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दिल्ली बेबी केयर अस्पताल का मालिक गिरफ्तार, कैसे खतरे में डाली मासूमों की जान; पूछताछ कर रही पुलिस

हादसे के बाद से ही नवीन खीची फरार बताया जा रहा था और पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। उसके अस्पताल पर पहले भी लापरवाही बरतने के आरोप लग चुके हैं।

दिल्ली बेबी केयर अस्पताल का मालिक गिरफ्तार, कैसे खतरे में डाली मासूमों की जान; पूछताछ कर रही पुलिस
Aditi Sharmaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSun, 26 May 2024 07:09 PM
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दिल्ली के बेबी केयर अस्पताल के मालिक को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। उसकी पहचान डॉ नवीन खीची के तौर पर हुई है। हादसे के बाद से ही नवीन खीची फरार बताया जा रहा था और पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।उस पर इलाज के दौरान एक नवजात को नुकसान पहुंचाने का आरोप है और उसके पास अस्पताल चलाने की एनओसी भी नहीं थी। पुलिस फिलहाल नवीन खीची से पूछताछ कर मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। बताया जा रहा है कि विवेक विहार में स्थित बेबी केयर अस्पताल के अलावा उसके और भी कई अस्पताल थे जहां बच्चों का ही इलाज होता था।

शनिवार रात करीब 11.30 बजे विवेक विहार स्थित बेबी केयर अस्पताल में आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते आसपास की दुकानों में भी फैल गई। सूचना मिलते ही फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची और अन्य स्थानीय लोगों के साथ मिलकर अस्पताल में मौजूद 12 बच्चों को बाहर निकाला। इन बच्चों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया जिनमें 6 को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया और एक की इलाज के दौरान मौत हो गई। 

ऑक्सीजन सिलेंडर फटने से हुए धमाके

दिल्ली अग्निशमन विभाग के डायरेक्टर अतुल गर्ग ने कहा कि यह सबसे अधिक संभावना है कि अधिकारियों के पास एनओसी नहीं था। दिल्ली पुलिस ने आरोपी नवीन खीची के खिलाफ विवेक विहार थाने में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 336 (दूसरों की जान खतरे में डालने वाला कार्य) और 304ए (लापरवाही से मौत का कारण बनना) के तहत मामला दर्ज किया है। हादसे के बाद से ही नवीन फरार था। लेकिन अब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।  उन्होंने बताया कि अस्पताल में कुछ ऑक्सीजन सिलेंडर भी थे जिनके चलते धमाके भी हुए। 

उन्हेंने बताया, रात 11:32 बजे, हमें फोन आया कि बेबी केयर अस्पताल में आग लग गई है। हमने शुरुआत में सात दमकल गाड़ियां भेजीं और बाद में पांच और गाड़ियां भेजीं। हमने बहुत मेहनत की और 12 बच्चों को बचाया। बाद में हमें पता चला कि वहां छोटे-छोटे बच्चे थे जिनमें करीब छह बच्चों की मौत हो गई।