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शादी हो या बर्थडे पार्टी; गाजियाबाद में DJ पर इस नियम का करना होगा पालन

गाजियाबाद के बैंक्वेट हॉल में शादी या किसी अन्य समारोहों में अब खुले क्षेत्र में तेज ध्वनि वाले डीजे या अन्य म्यूजिक उपकरण नहीं बजेगा। एनजीटी के हस्तक्षेप के बाद रोक। पुलिस को नियम लागू कराने का आदेश।

शादी हो या बर्थडे पार्टी; गाजियाबाद में DJ पर इस नियम का करना होगा पालन
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Sudhir Jhaप्रभात कुमार,नई दिल्लीTue, 18 Jun 2024 08:25 AM
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गाजियाबाद के बैंक्वेट हॉल में शादी या किसी अन्य समारोहों में अब खुले क्षेत्र में तेज ध्वनि वाले डीजे या अन्य म्यूजिक उपकरण नहीं बजेगा। ध्वनि प्रदूषण से परेशानियों के मद्देनजर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के हस्तक्षेप के बाद उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने रोक लगाने का निर्देश दिया है।

एनजीटी प्रमुख जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और विशेष सदस्य ए. सेंथिल वेल और अफरोज अहमद की पीठ के समक्ष पेश अपनी रिपोर्ट में यूपीपीसीबी ने यह जानकारी दी है।

पीठ ने 5 मार्च को 12वीं कक्षा की एक छात्रा की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए यूपीपीसीबी को ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ समुचित कदम उठाने का आदेश दिया था। छात्रा ने कहा था कि सोसाइटी के पास बने एक बैंक्वेट हॉल में शादी व अन्य समारोहों में बहुत तेज म्यूजिक बजाया जाता है। इससे वह बोर्ड परीक्षा की तैयारी नहीं कर पा रही है।

यूपीपीसीबी ने एनजीटी में रिपोर्ट पेश करते हुए कहा है कि बैंक्वेट हॉल का निरीक्षण किया गया, लेकिन आसपास के ध्वनि के स्तर को मापा नहीं जा सका। क्योंकि वहां कोई समारोह आयोजित नहीं हो रहा था। हालांकि यह भी कहा कि समारोह आयोजित होने पर डीजे या तेज आवाज वाले म्यूजिक उपकरण से आसपास के ध्वनि प्रदूषण का स्तर बढ़ेगा। ऐसे में यह निर्देश दिया गया है कि शादी या किसी अन्य कार्यक्रमों में डीजे और शोर बढ़ाने वाले म्यूजिक उपकरणों को खुले क्षेत्र/लॉन में इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी जाए। किसी समारोह में डीजे या किसी भी तरह के शोर मचाने वाले साधनों का इस्तेमाल बंद हॉल में ही करने की इजाजत दी जाए। पुलिस को इस संबंध में सख्त कार्रवाई करने को भी कहा गया है।

पुलिस उपायुक्त को निर्देश देने का आग्रह
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एनजीटी को पेश की गई रिपोर्ट में कहा है कि गाजियाबाद पुलिस उपायुक्त को जिले में समुचित कदम उठाने तथा विभिन्न समारोहों के दौरान लाउडस्पीकर तथा ध्वनि उत्पन्न करने वाले उपकरणों के उपयोग पर प्रतिबंधों का प्रभावी तरीके से पालन करने का आदेश देने की मांग की है। यातायात जाम को भी ध्वनि प्रदूषण का एक प्रमुख कारण माना गया है। गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में रहने वाली सौम्या सिंह ने एनजीटी में शिकायत दाखिल कर इस समस्या की ओर ध्यान खींचा था।