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सावधान! दिसंबर से एम्बुलेंस का रास्ता रोकने पर लगेगा 10 हजार रुपये जुर्माना, ट्रैफिक पुलिस कर रही तैयारी

सड़क पर एम्बुलेंस को रास्ता नहीं देना आपको महंगा पड़ सकता है। गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने चेतावनी दी है कि 1 दिसंबर से एम्बुलेंस को रास्ता नहीं देने वाले वाहनों का चालान किया जा सकता है।

सावधान! दिसंबर से एम्बुलेंस का रास्ता रोकने पर लगेगा 10 हजार रुपये जुर्माना, ट्रैफिक पुलिस कर रही तैयारी
Praveen Sharmaगुरुग्राम। लाइव हिन्दुस्तानSun, 05 Nov 2023 10:21 AM
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सड़क पर एम्बुलेंस को रास्ता नहीं देना आपको महंगा पड़ सकता है। गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने चेतावनी दी है कि 1 दिसंबर से एम्बुलेंस को रास्ता नहीं देने वाले वाहनों का चालान किया जा सकता है। पुलिस ने कहा कि उन्होंने ऐसे वाहन चालकों पर जुर्माना लगाने का फैसला किया है, क्योंकि ऐसा देखा गया है कि एम्बुलेंस लंबे समय तक ट्रैफिक में फंसी रहती हैं, जिससे गंभीर हालत वाले मरीजों के इमरजेंसी इलाज में देरी होती है। हालांकि, मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 196ई के तहत पुलिस को एम्बुलेंस का रास्ता रोकने वाले किसी भी वाहन पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगा सकती है, लेकिन शहर में शायद ही अब तक यह नियम लागू किया गया हो। बता दें कि, 2019 में अपराध के लिए चालान की राशि बढ़ाकर 100 रुपये से 10,000 रुपये कर दी गई थी।

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, डीसीपी (ट्रैफिक) वीरेंद्र विज ने कहा कि जब किसी वाहन को पीछे से कोई एम्बुलेंस आती दिखे तो उसे सड़क के बिल्कुल बाईं ओर जाना चाहिए। “हम पहले यात्रियों को इस नियम के बारे में शिक्षित करेंगे। 1 दिसंबर से, हम जुर्माना लगाना शुरू कर देंगे।”

चीफ मेडिकल ऑफिसर वीरेंद्र यादव ने कहा कि एंबुलेंस को जरूर रास्ता देना चाहिए, क्योंकि संकट में फंसे मरीज के लिए एक-एक मिनट बेहत कीमती होता है। उन्होंने कहा, ''कोई एम्बुलेंस एक ऐसे मरीज को ले जा रही हो सकती है, जिसे हार्ट अटैक आया हो और उसे तुरंत इलाज की जरूरत हो। यह एक हेल्थ इमरजेंसी है, कुछ मिनटों की देरी भी मरीज के लिए घातक हो सकती है।''

एम्बुलेंस, फायर टेंडर, पीसीआर वैन और रेस्क्यू कारें इमरजेंसी वाहन हैं, जो सायरन और फ्लैशलाइट से सुसज्जित हैं। उन्हें रेड लाइट पर भी रुकने की जरूरत नहीं होती है।

- वकील मनीष शांडिल्य ने कहा, “एक कानून है जो एम्बुलेंस, फायर टेंडर या किसी अन्य आपातकालीन वाहन के लिए फ्री मार्ग को अनिवार्य बनाता है। अन्य वाहनों को सड़क के बाईं ओर जाना चाहिए और उनका रास्ता अवरुद्ध नहीं करना चाहिए।”

- एम्बुलेंस ऑपरेटरों ने दावा किया कि सड़क पर चलने वाले अधिकांश वाहन चालकों में सड़क अनुशासन की कमी है। एम्बुलेंस चालक सतीश यादव ने कहा, “जब तक हम बार-बार हॉर्न नहीं दबाते, ज्यादातर लोग एंबुलेंस को रास्ता नहीं देते। ट्रैफिक सिग्नल पर, किसी भी अन्य वाहन की तरह एक एम्बुलेंस भी फंस जाती है।” 

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