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जिनके भरोसे अस्पताल में भर्ती थे बच्चे, आग लगते ही सबसे पहले भागे; 7 की गई जान

दिल्ली के विवेक विहार स्थित न्यू बॉर्न बेबी केयर अस्पताल में शनिवार देर रात भीषण आग लग गई। हादसे में सात नवजातों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच बच्चों का इलाज दूसरे अस्पताल में चल रहा है।

जिनके भरोसे अस्पताल में भर्ती थे बच्चे, आग लगते ही सबसे पहले भागे; 7 की गई जान
baby care hospital
Sudhir Jhaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीMon, 27 May 2024 09:34 AM
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दिल्ली के शाहदरा जिले के विवेक विहार स्थित न्यू बॉर्न बेबी केयर अस्पताल में शनिवार देर रात भीषण आग लग गई। हादसे में सात नवजातों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच बच्चों का इलाज दूसरे अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने अस्पताल के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है, उसके खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।

यह घटना शनिवार रात करीब 1130 बजे हुई। चाइल्ड केयर सेंटर इमारत की पहली मंजिल पर चल रहा था। शुरुआती जांच में सामने आया कि यहां भूतल पर अवैध तरीके से ऑक्सीजन के सिलेंडरों की रिफिलिंग का काम होता था। यहीं सिलेंडर में विस्फोट हुआ और आग फैल गई। एक के बाद एक करीब आठ सिलेंडर फटे। इससे आग आसपास की दो अन्य इमारतों में भी फैल गई।

धमाके की आवाज सुनते ही आसपास के लोग अस्पताल की ओर दौड़े। कुछ स्थानीय निवासियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए पीछे से खिड़की का शीशा तोड़ इमारत में प्रवेश किया और 12 शिशुओं को वहां से निकाला। इतनी देर में वहां दमकल विभाग की टीम भी पहुंच गई। दमकल की 16 गाड़ियों ने करीब सवा घंटे में आग पर काबू पा लिया। इस बीच सेंटर से निकाले गए बच्चों को अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचाया गया। 

भाग गया अस्पताल का स्टाफ
जिस अस्पताल को मां-बाप अपने बच्चे की सेहत ठीक करने के लिए देकर आए थे। जिस अस्पताल के नाम में ही केयर जुड़ा है उस पर उन्हें यह तो जरूर भरोसा रहा होगा कि उनके बच्चे का पूरा ध्यान रखा जाएगा। लेकिन आग लगते ही अस्पताल के कर्मचारियों को सिर्फ अपने केयर की चिंता रही। चीख-पुकार के बीच तीमारदार अपने बच्चों को सुरक्षित निकालने के लिए अस्पताल कर्मियों से मिन्नतें करने लगे, लेकिन किसी ने एक न सुनी। जिस वक्त आग लगी अस्पताल में 9 कर्माचीर मौजूद थे, लेकिन वे अपनी जान बचाकर भाग गए। यदि उन्होंने बच्चों को अपने साथ निकालने का प्रयास किया होता तो शायद किसी मां की कोख आज सूनी ना हुई होती।

हर नियम ताक पर
● अस्पताल के लाइसेंस की अवधि समाप्त हो चुकी थी।
● केवल पांच शिशुओं की मंजूरी थी, घटना के वक्त 12 शिशु भर्ती थे।
● यहां कोई प्रशिक्षित डॉक्टर नहीं था। बीएएमएस के भरोसे सबकुछ।
● ना आग बुझाने का इंतजाम, न ही इमरजेंसी में भागने का रास्ता।
● अवैध तरीके से अस्पताल के नीचे ऑक्सीजन सिलेंडर भरे जा रहे थे।

अस्पताल का मालिक गिरफ्तार 
पुलिस ने दो लोगों अस्पताल संचालक डॉ. नवीन के अलावा हादसे के समय ड्यूटी पर मौजूद डॉ. आकाश को गिरफ्तार किया है।

दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा केजरीवाल
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पूर्वी दिल्ली में बच्चों के एक अस्पताल में आग लगने की घटना हृदय विदारक है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में कहा कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।