Construction in the Aravali area will be approved Kant Enclave buildings also gets relief - अरावली क्षेत्र में निर्माण होंगे वैध, कांत एंक्लेव की इमारतों को भी मिली राहत DA Image
19 नबम्बर, 2019|2:36|IST

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अरावली क्षेत्र में निर्माण होंगे वैध, कांत एंक्लेव की इमारतों को भी मिली राहत

Kant Enclave (HT File Photo)

अरावली संरक्षित क्षेत्र में अवैध निर्माण का बड़ा हिस्सा अब वैध हो जाएगा। इस क्षेत्र में अब पेड़ काटने और निर्माण करने का रास्ता भी साफ हो गया है। सरकार से मंजूर प्रोजेक्ट पर भी काम शुरू हो सकेगा। इसके लिए बुधवार को हरियाणा विधानसभा में पंजाब भूमि परिरक्षण संशोधन विधेयक 2019 पास हो गया। 

इनेलो और कांग्रेस ने इसका विरोध किया। राज्य के वन मंत्री राव नरबीर सिंह ने विधानसभा में यह विधेयक रखा। संशोधित बिल अरावली ही नहीं बल्कि शिवालिक की पहाडि़यों पर भी लागू होगा। इसके लिए कई धाराओं में बदलाव किया गया है। हालांकि लोगों की आपत्तियां भी स्वीकार की जाएंगी जो उपायुक्त के पास 60 दिन में दर्ज होंगी।

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1966 से लागू : मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि इसमें सिर्फ सार्वजनिक संस्थानों सहित मंजूर सरकारी विकास योजनाओं के तहत आरक्षित जमीन और वास्तविक कृषि योग्य जमीन को ही प्रतिबंध से अलग किया जा रहा है। यह विधेयक 1 नवंबर 1966 से लागू माना जाएगा। इससे कांत एंक्लेव को राहत की उम्मीद बंधी है। सरकार उसे अब वन आरक्षित क्षेत्र से बाहर कर सकती है। 

वहीं, पर्यावरणविदों का कहना है कि संशोधन से अरावली की हरियाली नष्ट हो जाएगी। इससे रेगिस्तान की तरफ से आने वाली धूल भरी आंधियों से दिल्ली-एनसीआर का बचाव मुश्किल होगा। 

कांत एंक्लेव को राहत 

अरावली के काफी हिस्से में अब पेड़ काटने और निर्माण करने का रास्ता साफ हो गया है। कांत एंक्लेव और हुडा के चार सेक्टरों को विकसित करने में काफी राहत मिल सकेगी। इसके लिए बुधवार को हरियाणा विधानसभा में पंजाब भूमि परिरक्षण (पीएलपीए) संशोधन विधेयक 2019 पारित कर दिया। 

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विपक्ष की तरफ से इनेलो और कांग्रेस ने इसका विरोध किया, लेकिन सरकार ने इसे पास कर दिया। राज्य के वन मंत्री राव नरबीर सिंह ने विधानसभा में यह संशोधन विधेयक रखा। इसे एक नवंबर 1966 से लागू माना जाएगा। 

जनता के हित में फैसला : मुख्यमंत्री मनोहर लाल का कहना है कि यह फैसला जनता के हित में लिया गया है, इसमें निजी क्षेत्रों की जमीन अथवा संस्थानों की बजाए सिर्फ सार्वजनिक संस्थानों सहित मंजूर सरकारी विकास योजनाओं के तहत आरक्षित जमीन और वास्तविक कृषि योग्य जमीन को ही प्रतिबंध से अलग किया जा रहा है।

गुरुग्राम में 17 हजार एकड़ जमीन पर निर्माण वैध

गुरुग्राम (गौरव चौधरी) | हरियाणा विधानसभा ने बुधवार को पंजाब भूमि परिरक्षण संशोधन विधेयक 2019 पारित कर दिया है। इस विधेयक के पारित होने से जिले की पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम (पीएलपीए) के तहत आरक्षित 17 हजार एकड़ जमीन पर निर्माण वैध हो जाएंगे। 

इस जमीन पर पेड़ों की कटाई, निर्माण और खनन कार्य शुरू हो जाएगा। यह परिस्थिति अधिनियम की धारा 2, 3, 4 और 5 में बदलाव की वजह से बनने जा रही है। इसका सीधा असर अरावली और शिवालिक श्रेणी की पहाड़ियों पर पड़ेगा। इन पहाड़ियों से लगते क्षेत्रों में निर्माण और पेड़ कटाई के रास्ते खुल जाएंगे। 

अभी तक इस पर प्रतिबंध था। सरकार के इस निर्णय को देखते हुए गुरुग्राम के पर्यावरण प्रेमी लामबंद हो गए है। इन्होंने इस विधेयक को अदालत में चुनौती देने का फैसला किया है।

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