Loksabha Election 2024 : योगेंद्र चंडोलिया के खिलाफ उदित राज, दिल्ली की इस सीट पर कांग्रेस ने चला बड़ा दांव
BJP ने प्रवीण खंडेलवाल को मैदान में उतारा है। पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस ने कन्हैया कुमार को मैदान में उतारा है और इस सीट पर भाजपा के मौजूदा सांसद मनोज तिवारी पर बीजेपी ने फिर से भरोसा जाता है।
Loksabha Election 2024 : दिल्ली की सात लोकसभा सीटों पर इस बार दिलचस्प मुकाबला माना जा रहा है। दिल्ली की अहम मानी जाने वाली उत्तर पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीट से कांग्रेस ने पूर्व सांसद उदित राज को मैदान में उतारा है। उत्तर पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीट से इस बार बीजेपी ने हंसराज हंस का टिकट काट दिया है। इस सीट पर बीजेपी ने दलित चेहरे और करोलबाग के रैगरपुरा निवासी योगेंद्र चंदोलिया को अपना उम्मीदवार बनाया है। अब कांग्रेस ने इस सुरक्षित सीट से उदित राज को टिकट थमा कर इस सीट पर मुकाबला दिलचस्प बना दिया है।
आपको बता दें कि उदित राज के अलावा कांग्रेस ने दिल्ली की चांदनी चौक लोकसभा सीट से जेपी अग्रवाल को मैदान में उतारा है। इस सीट से बीजेपी ने प्रवीण खंडेलवाल को मैदान में उतारा है। पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस ने कन्हैया कुमार को मैदान में उतारा है और इस सीट पर भाजपा के मौजूदा सांसद मनोज तिवारी पर बीजेपी ने फिर से भरोसा जाता है।
दिल्ली में कांग्रेस का बड़ा दांव
कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस ने उदित राज को दिल्ली की अहम सीट से टिकट थमा बड़ा दांव चला है। दिल्ली की उत्तर पश्चिमी संसदीय सीट से उदित राज सांसद रह चुके हैं। उदित राज बड़े दलित नेता माने जाते हैं। साल 2019 में उदित राज को बीजेपी ने लोकसभा का टिकट नहीं दिया। जिसके बाद उन्होंने कांग्रेस का हाथ थाम लिया था। दिल्ली में कांग्रेस पार्टी पहली बार गठबंधन में चुनाव लड़ रही है। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस सीट शेयरिंग फॉर्मूले के तहत चुनाव लड़ रहे हैं। इस फॉर्मूले के तहत कांग्रेस को तीन और आम आदमी पार्टी को चार सीटें मिली हैं। दिल्ली में छठे चरण के तहत 25 मई को छठे चरण के तहत मदान होना है।
उत्तर प्रदेश के राम नगर में खटीक परिवार में जन्में उदित राज ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है। आयकर विभाग में डिप्टी कमिश्नर, ज्वाइंट कमिश्नर औऱ एडिशनल कमिश्नर जैसे पदों को संभाल चुके उदित राज ने साल 2019 में बीजेपी का साथ छोड़ा था। सियासत में आने के लिए उदित राज ने अपनी नौकरी छोड़ दी थी और साल 2003 में उन्होंने अपनी पार्टी बनाई थी। इस पार्टी का नाम इंडियन जस्टिस पार्टी थी। कहा जाता है कि एक वक्त था जब उदित राज कांग्रेस और बीजेपी दोनों की ही आलोचना भी किया करते थे।


