अतीक-अशरफ मर्डर का भी तिहाड़ जेल और गोगी गैंग से कनेक्शन? टिल्लू ताजपुरिया की हत्या के बाद खुला राज
तिहाड़ जेल में गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की हत्या किए जाने के बाद अब उत्तर प्रदेश के माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के तार भी तिहाड़ जेल और गोगी गैंग से जुड़ते दिख रहे हैं।

दिल्ली की तिहाड़ जेल में आज गैंगवॉर में गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की हत्या किए जाने के बाद अब उत्तर प्रदेश के माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के तार भी तिहाड़ जेल और गोगी गैंग से जुड़ते दिख रहे हैं। टिल्लू ताजपुरिया पर रोहिणी कोर्ट में गैंगस्टर जितेंद्र गोगी का मर्डर करवाने का आरोप था और उसी का बदला लेने के लिए ही गोगी गैंग के चार गुर्गों ने हाई सिक्योरिटी जेल के अंदर घुसकर टिल्लू ताजपुरिया की बेरहमी से हत्या कर दी।
बताया जा रहा है बीते माह 15 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की तीन हमलावरों द्वारा अस्पताल परिसर के अंदर तुर्की में बनी करीब 8 लाख रुपये कीमत वाली जिगाना पिस्टल से गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। अतीक मामले की जांच में सामने आया था की लॉरेंस और गोगी गैंग ने ही तीनों हमलावरों में से एक आरोपी को जिगाना पिस्टल मुहैया कराई थीं।
सूत्रों ने बताया है कि गोगी गैंग ने लॉरेंस बिश्नोई से हाथ मिला लिया था। इसके बाद लॉरेंस ने ही गोगी गैंग को 8 जिगाना पिस्तौल दी थींं। वहीं, अतीक और अशरफ मर्डर के तीन आरोपियों में से एक उत्तर प्रदेश के ही हमीरपुर का रहने वाला मोहित उर्फ सनी सिंह गोगी गैंग के संपर्क में था। अतीक हत्याकांड को अंजाम देने के लिए 3 जिगाना पिस्टल मुहैया कराई थीं। सनी की दोस्ती पश्चिमी उत्तर प्रदेश के माफिया सुंदर भाटी से भी थी।
अपराध की दुनिया में अपनी पहचान बनाना चाहते थे हमलावर
माफिया डॉन से राजनेता बने अतीक अहमद (60) और उसके भाई अशरफ की हत्या के मामले में पकड़े गए तीनों आरोपियों लवलेश तिवारी (बांदा), मोहित उर्फ सनी (हमीरपुर) और अरुण मौर्य (कासगंज-एटा) ने पूछताछ के दौरान पुलिस से कहा था कि वे अतीक और अशरफ गिरोह का सफाया कर प्रदेश में अपनी पहचान बनाना चाहते थे।
एफआईआर के अनुसार, पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने कहा, ''हम अतीक और अशरफ गिरोह का सफाया कर प्रदेश में अपने नाम की पहचान बनाना चाहते थे, जिसका लाभ भविष्य में निश्चित रूप से मिलता। हम पुलिस के घेरे का अनुमान नहीं लगा पाए और हत्या करने के बाद भागने में सफल नहीं हो पाए। पुलिस की तेजी से की गई कार्रवाई में हम लोग पकड़े गए।''
आरोपियों ने कहा, ''जब से हमें अतीक व अशरफ को पुलिस हिरासत में भेजे जाने की सूचना मिली थी, हम तभी से मीडियाकर्मी बनकर यहां की स्थानीय मीडिया की भीड़ में रहकर इन दोनों को मारने की फिराक में थे, लेकिन सही समय और मौका नहीं मिल पाया। मौका मिलने पर हमने घटना को अंजाम दे दिया।''
गौरतलब है कि टिल्लू ताजपुरिया पर रोहिणी कोर्ट में गैंगस्टर जितेंद्र गोगी का मर्डर करवाने का आरोप था और उसी का बदला लेने के लिए ही गोगी गैंग के चार गुर्गों ने हाई सिक्योरिटी जेल के अंदर घुसकर टिल्लू ताजपुरिया की बेरहमी से हत्या कर दी।




