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दिल्ली : बिजली मीटर के लोड के हिसाब से देना होगा पैसा

दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं को केवल बढ़े लोड का ही पैसा देना होगा। बिजली कंपनियां उपभोक्ता से शून्य से लेकर बढ़े लोड तक का पूरा पैसा नहीं वसूल सकेंगी। इसके लिए दिल्ली सरकार के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने बुधवार को नीति बनाने के आदेश दिए हैं। दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग जुलाई तक इस नीति को लागू कर देगा।  

ऊर्जा मंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार के पास लगातार शिकायतें आ रही थी कि लोड बढ़ जाने से उपभोक्ताओं को 2-3 लाख रुपये तक के बिल देने पड़ रहे हैं।  

ये बड़े उपभोक्ता है। लेकिन, इस प्रकार की शिकायतें उन्हें छोटे घरेलू उपभोक्ताओं से भी मिल रही हैं। इसमें शिकायत थी कि जैसे ही किसी उपभोक्ता का बिजली लोड 3 किलोवॉट से 5 किलोवॉट होता है तो बिजली कंपनियां उपभोक्ता से पूरा शुल्क वसूल करती हैं, जबकि तीन किलोवॉट तक के लोड का शुल्क उपभोक्ता पहले ही दे चुका है तो उससे केवल दो किलोवॉट का ही शुल्क लिया जाना चाहिए। व्यवस्था लागू करने के लिए दिल्ली सरकार ने र्डीईआरसी को आदेश जारी किए हैं। इससे घरेलू व व्यावसायिक दोनों श्रेणी के उपभोक्ताओं को लाभ होगा। इस जमा राशि पर उपभोक्ता को 8 प्रतिशत की दर से ब्याज भी दिया जाता है।  

कैसे लागू होता है फिक्स चार्ज

सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 5 श्रेणी में फिक्स लोड चार्ज निर्धारित किए हैं। अपने लोड के हिसाब से उपभोक्ता को यह शुल्क प्रतिमाह किलोवाट के हिसाब से देना होता है। इसके बाद बिल में उपभोक्ता द्वारा की गई खपत को शामिल कर आखिरी बिल तैयार होता है। किसी घरेलू उपभोक्ता की खपत कम है तो उसे दो किलोवाट तक का मीटर लोड दिया जाता है। एसी से लोड 5 किलोवाट तक पहुंच जाता है। उपभोक्ता का लोड तीन किलोवाट बढ़ गया।नई व्यवस्था में केवल उपभोक्ता से बढ़े हुए लोड यानी तीन किलोवाट के ही पैसे लिए जाएंगे। शून्य से 2 किलोवाट का शुल्क दोबारा नहीं वसूला जा सकता। 

क्या है फिक्स चार्ज

श्रेणी किलोवाट       शुल्क 

0-2                      125

2-5                      140

5-15                    175

15-25                  200

25 से अधिक         250 

प्रति किलोवोट रुपये में

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  • Web Title:Bill will be paid According to the load of electricity meter in Delhi