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दिल्ली : उन्हें सिर्फ हत्या करनी थी इसलिए ले ली 10वीं के छात्र की जान

प्रतीकात्मक तस्वीर

कंझावला इलाके में तीन किशोरों ने 10वीं के छात्र की सिर्फ इसलिए हत्या कर दी, क्योंकि उन्हें हत्या करनी थी। वे बड़ी वारदात कर इलाके में वर्चस्व स्थापित करना चाहते थे।  

इस बात का खुलासा मंगलवार को तब हुआ, जब पुलिस ने छात्र की हत्या के आरोप में तीन नाबालिगों को दबोचा। छात्र की इन तीनों से कोई पुरानी दुश्मनी नहीं थी। फिलहाल पुलिस ने इन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया है। 16 साल का सचिन परिवार सहित कंझावला इलाके में रहता था। वह इलाके के सरकारी स्कूल में दसवीं का छात्र था।  

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बताया जाता है कि 11 फरवरी की दोपहर को एक किशोर उसे बुलाकर अपने साथ ले गया। बाद में सचिन का खून से लथपथ शव इलाके से बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस ने हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। पुलिस ने काल डिटेल्स एवं स्थानीय लोगों से मिली सूचना के आधार पर मंगलवार को तीनों नाबालिगों को धर दबोचा। इनसे हत्या में प्रयुक्त सुआ एवं चाकू भी बरामद कर लिया गया। 

समझौते के नाम पर बुलाया और हत्या की : इन्होंने 11 फरवरी को अपने एक दोस्त को सचिन के पास भेजकर इलाके की एक सुनसान जगह पर बुला लिया। फिर तीनों ने सुए एवं चाकू से सचिन पर हमला कर दिया। दो दर्जन से अधिक वार करने के बाद फरार हो गए।  

नए जुवेनाइल कानून के तहत मुकदमा चलाने की कोशिश : वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि तीनों नाबालिग 17 साल के हैं। इसलिए पुलिस की कोशिश नए जुवेनाइल कानून के तहत बालिगों की तरह मुकदमा चलाने की होगी। इसके लिए जेजेबी में अपील भी की जाएगी। 

शिकार ढूंढ रहे थे, सचिन टकरा गया 

पुलिस ने बताया कि 17 साल के तीनों किशोरों को बदमाश बनने का शौक था। तीनोंइलाके में दहशत कायम करना चाहते थे। उनके दिमाग में यह फितूर समा गया था कि इसके लिए किसी की हत्या करनी होगी। इसलिए इन्होंने हत्या करने की ठानी और शिकार ढूंढ़ने लगे। 8 फरवरी को तीनों बस के बाहर लटककर जा रहे थे। पीछे से सचिन बाइक से जा रहा था। इस दौरान सचिन ने इन पर टिप्पणी कर दी। तीनों शिकार तो ढूंढ़ ही रहे थे, बस उन्होंने सचिन की हत्या करने की ठान ली। 

राजधानी में पहले भी हुई हैं ऐसी घटनाएं

9 फरवरी : नाबालिगों ने प्रेमिका के विवाद में बीते शुक्रवार को 14 साल के किशोर की हत्या

8 फरवरी : नाबालिग ने अपने साथियों के साथ अम्बेडकर नगर में युवक की हत्या 

29 जून 2018 : नीरज बवाना गिरोह से जुड़े नाबालिग ने तीस हजारी कोर्ट में गोगी गिरोह के दिनेश पर फायरिंग की 

21 जून 2017 : नाबालिग ने साथियों के साथ रची तिहरे हत्याकांड की साजिश, आधे घंटे में ख्याला और नबी करीम में दो युवकों की जान ली थी

29 अप्रैल 2017 : रोहिणी कोर्ट में नीतू दाबोडा गिरोह के सदस्य राजेश धुरमूट की नाबालिग ने गोली मारकर हत्या की। इसके अलावा कई लूट भी की

‘देखरेख के अभाव में बन जाते हैं अपराधी'

दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग की एक रिपोर्ट के अनुसार, अक्सर झुग्गियों में रहने वाले किशोरों को अपराध में लिप्त पाया जाता है। आयोग के अनुसार, जिन बच्चों के अभिभावक पर्याप्त ध्यान नहीं देते हैं। वे बच्चे गलत संगत में पड़कर अपराध की दुनिया की तरफ चले जाते हैं। आयोग द्वारा किए गए अध्ययन में यह बात सामने आई है। अपराध में लिप्त किशोरों की काउंसलिंग में यह बात प्रमुख रूप से सामने आई है कि गरीबी के कारण अभिभावक उनकी पढ़ाई नहीं कराते। इससे उनका व्यक्तित्व नहीं बन पाता। 

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  • Web Title:Class 10th student killed by three teenage boy in Delhi