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कोई सबूत नहीं है, दिल्ली दंगे में डबल मर्डर के 4 आरोपियों को कोर्ट ने किया रिहा

बता दें कि अदालत ने कहा, 'इस बात के भी कोई सबूत नहीं है कि आरोपी बताए गए समय और स्थान पर दंगाइयों का हिस्सा थे। इसलिए सभी आरोपियों को इस केस में उनपर लगाए गए सभी चार्जों से मुक्त किया जाता है।'

कोई सबूत नहीं है, दिल्ली दंगे में डबल मर्डर के 4 आरोपियों को कोर्ट ने किया रिहा
Nishant Nandanपीटीआई,नई दिल्लीMon, 19 Feb 2024 07:21 PM
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दिल्ली की एक अदालत ने साल 2020 में नॉर्थईस्ट दिल्ली में हुए दंगे के दौरान 2 लोगों की हत्या के 4 आरोपियों को रिहा कर दिया है। अदालत ने कहा कि इस बात के कोई सबूत नहीं है कि यह आरोपी दंगे दौरान जुटी भीड़ का हिस्सा थे। एडिशनल सेशन जज पुलत्स्य परमाचला अशोक, अजय, शुभम और जितेंद्र कुमार के खिलाफ दर्ज दो केसों की सुनवाई कर रहे थे। इन सभी पर 25 फरवरी, 2020 को सांप्रदायिक दंगे के दौरान अशफाक हुसैन और जाकिर की हत्या ब्रिजपुर में की गई थी। 

पिछले हफ्ते दो अलग-अलग आदेश में कोर्ट ने कहा अभियोजन यह साबित नहीं कर सका है कि आरोपी जाकिर और हुसैन की हत्या में शामिल थे। अदालत ने कहा, 'इस बात के भी कोई सबूत नहीं है कि आरोपी बताए गए समय और स्थान पर दंगाइयों का हिस्सा थे। इसलिए सभी आरोपियों को इस केस में उनपर लगाए गए सभी चार्जों से मुक्त किया जाता है।'

जिस दंगाई भीड़ ने दोनों की हत्या की थी उस भीड़ का हिस्सा यह दंगाई थे या नहीं इसपर कोर्ट ने कहा कि  प्रत्यक्षदर्शी अभियोजन पक्ष के बयानों से मेल नहीं खाते हैं। हालांकि, इस दौरान कुछ पारिस्थितिजन्य साक्ष्य हैं जिनमें कॉल डिटेल रिकॉर्ड, कैचियों की बरामदी, तलवार और आरोपियों द्वारा पहने गए कपड़े शामिल हैं। अदालत ने कहा कि हालांकि, इन सभी सबूतों से यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि आरोपी उस वक्त वहां खड़े थे। 

अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने जिन तलवारों और कैचियों को लेकर भरोसा जाता है उससे यह पता नहीं चल रहा है कि इन्हीं हथियारों से मर्डर किया गया था। अदालत ने कहा कि मृतक के कपड़ों पर मिले खून के धब्बों का अभियोजन पक्ष ने कोई फॉरेंसिक टेस्ट नहीं कराया था। अदालत ने कहा कि आरोपियों का जो सीसीटीवी फुटेज होने के बारे में कहा गया है वो कोर्ट में चला नहीं है। इस फुटेज को लेकर कहा जा रहा था कि इस फुटेज में आरोपी घटनास्थल पर मौजूद थे।
 

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