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दिल्ली में रैट माइनर वकील हसन के घर पर चला बुलडोजर, सिलक्यारा सुरंग से मजदूरों को निकाले थे बाहर

रैट माइनर वकील हसन ने डीडीए पर अपने खजूरी खास के श्रीराम कॉलोनी में बने घर को ढहाने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि बगैर नोटिस के डीडीए ने उनके घर पर बुलडोजर ऐक्शन किया है।

दिल्ली में रैट माइनर वकील हसन के घर पर चला बुलडोजर, सिलक्यारा सुरंग से मजदूरों को निकाले थे बाहर
Devesh Mishraपीटीआई,नई दिल्लीWed, 28 Feb 2024 08:39 PM
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राजधानी दिल्ली के रैट माइनर वकील हसन के घर पर बुलडोजर ऐक्शन हुआ है। हसन ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) पर उनके घर को ढहाने का आरोप लगाया है। दरअसल, उत्तरकाशी के सिलक्यारा सुरंग में पिछले साल 41 मजदूर फंस गए थे। उन मजदूरों को बाहर निकालने के लिए दिल्ली से 12 रैट माइनर भेजे गए थे। वकील हसन भी उन माइनर्स में शामिल थे।

'बिना नोटिस के तोड़ा गया घर'
बुधवार को डीडीए ने खजूरी खास इलाके के कई घरों को ध्वस्त किया। वकील हसन के कहा, 'हमने सिल्क्यारा सुरंग में 41 लोगों को बचाया था और बदले में हमें यह मिला। मैंने अधिकारियों और सरकार से अनुरोध किया था कि यह घर मुझे दे दिया जाए लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। आज बिना किसी नोटिस के डीडीए ने मेरे मकान को ध्वस्त कर दिया।

डीडीए ने जारी किया बयान
वहीं बुलडोजर ऐक्शन के बाद डीडीए ने कहा कि यह अभियान उस जमीन पर चलाया गया जो 'योजनाबद्ध विकास भूमि का हिस्सा' थी। पुलिस ने बताया कि इस दौरान अवैध रूप से बने कई मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। डीडीए ने एक बयान जारी कर कहा, '28 फरवरी को खजूरी खास में अपनी अधिग्रहीत जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए डीडीए द्वारा एक विध्वंस अभियान चलाया गया था।' 

'पुलिस ने किया मारपीट'
रैट माइनर वकील हसन ने एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें उन्होंने दावा किया है कि जिस मकान में वह और उनका परिवार रह रहा था उसे तोड़ दिया गया। वीडियो में हसन ने यह भी बताया कि इस घटना के सिलसिले में उन्हें पुलिस स्टेशन भी जाना पड़ा। वीडियो में उनके साथ एक और रैट माइनर (मुन्ना कुरैशी) भी थे। मुन्ना ने पुलिस पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। 

दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अवैध रूप से बनाए गए कई भवनों को ध्वस्त किया गया है। हमने अभियान के दौरान कानून व व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए डीडीए की सहायता की। बता दें कि वकील हसन समेत कुल 5 रैट माइनर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के खजूरी खास में रहते हैं। वहीं बाकी बचे माइनर्स उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हैं। हादसे के समय इन्हें दिल्ली से उत्तरकाशी भेजा गया था। दरअसल, 12 नवंबर को कुल 41 मजदूर सिलक्यारा सुरंग में फंस गए थे। उन्हें 17 दिनों बाद टनल से सुरक्षित निकाला गया था जिनमें दिल्ली से गए रैट माइनर्स का अहम योगदान था। 

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