 दिन         03 दिन
बेहद खराब     08 दिन         06 दिन
गंभीर             03 दिन         06 दिन
अत्यंत गंभीर    00 दिन         02 दिन

गौरतलब है कि इस सप्ताह के प्रारंभ में दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा था कि यदि एक्यूआई 450 के पार चला जाता है तो सम-विषम योजना को लागू किया जा सकता है। वर्ष 2016 से यह योजना चार बार लागू की जा चुकी है। पिछली बार 2019 में यह योजना लागू की गयी थी।

सरकार ने पिछले सप्ताह शुक्रवार को वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार के बाद इस योजना का क्रियान्वयन स्थगित कर दिया था। हाल ही में दिल्ली सरकार और आईआईटी-कानपुर के संयुक्त अध्ययन में पाया गया कि बुधवार को राजधानी के वायु प्रदूषण में वाहनों से निकलने वाले धुंए का योगदान 38 प्रतिशत था जो गुरुवार को 25 प्रतिशत रह गया।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि शांत हवा और निम्न तापमान प्रदूषकों को तितर-बितर नहीं होने दे रहे हैं तथा अगले कुछ दिनों तक राहत की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि 21 नवंबर से हवा की गति में सुधार से वायु प्रदूषण का स्तर घट सकता है।

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