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गुरुग्राम में दो बिल्डरों की परियोजनाओं में खरीद और बिक्री पर लगी रोक, जानिए क्या है इसकी वजह

गुरुग्राम जिला उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने कहा कि संरचनात्मक ऑडिट की फीस जमा नहीं करवाने पर दो बिल्डर की संपत्ति की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाई है। इस सिलसिले में तहसीलदार को आदेश जारी कर दिए हैं।

गुरुग्राम में दो बिल्डरों की परियोजनाओं में खरीद और बिक्री पर लगी रोक, जानिए क्या है इसकी वजह
Praveen Sharmaगुरुग्राम। हिन्दुस्तानTue, 21 May 2024 12:54 PM
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गुरुग्राम में स्ट्रक्चरल ऑडिट में सहयोग नहीं करने पर जिला उपायुक्त ने दो बिल्डरों की परियोजनाओं में खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी है। इसमें डीएलएफ और रहेजा बिल्डर शामिल हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने सेक्टर-54 स्थित डीएलएफ पार्क प्लेस, सेक्टर-108 स्थित रहेजा वेदांता और सेक्टर-109 स्थित रहेजा अथर्वा में स्ट्रक्चरल ऑडिट करवाने में आ रहे खर्च की राशि को कई बार नोटिस देने पर भी नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के डीटीपीई कार्यालय में जमा नहीं करवाया है। डीटीपीई की सिफारिश के बाद जिला उपायुक्त ने यह कदम उठाया है। दोनों बिल्डर जब तक ऑडिट राशि जमा नहीं करवा देते हैं, तब तक यह रोक रहेगी।

सेक्टर-109 में चिंटल्स पैराडाइसो हादसे के बाद जिला प्रशासन के पास करीब 70 रिहायशी सोसाइटियों के निवासियों ने स्ट्रक्चरल ऑडिट करवाने की मांग को उठाया था। पहले चरण में जिला प्रशासन ने 15 रिहायशी सोसाइटियों का चयन किया था। उपरोक्त तीनों सोसाइटियों में हरियाणा सरकार की तरफ से नियुक्त सलाहकार कंपनियों ने निरीक्षण किया था। इसके पश्चात कुछ टेस्ट करवाने की सिफारिश की थी। इन टेस्ट की एवज में डीएलएफ ने 61 लाख 36 हजार 387 रुपये, रहेजा ने वेदांता सोसाइटी को लेकर 56 लाख 87 हजार 104 रुपये व अथर्वा सोसायटी को लेकर 20 लाख 41 हजार 573 रुपये जमा करवाने हैं।

आठ माह से नोटिस देने के बावजूद जब राशि जमा नहीं करवाई तो डीटीपीई ने जिला उपायुक्त को पत्र लिखकर इन बिल्डर की संपत्ति से इस राशि को वसूल करने का आग्रह किया था।

रिपोर्ट नहीं देने पर तीन बिल्डर को नोटिस : गत 15 फरवरी को जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। इसमें स्पेज टावर्स प्राइवेट लिमिटेड ने सेक्टर-72 स्थित स्पेज प्रिवी सोसाइटी, एडवांस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने सेक्टर 70ए स्थित द पिसफुल होम्स और सेंट्रल पार्क बिल्डर ने सेक्टर-48 स्थित सेंट्रल पार्क रिजोर्ट का स्ट्रक्चरल ऑडिट दो महीने के अंदर खुद करवाने की बात कही थी। अब तीन महीने बीतने के बावजूद इन तीनों बिल्डर ने स्ट्रक्चरल ऑडिट के बारे में डीटीपीई कार्यालय को अवगत नहीं करवाया है।

ऐसे में डीटीपीई ने सोमवार को नोटिस देकर एक सप्ताह में स्ट्रक्चरल ऑडिट की रिपोर्ट सौंपने के आदेश जारी किए हैं। ऐसा नहीं होने पर इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इनकी संपत्ति की खरीद-फरोख्त पर भी रोक लग सकती है।

आरडब्ल्यूए ऑडिट अपने स्तर पर करवा रही

तीन बिल्डर ने डीटीपीई कार्यालय को अपने स्तर पर स्ट्रक्चरल ऑडिट करवाने की बात कही थी। इनमें सेक्टर-109 स्थित ब्रिस्क लुंबनी, सेक्टर-107 स्थित सिग्नेचर सोलेरा और सेक्टर-110ए स्थित महेंद्रा ओरा शामिल है। इनकी ऑडिट रिपोर्ट डीटीपीई कार्यालय में पहुंच चुकी है, जिसकी जांच चल रही है। वहीं सेक्टर-84 स्थित आंतरिक्ष हाइट्स, सेक्टर-82 स्थित मैप्सको कासाबेला, सेक्टर-82 स्थित मैप्सको रॉयल विला और मैप्सको पैराडाइज, सेक्टर-107 स्थित एम3एम वुडशायर ने ऑडिट फीस डीटीपीई कार्यालय में जमा करवा दी है, जिनका ऑडिट चल रहा है।

इन्हें भी नोटिस मिलेगा

सेक्टर-70ए स्थित पारस आईरीन और सेक्टर-70 स्थित ट्यूलिप आईवरी के बिल्डर ने भी स्ट्रक्चरल ऑडिट को लेकर राशि जमा नहीं करवाई है। इनकी तरफ से ऑडिट राशि अधिक होने की बात कही थी। स्थिति स्पष्ट करने के बाद भी राशि जमा नहीं हुई। न ही इन्होंने खुद स्ट्रक्चरल ऑडिट करवाकर रिपोर्ट डीटीपीई कार्यालय में सौंपी। ऐसे में इन्हें जल्द डीटीपीई कार्यालय की तरफ से नोटिस दिया जाएगा।

क्या कहते हैं अधिकारी

गुरुग्राम जिला उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने कहा कि संरचनात्मक ऑडिट की फीस जमा नहीं करवाने पर दो बिल्डर की संपत्ति की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाई है। इस सिलसिले में तहसीलदार को आदेश जारी कर दिए हैं।

नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के डीटीपीई मनीष यादव ने कहा कि तीन बिल्डर ने खुद संरचनात्मक ऑडिट करने की बात कही थी, लेकिन तीन माह बाद भी ऑडिट रिपोर्ट नहीं दी। इन्हें सात दिन में रिपोर्ट देने का नोटिस दिया है। वहीं, दो बिल्डर को भी नोटिस दिया है।