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'कागज पर ही चल रही थी नूरा कुश्ती, सारे तथ्य...'; मुख्य सचिव मामले पर आतिशी ने AK को दी सप्लीमेंट्री रिपोर्ट

दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार में सतर्कता मंंत्री आतिशी ने चीफ सेक्रेटरी नरेश कुमार से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आज एक और सप्लीमेंट्री रिपोर्ट सौंप दी है।

'कागज पर ही चल रही थी नूरा कुश्ती, सारे तथ्य...'; मुख्य सचिव मामले पर आतिशी ने AK को दी सप्लीमेंट्री रिपोर्ट
Praveen Sharmaनई दिल्ली। बृजेश सिंहWed, 22 Nov 2023 01:43 PM
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दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार में सतर्कता मंंत्री आतिशी ने चीफ सेक्रेटरी नरेश कुमार से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आज एक सप्लीमेंट्री रिपोर्ट सौंप दी है। इससे पहले मुख्यमंत्री केजरीवाल ने उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को रिपोर्ट भेजकर चीफ सेक्रेटरी को हटाने और सस्पेंड करने की सिफारिश की थी। हालांकि, एलजी ने दिल्ली सरकार की पहली रिपोर्ट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था। 

आतिशी ने इस सप्लीमेंट्री रिपोर्ट में दावा किया है कि चीफ सेक्रेटरी ने डीएम के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया। उन्होंने कहा कि कागज पर ही नूरा कुश्ती चल रही थी और सारे तथ्य जानते हुए भी डीएम को सस्पेंड नहीं किया। चीफ सेक्रेटरी ने डीएम को बचाने की पूरी कोशिश की। 

आतिशी ने कहा कि चीफ सेक्रेटरी के बेटे की कंपनी को फायदा मिला, इसकी असलियत सामने लाने के लिए सीबीआई-ईडी की जांच जरूरी है। जांच होने तक चीफ सेक्रेटरी को सस्पेंड करना जरूरी है।

बता दें कि, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कार्यालय ने सतर्कता मंत्री की 670 पन्नों की रिपोर्ट बीते बुधवार को उपराज्यपाल को सौंपी थी। रिपोर्ट में बामनौली भूमि अधिग्रहण के विषय में मुख्य सचिव नरेश कुमार पर 'प्रथम दृष्टया मिलीभगत' का आरोप लगाया गया है और दावा किया गया है कि मामले में 'अनुचित लाभ' 897 करोड़ रुपये से ज्यादा का है।  

बामनौली भूमि अधिग्रहण में कथित भ्रष्टाचार का है आरोप

न्यूज एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने बीते रविवार को सतर्कता मंत्री आतिशी की उस रिपोर्ट पर विचार करने से इनकार कर दिया था, जिसमें बामनौली भूमि अधिग्रहण मामले में मुख्य सचिव नरेश कुमार की 'प्रथम दृष्टया संलिप्तता' का आरोप लगाया गया है। राज निवास के सूत्रों ने कहा कि रिपोर्ट पर विचार करने से यह कहते हुए इनकार कर दिया गया कि यह 'पूरी तरह से मंत्री के पूर्वाग्रह पर आधारित' प्रतीत होती है।

वहीं, दिल्ली सरकार ने कहा कि उपराज्यपाल को 'मामले में सीबीआई की निष्पक्ष जांच की अनुमति देनी चाहिए और मामले को लेकर पूर्वाग्रह अपनाने तथा कुछ व्यक्तियों के प्रति लगाव के कारण उन्हें बचाने से बचना चाहिए।'

एलजी ने रिपोर्ट मीडिया में लीक होने का किया था दावा

सक्सेना ने सरकार द्वारा उन्हें सौंपी गई रिपोर्ट पर अपनी टिप्पणी में कहा कि इस रिपोर्ट से 'जारी जांच में मदद मिलने के बजाय उसमें बाधा पैदा हो सकती है।' उन्होंने फाइल में की गई टिप्पणी में कहा, ''मुझे माननीय (सतर्कता) मंत्री द्वारा प्रस्तुत और माननीय मुख्यमंत्री द्वारा समर्थित 'शिकायतों' पर 'प्रारंभिक रिपोर्ट' मिली है। यह आश्चर्यजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है कि सतर्कता से संबंधित संवेदनशील मामलों से जुड़ी यह रिपोर्ट गोपनीय लिफाफे में मेरे सचिवालय को भेजी गई है, लेकिन यह पहले से ही सार्वजनिक हो चुकी है और इसकी डिजिटल/इलेक्ट्रॉनिक प्रतियां खुले तौर पर उपलब्ध हैं तथा इसके विवरण के बारे में मीडिया में व्यापक रूप से खबरें प्रसारित की गई हैं।''

इसमें कहा गया है कि रिपोर्ट का चुनिंदा हिस्सा मीडिया में कथित तौर पर लीक हो गया है, जिसे देखते हुए प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि इस कथित जांच का मकसद सच्चाई का पता लगाना नहीं, बल्कि 'मीडिया ट्रायल' शुरू करना है और इस पूरे मुद्दे का राजनीतिकरण करना है, जबकि यह मामला सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित है। उन्होंने कहा, ''कोई भी यह सोचने पर मजबूर हो सकता है कि क्या यह सार्वजनिक पूर्वाग्रह पैदा करने जैसा नहीं है, जिसका उद्देश्य माननीय अदालतों को प्रभावित करना है।'' सक्सेना ने कहा कि इस मामले की जांच सीबीआई पहले से ही कर रही है।

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