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दिल्ली दंगे में हिंसा के 9 आरोपी रिहा, सबूत ही नहीं मिले; पुलिसवाले की गवाही पर भी सवाल

अदालत ने कहा कि यह स्पष्ट तौर पर साफ नहीं है कि प्रत्यक्षदर्शी विपिन ने सभी आऱोपियों को भीड़ में सुबह 9 बजे से लेकर देर शाम और फिर रात होने तक घटना में देखा था या नहीं। सभी आरोपी रिहा हो गए हैं।

 दिल्ली दंगे में हिंसा के 9 आरोपी रिहा, सबूत ही नहीं मिले; पुलिसवाले की गवाही पर भी सवाल
Nishant Nandanएएनआई,नई दिल्लीTue, 28 Nov 2023 06:49 PM
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दिल्ली में साल 2020 में हुए दंगों में हिंसा करने और प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने के 9 आऱोपियों को कोर्ट ने रिहा कर दिया है। आरोपी है कि नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में हुई हिंसा के दौरान इन सभी ने आग लगाकर प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाया और हिंसा में शामिल रहे। दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने  हाल ही में इन सभी को रिहा कर दिया है। अदालत ने इन सभी को संदेह का लाभ देकर रिहा कर दिया। एडिशनल सेशन जज (ASJ) पुलत्स्य प्रमाचला ने कहा, 'मैंने यह पाया है कि जो चार्ज सभी आरोपियों पर इस केस में लगाए गए हैं वो संदेह के बावजूद भी साबित नहीं हुए।' अदालत ने 25 नवंबर 2023 को दिए गए अपने आदेश में कहा, 'इसलिए आरोपी मोहम्मद शाहनवाज उर्फ शानू, मोहम्मद शोएब, शाहरुख, राशिद उर्फ राजा, आजाद, अशरफ अली, परवेज, मोहम्मद फैजल औऱ राशिद उर्फ मोनू को सभी चार्जों से मुक्त किया जाता है।'

इन सभी आरोपियों की पहचान पुलिस कॉन्स्टेबल विपिन औऱ हेड कॉन्स्टेबल हरी बाबू ने की थी। अदालत ने कहा कि यह स्पष्ट तौर पर साफ नहीं है कि प्रत्यक्षदर्शी विपिन ने सभी आऱोपियों को भीड़ में सुबह 9 बजे से लेकर देर शाम और फिर रात होने तक घटना में देखा था या नहीं। अदालत ने हेड कॉन्स्टेबल हरी बाबू की गवाही पर भी सवाल उठाए है। 

अदालत ने कहा, 'इस केस में प्रत्यक्षदर्शी के सबूतों को रिकॉर्ड करने से पहले प्रत्यक्षदर्शी इन्हीं आऱोपियों से संबंधित कई अन्य केसों में भी जांचा गया है। बावजूद इसके प्रत्य़क्षदर्शी न कहा कि वो शाहनवाज, आजाद और अशरफ को छोड़ किसी अन्य आरोपी का नाम नहीं जानता है।' अदालत ने कहा, 'उनके मुताबिक, वो शाहनवाज और आजाद का नाम घटना से पहले से जानता है। वो अशरफ का नाम तब जाना जब उसके सबूत दूसरे केस में रिकॉर्ड किया जा रहे थे।' 

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 3 जनवरी 2020, को एक FIR गोकुल पुरी स्टेशन में दर्ज किया गया था। 28 फरवरी, 2020 को दिनेश अग्रवाल की तरफ से की गई लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी। दिनेश अग्रवाल SS Glass & Plywood कंपनी के मालिक हैं और उनका शिव विहार तिरहारा के नजदीक चमन पार्क में अपना व्यवसाय है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा के दौरान हिंसा दंगाइयों ने 25 फरवरी, 2020 को उनके गोदाम, टेम्पू और मोटरसाइकिल में आग लगा दी थी।

शिकायतकर्ता ने आगे यह भी आरोप लगाया था कि अन्य वाहन और मोटरसाइकिल को बुरी तरह क्षतिग्रस्त किया गया था। जांच के दौरान 15 मार्च, 2020 को जांच अधिकारी ने क्राइम टीम को बुलाया और क्राइम सीन का जायजा लिया और तस्वीरें भी ली गई थीं। जांच अधिकारी ने प्रत्यक्षदर्शी कॉन्स्टेबल विपिन और हेड कॉन्स्टेबल हरी बाबू ने शाहनवाज उर्फ शानू, आजाद, शाहरुख, मोहम्मद शोएब उर्फ छुटवा, राशिद उर्फ मोनू, परवेज, राशिद उर्फ राज, मोहम्मद फैजल और अशरफ अली का नाम लिया था। आगे की जांच में जांच अधिकारी ने सातों आरोपियों मोहम्मद शाहनवाज, मोहम्मद शोएब, शाहरूख, राशिद, आजाद, अशरफ अली और परवेज से मंडोली जेल में पूछताछ की थी।
 

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