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अब 16 फरवरी को देशभर में चक्का जाम, 16 मार्च को दिल्ली कूच; क्या हैं किसानों की डिमांड

किसान अपनी मांगों को लेकर 16 फरवरी को पूरे देश में चक्का जाम करेंगे। वहीं 16 मार्च को दिल्ली कूच किया जाएगा। राकेश टिकैत ने इसके लिए किसानों को तैयार होने के लिए कहा है।

अब 16 फरवरी को देशभर में चक्का जाम, 16 मार्च को दिल्ली कूच; क्या हैं किसानों की डिमांड
Sneha Baluniहिन्दुस्तान,ग्रेटर नोएडाFri, 09 Feb 2024 07:45 AM
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भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि 16 फरवरी को पूरे देश में चक्का जाम किया जाएगा। 14 मार्च को किसान दिल्ली के लिए कूच करेंगे। इसके लिए किसान तैयारी कर लें। उन्होंने कहा कि सरकार वायदाखिलाफी कर रही है। किसान एमएसपी की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार नहीं दे रही है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत गुरुवार को चपरगढ़ पेट्रोल पंप से इकट्ठे होकर जेवर के मेहंदीपुर गांव पहुंचे। यहां आयोजित पंचायत में टिकैत ने कहा कि संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर 16 फरवरी को चक्का जाम किया जाएगा। जबकि 14 मार्च को किसान दिल्ली के लिए कूच करेंगे। इसके लिए किसान पूरी तैयारी कर लें। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों के लिए लड़ाई लड़नी पड़ती है। काफी समय से किसान एमएसपी की मांग कर रहे हैं। किसानों को सरकार एमएसपी नहीं दे रही है। हर बार बजट में किसानों के साथ छल किया जाता है।

किसानों के काम नहीं हो रहे

भाकियू पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पवन खटाना ने कहा गौतम बुद्ध नगर में जेवर एयरपोर्ट बनाया जा रहा है। गांव का विस्थापन हो रहा है, लेकिन किसानों को उनके घर और घर के बराबर जमीन नहीं दी जा रही है। भूमि अधिग्रहण बिल में पिछले काफी समय से बदलाव नहीं किया गया है। किसानों की मांग थी की भूमि बिल में बदलाव किया जाए। युवाओं को रोजगार मिले। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण किसानों के साथ वायदा खिलाफी कर रहे हैं।

किसानों की नोएडा प्राधिकरण से मुख्य मांगें

● 1997 के बाद के सभी किसानों को बढ़ी दर से मुआवजा दिया जाए। चाहे वह कोर्ट गए हों या नहीं।
● किसानों को 10 प्रतिशत विकसित भूखंड दिया जाए।
● आबादी जैसी है, वैसी छोड़ी जाए। विनियमितीकरण की 450 वर्गमीटर सीमा को बढ़ाकर 1000 प्रति वर्गमीटर किया जाए।
● भूमि उपलब्धता न होने के कारण पात्र किसानों के पांच प्रतिशत आबादी भूखंड भूलेख विभाग में नहीं रोके जाएंगे। उनका नियोजन किया जाए।
● भवनों की ऊंचाई को बढ़ाए जाने की अनुमति दी जाए, क्योंकि गांवों के आसपास काफी हाइराइज इमारत हैं। ऐसे में उनका एरिया लो लेयिंग एरिया में आ गया है।
● पांच प्रतिशत विकसित भूखंड पर व्यावसायिक गतिविधियां चलने की अनुमति दी जाए।
● गांवों के विकास के साथ खेल बजट का प्रावधान किया जाए और पुस्तकालय बनाए जाएं।

12 फरवरी को होगी महापंचायत 

ऐच्छर गांव के किसान चौथे दिन गुरुवार को सेक्टर-36 में धरने पर बैठे रहे। किसानों ने ऐलान किया कि 12 फरवरी को धरना स्थल पर महापंचायत होगी। इसमें आंदोलन की आगामी रणनीति का ऐलान किया जाएगा। गुरुवार को धरने का संचालन डॉ. फकीरचंद ने किया। ग्राम विकास समिति के प्रवक्ता ब्रिजेश भाटी ने धरना स्थल पर 12 ़फरवरी को महापंचायत का ऐलान किया। इसमें सभी किसान संगठन व राजनीतिक पार्टियों को बुलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि कई बड़े किसान नेता महापंचायत में शामिल होंगे। जिन किसानों की ज़मीन ऐच्छर माजरे में है, उन्हें भी महापंचायत में शामिल किया जाएगा।

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