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मनोज तिवारी ने दिल्ली में बारिश को बताया छठ मैया का प्रसाद, कहा- यमुना किनारे पूजा की दो इजाजत

दिल्ली में प्रदूषण पर जारी सियासी घमासान के बीच भाजपा सांसद और पूर्व दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने दिल्ली में शुक्रवार सुबह से रुक-रुक हो रही बारिश को छठ मैया का प्रसाद बताया है।

मनोज तिवारी ने दिल्ली में बारिश को बताया छठ मैया का प्रसाद, कहा- यमुना किनारे पूजा की दो इजाजत
Praveen Sharmaनई दिल्ली। लाइव हिन्दुस्तानFri, 10 Nov 2023 12:29 PM
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दिल्ली में प्रदूषण पर जारी सियासी घमासान के बीच भाजपा सांसद और पूर्व दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने दिल्ली में शुक्रवार सुबह से रुक-रुक हो रही बारिश को छठ मैया का प्रसाद बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी (आप) पर हमला बोलते हुए कहा कि अब दिल्ली की चिंता खुद भगवान कर रहे हैं।

पिछले एक सप्ताह से वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर से परेशान दिल्लीवासियों को शुक्रवार तड़के से हो रही बारिश के कारण राहत मिली और राजधानी में जहरीली हवा में भी सुधार देखा गया। सरकार की वायु-गुणवत्ता निगरानी एजेंसी 'सफर' के आंकड़ों के अनुसार, आज सुबह 7 बजे दिल्ली में समग्र वायु गुणवत्ता 407 था, जो सुबह 10 बजे घटकर 361 पर आ गया। एक्यूआई के अनुसार, अब भी यह 'बहुत खराब' श्रेणी में है, लेकिन "गंभीर" श्रेणी से थोड़ा सुधार हुआ है। दिल्ली में गुरुवार शाम 4 बजे एक्यूआई 437 था।

उत्तर-पूर्व दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी ने शुक्रवार को 'एक्स' पर एक पोस्ट कर कहा,  ''जितना अत्याचार करना है कर लो AAP, झूठ बोल कर दिल्ली की सत्ता में काबिज हुए AAP, चाहे जितने कहर करो AAP अब दिल्ली की चिंता भगवान कर रहे हैं, आज की बारिश छठ मैया का प्रसाद है, इस इशारे हो समझना चाहिए और स्वच्छता एवं प्रकृति के त्योहार छठ महोत्सव को यमुना तट पर भी होने की स्वीकृति देनी चाहिए।''

दिवाली से पहले मेहरबान रहेगा मौसम

न्यूज एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, मौसम विभाग (आईएमडी) ने हल्की बारिश समेत मौसम संबंधी अनुकूल परिस्थितियों के कारण दिवाली से पहले वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार होने का अनुमान जताया है। अधिकारियों ने कहा था कि एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की तरफ बदलने से भारत के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में पराली जलाए जाने से निकलने वाले धुएं के कारण होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा था कि पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद हवा की गति मौजूदा समय में लगभग पांच से छह किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 11 नवंबर को लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटे हो जाएगी, जिससे दीपावली से पहले प्रदूषक तत्वों के तितर-बितर होने की संभावना है।

दिल्ली में पार्टिकुलेट मैटर प्रदूषण के स्रोतों की पहचान करने वाले 'डिसीजन सपोर्ट सिस्टम' के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को 38 फीसदी प्रदूषण के लिए पड़ोसी राज्यों, विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा में पराली जलाए जाने से निकला धुआं जिम्मेदार था। शहर में प्रदूषण के स्तर में पराली जलाने की घटनाओं का योगदान गुरुवार को 27 फीसदी रहा, जबकि शुक्रवार को इसके 16 फीसदी रहने का अनुमान है। आंकड़ों में परिवहन को भी वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण बताया गया है, जो दिल्ली की बिगड़ती आबोहवा में 12 से 14 फीसदी का योगदान दे रहा है।

दिल्ली सरकार शहर में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर से निपटने के लिए 20 या 21 नवंबर को कृत्रिम बारिश की प्रक्रिया अपनाने की योजना बना रही है। इससे संबंधित एक प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट को सौंपा जाएगा, जो वायु प्रदूषण बढ़ने की समस्या से जुड़ी कई याचिकाओं की सुनवाई कर रही है। 

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