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Hindi News NCRबच्चों की पढ़ाई के लिए 16 घंटे काम, मौत से कुछ घंटे पहले बात; बदमाशों ने दिल्ली में कैब ड्राइवर को एक किमी घसीटा

बच्चों की पढ़ाई के लिए 16 घंटे काम, मौत से कुछ घंटे पहले बात; बदमाशों ने दिल्ली में कैब ड्राइवर को एक किमी घसीटा

दिल्ली में दो बदमाशों ने एक कैब ड्राइवर को एक किलोमीटर तक घसीटा जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। वह अफने पांच बच्चों को पढ़ाने के लिए दिन में 16 घंटे काम किया करता था। किसी को भी काम नहीं करने देता था।

बच्चों की पढ़ाई के लिए 16 घंटे काम, मौत से कुछ घंटे पहले बात; बदमाशों ने दिल्ली में कैब ड्राइवर को एक किमी घसीटा
Sneha Baluniहिन्दुस्तान टाइम्स,नई दिल्लीThu, 12 Oct 2023 10:00 AM
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दिल्ली में दो बदमाशों ने एक कैब ड्राइवर को लूटकर गाड़ी से धक्का दे दिया। अपनी आजीविका बचाने की कोशिश में ड्राइवर का हाथ गाड़ी में फंस गया और बदमाश उसे एक किलोमीटर तक घसीटते रहे। जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान 43 साल के बिजेंद्र शाह के तौर पर हुई है। बिजेंद्र दोपहर में अपनी शिफ्ट शुरू करते और रात भर गाड़ी चलाते थे। वे सुबह की शुरुआत में अपने घर पहुंचा करते थे। वे अक्सर दिन में 16 घंटे तक काम करते थे। शाह के रिश्तेदारों और दोस्तों ने कहा कि उनकी सारी मेहनत केवल एक ही चीज के लिए थी- यह सुनिश्चित करने के लिए कि उनके 12 से 20 साल की उम्र के पांच बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके।

रात करीब 11 बजे, शाह ने दक्षिणी दिल्ली के महिपालपुर से दो सवारियों को पिक किया। हालांकि, दोनों ने उन्हें मारुति स्विफ्ट डिजायर से बाहर धकेल दिया और भागने की कोशिश की। लेकिन पुलिस के अनुसार, शाह ने अपनी आजीविका के साधन को बचाने का प्रयास किया। इस दौरान वे कार के निचले हिस्से में फंस गए और लगभग एक किलोमीटर तक अपराधी उन्हें घसीटकर ले गए। उनकी बॉडी को राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर सड़क के किनारे सर्विस रोड पर गिरा दिया गया। 

घटना का एक वीडियो जिसे दूसरे वाहन में बैठे लोगों ने शूट किया, सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। पुलिस ने कहा कि उन्हें घटना के बारे में रात 11.20 बजे सूचना मिली और जब एक टीम उस स्थान पर पहुंची जहां शाह का शव गिराया गया था, तो उन्होंने पाया कि उनके कपड़े जगह-जगह फटे हुए थे, जबकि शरीर पर चोट के कई निशान थे। उन्हें शहर के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

मेरठ से आरोपी गिरफ्तार

शाह के छोटे भाई 40 वर्षीय नागेंद्र शाह ने कहा, 'बिजेंद्र हर दिन दोपहर दो बजे के आसपास घर से निकल जाता था, और अगले दिन सुबह 6 बजे के आसपास ही लौटता था। यही वजह है कि उनके आने के समय तक परिवार सोया रहता था। बुधवार सुबह की छोड़कर, चूंकि वह घर नहीं आए।' नागेंद्र ऑटोरिक्शा चलाते हैं। उन्होंने सफदरजंग अस्पताल में अपने भाई के शव की शिनाख्त की। बुधवार देर रात दो संदिग्धों, जिनकी पहचान 33 वर्षीय मेहराज सलमानी और 24 वर्षीय मोहम्मद आसिफ के रूप में हुई, को मेरठ से गिरफ्तार किया गया और उनके पास से कार बरामद कर ली गई।

2010 से चला रहे थे कैब

अपने परिवार में एकमात्र कमाने वाले, शाह 2010 से एक कैब ड्राइवर थे और पिछले पांच वर्षों से फरीदाबाद के सेहतपुर में सूर्या कॉलोनी में किराए पर रह रहा थे। उनके पांच बच्चे- दो लड़के, 12 और 14 साल के और तीन लड़कियां 16, 18 और 20 साल की, सभी स्कूल और कॉलेज में पयड़ाई कर रहे हैं। ”शाह के मकान मालिक एनएन तिवारी ने कहा, 'शाह अपने बच्चों की शिक्षा पर बहुत खर्च करते थे और चाहते थे कि वे जीवन में अच्छा करें और उन्हें अच्छी नौकरियां मिले। उनकी सबसे बड़ी बेटी दिल्ली विश्वविद्यालय के देशबंधु कॉलेज की छात्रा है, और सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी कर रही है।'

मौत से कुछ घंटे पहले हुई थी बात

नागेंद्र ने कहा, 'उन्होंने अकेले अपने परिवार के लिए कमाया और अपने किसी भी बच्चे को काम नहीं करने दिया। उन्होंने उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया।' परिवार के मुताबिक, शाह दिन में करीब 16 घंटे काम करते थे और दोपहर का खाना खाने के बाद घर से निकल जाते थे। उन्होंने कहा, अपने परिवार के साथ उनकी आखिरी बात मृत्यु से कुछ घंटे पहले मंगलवार शाम 7 बजे हुई थी, जब उन्होंने अपनी बड़ी बेटी को घर के लिए सब्जियां खरीदने के लिए मोबाइल ऐप के जरिए 90 रुपए भेजे थे।