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डेढ़ महीने से खराब हवा में ले रहे सांस, आगे भी सुधार की नहीं उम्मीद; दिल्ली में दो गुना प्रदूषण

राजधानी दिल्ली में रात और तड़के के समय हवा एकदम शांत रह सकती है। इसके चलते प्रदूषक कणों का बिखराव धीमा रहेगा और हवा बेहद खराब श्रेणी में ही रहने के आसार हैं। लोगों को राहत मिलती नहीं दिख रही।

डेढ़ महीने से खराब हवा में ले रहे सांस, आगे भी सुधार की नहीं उम्मीद; दिल्ली में दो गुना प्रदूषण
Nishant Nandanहिन्दुस्तान,नई दिल्लीMon, 04 Dec 2023 08:22 AM
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दिल्ली में ठंड धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ेगी। रविवार की रात को दिल्ली-एनसीआर में कुछ जगहों पर हल्की बारिश हुई थी। सोमवार की सुबह भी आसमान से बूंदाबांदी हुई है। जिसके बाद अब ऐसा लगने लगा है कि राष्ट्रीय राजधानी में ठंड बढ़ने वाली है। दिल्ली एनसीआर में सोमवार की सुबह कोहरा तो नहीं छाया रहा लेकिन बूंदाबांदी होती रही। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि मंगलवार यानी 5 दिसंबर से नौ दिसंबर तक दिल्ली में घना कोहरा छाया रह सकता है। इस बीच दिल्ली में प्रदूषण की मार भी जारी है।दिल्ली में कुछ इलाकों का AQI सोमवार को भी खराब श्रेणी में रहा। लोधी रोड इलाके में मॉर्निंग वॉक पर निकली एक महिला ने एएनआई से बातचीत में कहा, 'हार्ट की समस्या की वजह से टहलना जरूरी है। लेकिन बाहर जाना मुश्किल है और घर में स्वस्थ रहना मुश्किल है। प्रदूषण की वजह से सांस लेने में दिक्कत है। बारिश के बावजूद प्रदूषण में कोई बदलाव नहीं हुआ है।'

दिल्ली के लोग बीते डेढ़ महीने से खराब हवा में सांस ले रहे हैं। 20 अक्तूबर के बाद से एक दिन भी राजधानी की हवा सांस लेने लायक नहीं रही। इस दौरान ज्यादातर समय में हवा खराब, बेहद खराब, गंभीर या फिर अत्यंत गंभीर श्रेणी में रही। राजधानीवासियों के लिए इस बार जहरीले प्रदूषण का सीजन कुछ ज्यादा ही लंबा खिंचता नजर रहा है। इस साल अक्तूबर के पहले पखवाड़े तक तो दिल्ली की हवा पिछले कई वर्षों के मुकाबले सबसे ज्यादा साफ रही।

मगर मानसून की वापसी और हवा की रफ्तार धीमी पड़ने के चलते 20 अक्तूबर के बाद हवा का मिजाज बिगड़ा जो आज तक ठीक नहीं हुआ। 20 अक्तूबर को वायु गुणवत्ता सूचकांक 195 यानी मध्यम श्रेणी में रहा था। इसके बाद एक भी दिन ऐसा नहीं रहा, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 के नीचे आया हो। इस बीच में 3 नवंबर का दिन सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक 468 यानी अत्यंत गंभीर श्रेणी में रहा।

मामूली सुधार के बाद भी सांस लेने लायक नहीं 

केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, रविवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 314 यानी बेहद खराब श्रेणी में रहा। एक दिन पहले यानी शनिवार को यह सूचकांक 353 अंक पर रहा था। 24 घंटे के भीतर इसमें 39 अंकों का सुधार हुआ। हवा की रफ्तार थोड़ा बढ़ने और दिनभर धूप खिलने के चलते प्रदूषक कणों का बिखराव थोड़ा तेज हुआ है, लेकिन हवा अभी भी बेहद खराब श्रेणी में ही है।

सामान्य से सवा दो गुना ज्यादा प्रदूषण 

मानकों के मुताबिक, हवा में पीएम 10 का स्तर 100 से कम और पीएम 2.5 का स्तर 60 से कम होने पर ही उसे स्वास्थ्यकारी माना जाता है। रविवार शाम चार बजे दिल्ली-एनसीआर की हवा में पीएम 10 का औसत स्तर 230 और पीएम 2.5 का औसत स्तर 132 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर रहा, यानी दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषक कणों का औसत स्तर मानकों से सवा दो गुना ज्यादा है।

हवा की रफ्तार बढ़ने की संभावना कम

वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के मुताबिक, अगले तीन-चार दिनों के बीच भी हवा की रफ्तार आमतौर पर 10 किलोमीटर प्रति घंटे कम रहने की संभावना है। खासतौर पर रात और तड़के के समय हवा एकदम शांत रह सकती है। इसके चलते प्रदूषक कणों का बिखराव धीमा रहेगा और हवा बेहद खराब श्रेणी में ही रहने के आसार हैं।

पश्चिमी विक्षोभ भी कारगर नहीं

राजधानी में नवंबर और दिसंबर के महीने में अक्सर प्रदूषण स्तर ज्यादा रहता है, मगर बीच-बीच में पश्चिमी विक्षोभ के चलते होने वाली बारिश से कुछ दिन हवा साफ रहती है। नवंबर के महीने में दो पश्चिमी विक्षोभ आए और इनके चलते बारिश भी हुई। इससे प्रदूषण स्तर में मामूली सुधार आया, मगर वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 के ऊपर यानी खराब श्रेणी में ही बना रहा।

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