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हिंदी न्यूज़ NCRफिर दम घोंटने लगा पराली का धुआं, दिल्‍ली-एनसीआर की आबोहवा बिगड़ी, गाजियाबाद देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार

फिर दम घोंटने लगा पराली का धुआं, दिल्‍ली-एनसीआर की आबोहवा बिगड़ी, गाजियाबाद देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार

नई दिल्ली | प्रमुख संवाददाताPraveen Sharma
Sun, 17 Oct 2021 11:06 AM
फिर दम घोंटने लगा पराली का धुआं, दिल्‍ली-एनसीआर की आबोहवा बिगड़ी, गाजियाबाद देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार

पराली के प्रदूषण के चलते राजधानी की आबोहवा अब फिर से बिगड़ने लगी है। दिल्ली के आठ इलाकों में शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के ऊपर यानी 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंच गया और मॉनसून लौटने के साथ ही पराली का धुआं एक बार फिर दिल्ली का दम घोंटने आ पहुंचा है। हालांकि, दिल्ली-एनसीआर में रविवार को हुई हल्की से मध्यम तीव्रता की बारिश के कारण अगले कुछ दिनों में वायु गुणवत्ता सूचकांक में मामूली सुधार होने की उम्मीद है।

सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंच गया और पीएम 2.5 भी वापस आ गया। हालांकि, बीते कुछ दिनों से पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं, जिससे दिल्ली की हवा बिगड़ने लगी है।

दिल्ली समेत उत्तर भारत से इस साल मॉनसून की वापसी देर से हुई। आधिकारिक तौर पर आठ अक्टूबर को दिल्ली से मॉनसून के बादल छंटे हैं। इसके साथ ही हवा की दिशा उत्तर-पश्चिमी हो गई है। वहीं पंजाब और हरियाणा के खेतों में धान की फसल के बचे-खुचे हिस्से यानी पराली को जलाने की घटनाओं में तेजी आई है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक शनिवार के दिन दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 284 अंक रहा। इस स्तर की हवा को खराब श्रेणी में रखा जाता है। एक दिन पहले यानी शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 198 अंक था। एक दिन के भीतर सूचकांक में 84 अंकों की तेज बढ़ोतरी हुई है।

तीन महीने बाद खराब हुई दिल्ली की हवा: राजधानी दिल्ली में सामान्य तौर पर वायु गुणवत्ता मानकों पर पूरी खरी नहीं उतरती है, लेकिन मॉनसून के सीजन में हवा आमतौर पर साफ-सुथरी रहती है। इस बार मॉनसून का आगमन देर से होने के चलते जुलाई महीने के शुरुआती दिनों में भी हवा की गुणवत्ता खराब रही थी। 02 जुलाई के दिन वायु गुणवत्ता सूचकांक 245 अंक पर रहा था। इसके बाद से कोई दिन ऐसा नहीं रहा था, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 अंक के ऊपर पहुंचा हो।

पराली के धुएं की हिस्सेदारी 14 फीसदी : केंद्र द्वारा संचालित संस्था सफर के मुताबिक, दिल्ली की हवा में पराली के धुएं से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी शनिवार के दिन 14 फीसदी तक पहुंच गई। पंजाब और हरियाणा के खेतों में पराली जलाने की घटनाओं में तेजी आई है और हवा की दिशा फिलहाल उसी तरफ से है। इसके चलते यह धुआं दिल्ली-एनसीआर की ओर आ रहा है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रापिकल मेट्रोलॉजी के मुताबिक 15 अक्टूबर के दिन पंजाब में पराली जलाने की 680 और हरियाणा में 363 घटनाएं दर्ज की गई हैं।

बेहद खराब श्रेणी में आठ जगहों की हवा: दिल्लीवालों के लिए चिंता की बात यह है कि आठ इलाके ऐसे हैं, जहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के अंक के ऊपर पहुंच गया है। सीपीसीबी के मुताबिक, वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 अंक से ऊपर होने पर उसे खराब श्रेणी में रखा जाता है, जबकि सूचकांक 300 अंक से ऊपर होने पर उसे बेहद खराब श्रेणी में रखा जाता है। यानी दिल्ली के आठ इलाकों की हवा 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंच गई है।

सामान्य से ढाई गुना तक प्रदूषित : मानकों के मुताबिक हवा में प्रदूषक कण पीएम-10 की मात्रा 100 और पीएम-2.5 की मात्रा 60 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर से नीचे हो तो उसे स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है। लेकिन दिल्ली की हवा में अभी प्रदूषण का स्तर ढाई गुने तक पहुंच गया है। सीपीसीबी के मुताबिक शनिवार की शाम हवा में पीएम-10 की मात्रा 277 और पीएम-2.5 की मात्रा 136 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रही। इसकी तुलना अगर एक दिन पहले से करें तो शुक्रवार शाम चार बजे पीएम-10 की मात्रा 204 और पीएम-2.5 की मात्रा 85 अंक थी।

एक्यूआई बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया

गाजियाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक शनिवार को बेहद खराब श्रेणी में 349 दर्ज किया गया। इस सीजन में यह सबसे अधिक है। बीते कुछ दिन से लगातार वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी हो रही है। शु्क्रवार के मुकाबले शनिवार को एक्यूआई में एक ही दिन में 104 अंक का उछाल आया है। इसकी बड़ी वजह जाम और सड़क पर धूल है। आने वाले दिनों में बारिश के बाद प्रदूषण में और उछाल आने के आसार हैं। पिछले वर्ष भी जिले में हवा बेहद खराब हो गई थी। आलम यह था कि गाजियाबाद का नाम दुनिया के प्रदूषित शहरों में आ गया था।

दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा नोएडा

हवा की गति मंद पड़ते ही नोएडा और ग्रेटर नोएडा की हवा शनिवार को बहुत खराब हो गई। दोनों शहरों का एक्यूआई 300 से पार दर्ज किया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। सोमवार से बोर्ड और प्राधिकरण की टीमें निरीक्षण करेंगी। गाजियाबाद के बाद ग्रेटर नोएडा देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। नोएडा का एक्यूआई शनिवार को 312 दर्ज किया गया और ग्रेनो का 330 रहा। दोनों शहरों की हवा बहुत खराब श्रेणी में दर्ज की गई।

छह गुना अधिक प्रदूषण दर्ज किया

फरीदाबाद और बल्लभगढ़ क्षेत्र में शनिवार को भी प्रदूषण का स्तर पांच से छह गुना अधिक बना रहा। शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक फरीदाबाद में 264 और बल्लभगढ़ में 290 रहा। ऐसी स्थिति बीते छह दिन से लगातार बनी हुई है, जब बल्लभगढ़ की स्थिति फरीदाबाद के मुकाबले अधिक खराब है। बीते कुछ दिनों से सरुरपुर औद्योगिक इलाके और सेक्टर-58 व 59 के इलाके में रात में कूड़ा जलाया जा रहा है। उधर, प्रदूषण रोकने के लिए नगर निगम प्रत्येक वार्ड में दो टीम का गठन करने जा रहा है। ये टीम प्रदूषण नियंत्रण के दिशा-निर्देशों का पालन कराने का काम करेंगी।

कूड़ा जलने से ज्यादा बिगड़ रहे हालात

जिले की आबोहवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है। शनिवार को गुरुग्राम का वायु गुणवत्ता सूचकांक 308 रिकॉर्ड किया गया, जो इस माह का सबसे अधिक प्रदूषण का स्तर रहा। इसके अलावा मानेसर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 317 रिकॉर्ड किया गया। मिलेनियम सिटी में आबोहवा जहरीली होने के कई कारण हैं, लेकिन शहर में मुख्य कारण सड़कों पर धूल उड़ना और कूड़ा जलाना है। आबोहवा को प्रदूषित होने से रोकने के लिए छह से अधिक विभागों के 41 अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन इस पर अमल कहीं दिख नहीं रहा है।

40 से ज्यादा पहुंचता रहा है पराली का प्रदूषण

दिल्ली में शनिवार के दिन प्रदूषण में पराली की हिस्सेदारी 14 फीसदी तक रही। इसके साथ ही दिल्ली की हवा के खराब श्रेणी में पहुंचने की शुरुआत भी हो गई। पिछले सालों में दिल्ली के प्रदूषण में पराली के प्रदूषण की हिस्सेदारी 40 फीसदी से भी ज्यादा तक पहुंचती रही है।

आफत : 25 नवंबर तक परेशान करेगा

पंजाब, हरियाणा व यूपी के खेतों में आमतौर पर अक्टूबर की शुरुआत के साथ ही पराली जलाने की शुरुआत हो जाती है, लेकिन इसका ज्यादा असर 15 अक्टूबर से 25 नवंबर तक देखा जाता रहा है। खासतौर पर दीपावली के आसपास पराली का धुआं ज्यादा हालात खराब कर देता है।

पूर्वी हवा और हल्की बारिश से मिलेगी राहत

सफर के मुताबिक, पूर्वी हवा और हल्की बारिश से खराब हवा से राहत मिलेगी। रविवार के दिन भी दिल्ली की हवा खराब श्रेणी में रह सकती है, लेकिन इसके बाद पूर्वी हवाओं के चलने और हल्की बरसात होने से अगले तीन दिन तक वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में रहने की उम्मीद है।

लगातार बढ़ोतरी

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रापिकल मेट्रोलॉजी के मुताबिक,15 अक्टूबर के दिन पंजाब में पराली जलाने की 680 और हरियाणा में 363 घटनाएं दर्ज की गई हैं। 

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