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ऑक्सीजन सिलेंडर के नाम पर दिल्ली में ठगी, बिहार से तीन जालसाजों को पकड़ा, किराये पर दिया था बैंक खाता

नई दिल्ली। वरिष्ठ संवाददाताPublished By: Yogesh Yadav
Fri, 27 Aug 2021 08:15 PM
ऑक्सीजन सिलेंडर के नाम पर दिल्ली में ठगी, बिहार से तीन जालसाजों को पकड़ा, किराये पर दिया था बैंक खाता

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर के नाम पर दिल्ली में ठगी की दो दर्जन से अधिक वारदात को अंजाम देने वाले तीन जालसाजों को दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने गुरुवार को बिहार से गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर दिल्ली आई है। आरोपियों ने पूछताछ में माना कि ठगी के शिकार परिवारों के चार संक्रमितों की मौत हो गई थी।। गिरफ्तार आरोपियों सानू नंदी, सोमैन मंडल और उत्पल मंडल के पास से दो स्मार्ट फोन, 2 की-पैड मोबाइल और एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं। तीनों आरोपी पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। 

पुलिस उपायुक्त साइबर सेल अन्येश राय ने बताया कि रोहिणी निवासी विनोद कुमार ने शिकायत दी थी कि उन्होंने कोरोना संक्रमित अपनी पत्नी के लिए सोशल मीडिया से एक नंबर लेकर कॉल की और ऑक्सीजन की डिमांड की। लेकिन, आरोपी ने खाते में 25 हजार रुपये मंगाने के बाद पीड़ित का नंबर ब्लॉक कर दिया था। ऑक्सीजन की कमी से विनोद की पत्नी की मौत हो गई थी। पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर एसीपी रमन लांबा, एसआई कर्मवीर, कांस्टेबल जितेंद्र और कांस्टेबल दीपक की टीम ने मामले की छानबीन शुरू की। 

किराये पर दिया था बैंक खाता

पुलिस टीम ने उस बैंक खाते की जानकारी निकाली, जिसमें पीड़ित ने रुपये भेजे थे। पता चला कि रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए गए हैं। फिर पता चला कि पीड़ित के रुपये सात अलग-अलग खातों से होते हुए सानू नंदी के खाते में भेजे गए, जहां से एटीएम से रकम निकाली गई। पुलिस ने सानू नंदी को बिहार से गिरफ्तार कर लिया। सानू से पूछताछ कर सोमैन मंडल और उत्पल मंडल को भी पुलिस ने पकड़ा। सानू और सोमैन ने अपने खाते पांच हजार रुपये के किराये पर उत्पल मंडल को दिए थे, जबकि उत्पल ने इन खातों को आगे 10 हजार रुपये के किराए पर अरविंद को दिए थे। पुलिस अब अरविंद की तलाश कर रही है। 

पांच माह में की थी सात करोड़ की ठगी

पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों के खातों में पांच महीने में ठगी के सात करोड़ रुपये आए। ये रुपये देश के अलग-अलग राज्यों से आए थे। ऐसे में पुलिस पीड़ितों की जानकारी जुटाने में लगी है। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे बस खाते उपलब्ध कराते थे, जबकि लोगों को झांसे में लेने के लिए दूसरे लोग रखे हुए थे। 

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