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28 मई, 2020|2:33|IST

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145 देशों को यूनिसेफ देगा 13 मिलियन डॉलर की मदद, स्कूल बंद होने से पढ़ाई जारी रखने की कवायद

UNICEF

राष्ट्रव्यापी स्तर पर विद्यालय बंद होने से पूरी दुनिया के 80 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थीयों की पढ़ाई में व्यवधान आया है। इसे  ध्यान में रखते हुए यूनिसेफ ने घोषणा की है कि वह विद्यालयों को सुरक्षित रखते हुए सभी देशों में बच्चों को अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए अपने सहायता प्रयासों को और अधिक बढ़ाएगा।

करीब 13 मिलियन डॉलर की अमेरिकी सहायता का प्रस्ताव किया गया है। यूनिसेफ का कहना है कि दुनिया के अधिकांश देशों में विद्यालय बंद हैं। यह एक असाधारण स्थिति है। जब तक वैश्विक स्तर पर एक साथ मिलकर बच्चों की पढ़ाई को सुरक्षित करने के लिए प्रयास नहीं करते हैं तो कोविड-19 पर क़ाबू पाने के काफी देर बाद तक हमारा समाज तथा अर्थव्यवस्था इसके भार को महसूस करती रहेगा। 
यूनिसेफ ग्लोबल चीफ ऑफ एजूकेशन राबर्ट जेनकिन्स का कहना है, लंबे समय तक स्कूल बंद होने से अत्यधिक संकटग्रस्त समुदायों में इसका असर पीढ़ियों तक दिखाई देगा। ईबोला के चलते जब विद्यालय बंद किए गए थे तो उस दौरान मिले सबक का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि जितने लंबे समय तक बच्चे विद्यालय से दूर रहते हैं, उनके वापस आने की संभावना उतनी ही कम हो जाती है। खासतौर पर ये रुझान कमजोर व वंचित तबकों में होता है। यूनिसेफ ग्लोबल चीफ ऑफ एजूकेशन के मुताबिक बच्चों को पढ़ाई का वैकल्पिक माध्यम उपलब्ध करान हमारे प्रयासों का सबसे अहम हिस्सा है। 

बच्चों की पढ़ाई में आने वाले व्यवधानों को कम करने तथा बच्चों की पढ़ाई को सुरक्षित रूप से बरकरार रखने के लिए यूनिसेफ ने अतिरिक्त धनराशि आवंटित की है ताकि सरकारों और साझेदारों के साथ मिलकर 145 से भी अधिक कम एवं मध्यम आय वर्ग वाले देशों में काम में तेजी लाई जा सके। अभी इस काम के लिए 13 मिलियन अमेरिकी डॉलर का प्रावधान किया गया है, जिसमें लगभग 9 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अंशदान ग्लोबल पार्टनरशिप फॉर एजूकेशन का है, इससे राष्ट्रीय सरकारों को दी जा रही सहायता में तेजी आएगी एवं प्रत्येक देश में व्यापक पैमाने पर शिक्षा के क्षेत्र में साझेदारों के साथ मिलकर तुरंत क़दम उठाए जा सकेंगे।

इस पहल से देश उस स्थिति में पढ़ाई के वैकल्पिक कार्यक्रम तैयार कर सकेंगे जब विद्यालय बंद हों। विद्यालय आ रहे बच्चों तथा उनके समुदायों को हाथ धोने तथा साफ-सफाई की परंपराओं के बारे में महत्वपूर्ण सूचनाएं उपलब्ध कराते हुए उन्हें सुरक्षित रखने के प्रयास किए जा सकते हैं। इस सहायता राशि से बच्चों के मानिसक स्वास्थ्य को भी ठीक रखने में सहायता की जा सकती है और उन्हें इसके लिए प्रोत्साहित भी किया जा सकता है कि वे वायरस के बारे में बातचीत करते समय अफ़वाहों से बचें और लांछन एवं भेदभाव से ख़ुद को दूर रखें। सभी 145 देशों में, यूनिसेफ अपने साझेदारों के साथ कई बिंदुओं पर काम करेगा। सरकार के संकट से निबटने की योजना को सहायता देना, इसमें तकनीकी सहायता, त्वरित जोखिम विश्लेषण, डॉटा संग्रहण, तथा विद्यालयों को पुन: खोलने की योजना शामिल पर काम किया जाएगा। विद्यालयों के सुरक्षित परिचालन एवं जोखिम संप्रेषण को सहायता देना, इसमें अनुवाद, छपाई, सुरक्षित विद्यालय संबंधी दिशानिर्देशों का प्रसार तथा कार्यान्वयन, विद्यालयों को साफ-सफाई पैकेजों से सुसज्जित करना एवं बीमारी के रोकथाम के बारे में महत्वपूर्ण सूचना मुहैया कराना , प्रशिक्षण देने वाले अध्यापकों तथा देखभाल करने वालों को स्वयं के लिए एवं विद्यार्थीयों के लिए मनोवैज्ञानिक तथा मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता शामिल है।     पढ़ाई को जारी रखना सुनिश्चित करना तथा दूरस्थ पढ़ाई कार्यक्रम जिसमें ऑनलाइन, रेडियो तथा टेलीविजन के माध्यम से शिक्षा के वैकल्पिक कार्यक्रमों की डिजाइनिंग करना तथा इन्हें तैयार करना सहायता प्रस्ताव में शामिल है।

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  • Web Title:Corona UNICEF will provide 13 million dolar aid to 145 countries exercise to continue with school closure