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लोकसभा से सबक, विधानसभा चुनाव से पहले खुद को दिल्ली में कैसे मजबूत करेगी कांग्रेस; बना रही प्लान

लोकसभा चुनाव से सबक लेकर कांग्रेस नेताओं ने विधानसभा चुनाव से पहले खुद को दिल्ली में मजबूत करने की योजना शुरू कर दी है। पार्टी को उम्मीद थी कि आप के साथ जाने से उसे फायदा होगा।

लोकसभा से सबक, विधानसभा चुनाव से पहले खुद को दिल्ली में कैसे मजबूत करेगी कांग्रेस; बना रही प्लान
Sneha Baluniलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 06 Jun 2024 12:59 PM
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दिल्ली लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को उम्मीद थी की आप के साथ गठबंधन से उसे फायदा होगा और वोटों का बंटवारा रुकेगा। मगर ऐसा कोई करिश्मा नहीं हुआ। ऐसे में कांग्रेस पदाधिकारियों को एहसास हो गया है कि अगर पार्टी को कुछ महीनों बाद होने वाले विधानसभा चुनावों में अपनी संभावनाओं को बढ़ाना है तो उसे खुद को नए तरीके से जनता के सामने लाना होगा।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने बुधवार को इस बात पर जोर दिया कि अगर पार्टी को विधानसभा चुनावों में अपनी छाप छोड़नी है तो उसे स्थानीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने, लगातार प्रचार अभियान चलाने, नेतृत्व की कमी को पूरा करने और जमीनी स्तर पर अपनी उपस्थिति को मजबूत करने की जरूरत है। पार्टी 2015 और 2020 के विधानसभा चुनावों में एक भी सीट नहीं जीत पाई है।

पूर्व सांसद संदीप दीक्षित ने कहा, 'हमने दिल्ली में पार्टी के लिए पहचान बनाने के लिए काम नहीं किया है, जो दिखाता है कि हम असल में किस मुद्दों को लेकर खड़े हैं। लोकसभा चुनावों से पहले, हम कुछ पहलुओं पर प्रगति कर रहे थे। लेकिन हमने दिल्ली में अपनी पहचान बनाने के लिए काम नहीं किया।' दीक्षित ने यह भी कहा कि गठबंधन बनाना, जैसा कि पार्टी ने लोकसभा अभियान के लिए किया था, एक चुनावी रणनीति होगी, लेकिन इससे दिल्ली में कांग्रेस का पुनरुत्थान नहीं होगा।

पूर्वी दिल्ली से सांसद रहे दीक्षित ने कहा कि लोग उनकी मां शीला दीक्षित के नेतृत्व में कांग्रेस के शासन में हुई अहम प्रगति को याद करते हैं, लेकिन पार्टी उसका लाभ नहीं उठा पाई। उन्होंने कहा कि पार्टी को इस बात को लेकर स्पष्ट होना चाहिए कि उसका मुख्य मुकाबला किससे है- आप या भाजपा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव अभिषेक दत्त ने कहा कि पार्टी को दिल्ली में अपनी खोई जमीन वापस पाने के लिए अपने लोकसभा अभियान से मिली स्पीड का फायदा उठाते हुए खुद को फिर से स्थापित करने की कोशिश करनी चाहिए।

टीओआई से दत्त ने कहा, 'एक मजबूत संगठन बनाने के लिए हमें ऐसे लोगों की पहचान करनी होगी जो सभी स्तरों पर बदलाव लाने और उन्हें लंबे समय तक कायम रखने की क्षमता रखते हों। मुद्दों के लिए हमें उन चीजों को उठाना होगा जो जनता की भावनाओं के अनुरूप हों और जो उन्हें गहराई से प्रभावित करते हों। हमें इनके बारे में आक्रामक होना होगा और इनके लिए सिर्फ आंदोलन नहीं करना होगा बल्कि उन्हें मुकाम पर भी पहुंचाना होगा।' उन्होंने वाटर सप्लाई, वायु प्रदूषण, अनधिकृत कॉलोनियों की समस्याएं आदि का जिक्र किया।

अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने खुलासा किया कि पार्टी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के लिए दिल्ली में फिर से काम शुरू करेगी। पार्टी युवा पार्टी कार्यकर्ताओं की नई पीढ़ी में से वास्तविक जमीनी कार्यकर्ताओं की पहचान करेगी और उन्हें बढ़ावा देगी। लांबा ने सुझाव दिया कि कांग्रेस को स्थानीय मुद्दों पर दिल्ली के सीएम और भाजपा विधायकों को चुनौती देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए अगले दो महीनों में चुनाव मोड में आना और बूथ स्तर पर मजबूत कैडर तैयार करना जरूरी है।

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