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Hindi News NCRजिन्होंने इंसाफ दिलाया उन्हें निकालने का LG ने जारी किया फरमान, उपराज्यपाल पर बरसीं आतिशी

जिन्होंने इंसाफ दिलाया उन्हें निकालने का LG ने जारी किया फरमान, उपराज्यपाल पर बरसीं आतिशी

दिल्ली महिला आयोग से हटाए गए संविदाकर्मियों को लेकर शिक्षा मंत्री आतिशी ने एलजी पर निशाना साधा है। आतिशी का कहना है कि उन महिलाओं को भी हटाया गया है जिनके जीवन को नई दिशा दी गई थी।

जिन्होंने इंसाफ दिलाया उन्हें निकालने का LG ने जारी किया फरमान, उपराज्यपाल पर बरसीं आतिशी
Sneha Baluniहिन्दुस्तान,नई दिल्लीFri, 03 May 2024 05:57 AM
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दिल्ली सरकार की शिक्षा मंत्री आतिशी ने दिल्ली महिला आयोग से हटाए गए संविदाकर्मियों को लेकर एलजी पर निशाना साधा है। मंत्री आतिशी ने कहा कि जिस आयोग ने हजारों रेप पीड़ितों, एसिड अटैक सर्वाइवर की मदद की और महिलाओं को इंसाफ दिलवाया, उस स्टाफ को निकालने का गलत फरमान एलजी ने जारी करवाया है।

आतिशी ने गुरुवार को कहा कि एलजी ने दिल्ली महिला आयोग में तैनात एसिड अटैक पीड़िताओं समेत सभी संविदाकर्मियों को अचानक निकालने का फरमान जारी कर दिया है। इनमें वो 9 महिलाकर्मी भी शामिल हैं, जिन्हें दिल्ली महिला आयोग ने नौकरी देकर उनके जीवन को नई दिशा दी थी।

आतिशी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, 'दिल्ली महिला आयोग के स्टाफ ने हजारों दुष्कर्म पीड़ितों, तेजाब हमला के पीड़ितों...की मदद की; अपनी हेल्पलाइन से लाखों महिलाओं को न्याय दिलवाया, उस स्टाफ को आयोग से बाहर निकालने का उपराज्यपाल का फरमान आया है। भाजपा की केंद्र सरकार बलात्कारियों को माला पहनाकर टिकट देती है, और पीड़ित, बेसहारा महिलाओं के हक के लिए लड़ने वाले आयोग को बर्बाद कर देती है। पूरा देश जान ले कि इस देश में महिलाओं के लिए सबसे बड़ा खतरा भाजपा ही है।'

सिर्फ आठ कर्मी ही नियमित स्वाति

स्वाति मालीवाल ने इस दावे का खंडन किया कि दिल्ली महिला आयोग में 223 व्यक्ति कार्यरत हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वास्तविक संख्या 90 है, जिनमें से 82 संविदा पर हैं। आठ ही नियमित हैं। नौकरी खोने वालों के लिए चिंता व्यक्त करते हुए मालीवाल ने कहा कि उनमें से कई महिला कर्मचारी अपराध, एसिड हमलों और घरेलू हिंसा की पीड़ित हैं, जिन्होंने देश में अन्य महिलाओं की सेवा के लिए अपना समय और ऊर्जा समर्पित की है। कुछ लड़कियां आश्रय गृहों में रहने वाली अनाथ बच्चियां थीं, जिनको आयोग ने रोजगार प्रदान किया था।

जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई हुई

दिल्ली महिला आयोग में नियुक्त संविदाकर्मियों पर यह कार्रवाई 2016 में तत्कालीन एलजी अनिल बैजल द्वारा बनाई गई एक जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर हुई है। महिला आयोग की तत्कालीन अध्यक्ष स्वाति मालीवाल पर आरोप था कि उन्होंने नियमों के खिलाफ जाकर आयोग में 223 पद पर सृजित कर भर्तियां की थीं। उन्होंने वेतन-भत्ते भी बढ़ाए थे। 

जांच के बाद 2 जून 2017 में रिपोर्ट में समिति ने पाया कि महिला आयोग में की गई नियुक्तियां नियमों के खिलाफ थीं। इसके लिए तय प्रक्रिया भी नहीं अपनाई गई थी, जिसके चलते यह नियुक्तियां वैध नहीं हैं। उसमें सिफारिश की गई थीं जो नियुक्तियां हुई हैं उसे आगे जारी नहीं रखा जा सकता है। अब उसी रिपोर्ट को संज्ञान में लेते हुए महिला एवं बाल विकास ने इस मामले में आदेश जारी करके संविदा पर तैनात सभी 52 कर्मियों को हटा दिया है