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शाम को आ जाइए फांसी पर लटक जाते हैं... बृजभूषण शरण सिंह ने ऐसा क्यों कहा- VIDEO

राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख बृज भूषणशरण सिंह के खिलाफ महिला पहलवानों द्वारा दायर एक आपराधिक मामले में आरोप तय किए। इस दौरान बृज भूषणशरण सिंह क्या बोले...

शाम को आ जाइए फांसी पर लटक जाते हैं... बृजभूषण शरण सिंह ने ऐसा क्यों कहा- VIDEO
Krishna Singhलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 21 May 2024 09:14 PM
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राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को छह महिला पहलवानों द्वारा दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न मामले में भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आरोप तय किए। अदालत ने 10 मई को आरोप तय करने का आदेश दिया था। मंगलवार को बृजभूषण सिंह को आरोप सुनाए गए। इस दौरान अदालत ने बृजभूषण से पूछा जिस पर सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि इसकी कोई बात ही नहीं है, गलती किए ही नहीं हैं। कोर्ट से निकलने के दौरान संवाददाताओं ने बृजभूषण से कुछ सवाल पूछे...

...तो फांसी पर लटक जाते हैं
किसी ने बृजभूषण शरण सिंह से पूछा कि आपने कहा था कि यदि इस मामले में आरोप तय हो गए तो फांसी पर लटक जाऊंगा। इस पर आपका क्या कहना है। बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, ...तो शाम को आ जाइए फांसी पर लटक जाते हैं। आप मजाक कर रहे हैं। मैंने कहा था कि जिस दिन आरोप साबित हो जाएगा... अभी तो मेरे ऊपर चार्ज फ्रेम हुआ है। अब आरोप लगाने वालों को कोर्ट में आरोपों को साबित करना है। उन्हें कोर्ट को बताना है कि आरोपों के पक्ष में उनके पास क्या सबूत हैं। मेरे पास तो बेगुनाही के पूरे सबूत मौजूद हैं।

ये सब झूठे मामले
एक अन्य सवाल पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि ये सब झूठे मामले हैं। अब दिल्ली पुलिस को साबित करना है कि आरोपों को साबित करने के पक्ष में उसके पास क्या सबूत हैं। इस बीच, अदालत ने बृज भूषण शरण सिंह की याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। डब्ल्यूएफआई प्रमुख के रूप में बृजभूषण शरण सिंह की सीडीआर और यात्रा दस्तावेज मांगे हैं।

एक शिकायत में बरी
अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) प्रियंका राजपूत ने छह महिला पहलवानों में से एक द्वारा दायर शिकायत में सिंह को आरोपमुक्त कर दिया। अदालत ने सिंह के खिलाफ आपराधिक धमकी का आरोप तय करने का आदेश दिया। इस मामले में सह आरोपी और पूर्व डब्ल्यूएफआई सहायक सचिव विनोद तोमर के खिलाफ भी धमकी देने का आरोप तय किया है।

अब 1 जून से ट्रायल
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पीड़िता संख्या 1 से 5 तक के आरोपों में भारतीय दंड संहिता की धारा 354 और 354 ए के तहत आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सामग्री है। मजिस्ट्रेट ने कहा कि दो पहलवानों के संबंध में आईपीसी की धारा 506 (1) के तहत अपराध के लिए भी सिंह के खिलाफ आरोप तय करने के लिए रिकार्ड पर पर्याप्त सामग्री है। अदालत ने सिंह के सहयोगी तोमर को पीड़िताओं को धमकाने का आरोप तय किया है। अदालत 1 जून से ट्रायल शुरू करेगा। 

बृजभूषण शरण सिंह पर किन धाराओं में आरोप
दिल्ली पुलिस ने छह बार के सांसद सिंह के खिलाफ मामले में 15 जून को धारा 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से हमला या आपराधिक बल), 354 ए (यौन उत्पीड़न), 354 डी (पीछा करना) और भारतीय दंड संहिता की धारा 506 (आपराधिक धमकी) के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था।

सुप्रीम कोर्ट जाकर दर्ज कराई थी एफआईआर
महिला पहलवानों ने शिकायत पर कार्रवाई न होते देख एफआईआर दर्ज कराने के लिए सुुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। जिसके बाद पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच सही रास्ते पर है।

पॉस्को मामले में अभी आदेश लंबित
बृजभूषण शरण सिंह पर एक नाबालिग पहलवान ने भी उत्पीड़न का आरोप लगाया था। हालांकि पहलवान द्वारा शिकायत वापस लिए जाने के बाद पुलिस ने पॉक्सो मामले में क्लोजर रिपोर्ट पटियाला हाउस कोर्ट में दाखिल की है। इस मामले में अभी तक अदालत ने क्लोजर रिपोर्ट पर अपना आदेश नहीं दिया है। 27 जुलाई को इस मामले में अदालत अपना फैसला सुना सकती है।