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दिल्ली में CNG, इलेक्ट्रिक, बीएस-VI डीजल बसों को छोड़कर अन्य बसों की एंट्री पर लग सकता है बैन

Delhi Pollution Crisis: केजरीवाल सरकार सीएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस-6 डीजल से चलने वाली बसों को छोड़कर बाकी यात्री बसों की दिल्ली में एंट्री पर प्रतिबंध लगा सकती है। पढ़ें यह रिपोर्ट...

दिल्ली में CNG, इलेक्ट्रिक, बीएस-VI डीजल बसों को छोड़कर अन्य बसों की एंट्री पर लग सकता है बैन
Krishna Singhपीटीआई,नई दिल्लीThu, 16 Nov 2023 12:51 AM
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दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए सीएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस-6 डीजल से चलने वाली बसों को छोड़कर बाकी यात्री बसों के राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा सकती है। राष्ट्रीय राजधानी में हवा की गुणवत्ता खराब होने के बीच दिल्ली में GRAP-IV के तहत प्रतिबंध लागू हैं। फिलहाल दिल्ली में जरूरी सामानों के परिवहन से जुड़ी ट्रकों को छोड़कर बाकी के शहर में प्रवेश पर रोक है। एक सूत्र ने बताया कि छठ पूजा करीब है। इसकी वजह से भारी भीड़ देखी जा रही है। हम त्योहार बाद उक्त प्रतिबंध को लागू करने की योजना बना रहे हैं।

पिछले महीने दिल्ली सरकार ने निर्देश दिया था कि हरियाणा से राष्ट्रीय राजधानी में इलेक्ट्रिक, सीएनजी या बीएस-VI डीजल से चलने वाली बसों को ही प्रवेश दिया जाएगा। दिल्ली सरकार ने कहा था कि यूपी और राजस्थान से एनसीआर क्षेत्रों से प्रवेश करने वाली बसों को भी इन मानदंडों का पालन करना होगा। दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने कहा था कि हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के किसी भी शहर या कस्बे से दिल्ली में प्रवेश करने वाली सभी बसें केवल इलेक्ट्रिक, सीएनजी और बीएस-VI डीजल पर चलने वाली बसें होंगी।

सूत्र ने बताया कि सभी राज्यों से आने वाली बसों के लिए समान मानदंड लागू करने की योजना है। गौरतलब है कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए केजरीवाल सरकार की ओर से लागू किए गए निर्माण कार्य और शहर में डीजल-खपत वाले ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने सहित कड़े उपाय लागू करने के बावजूद बीते कुछ दिनों के दौरान एक्यूआई में बढ़ोतरी ही देखी गई है। प्रतिबंधों का अनुपालन कराने के लिए यातायात समेत 40 टीमों को सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात किया गया है। टीमें रात 8 बजे से सुबह 4 बजे तक तैनात हैं। सीमाओं पर जांच के लिए कुल सौ टीमों को काम पर लगाया गया है।

इस बीच दिल्ली में जहरीली धुंध बुधवार को और घनी हो गई। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच दिल्ली का एक्यूआई एक बार फिर 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गई। दिल्ली में 24 घंटे के दौरान का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 401 रहा। आलम यह कि एक दिन पहले यानी मंगलवार को दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में दिल्ली पहले स्थान पर था। समाचार एजेंसी पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को पंजाब में पराली जलाने की 2,544 घटनाएं दर्ज की गईं। इसके साथ ही 15 सितंबर के बाद से पंजाब में इस तरह की घटनाओं की संख्या 30,661 हो गई है। 

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