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केजरीवाल को SC ने दी जमानत के लिए ट्रायल कोर्ट जाने की छूट, क्या-क्या दी गईं दलीलें

कथित शराब घोटाले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। केजरीवाल ने अपनी गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इससे पहले उन्हें हाईकोर्ट से झटका लगा था।

केजरीवाल को SC ने दी जमानत के लिए ट्रायल कोर्ट जाने की छूट, क्या-क्या दी गईं दलीलें
Sudhir Jhaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीFri, 17 May 2024 05:39 PM
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कथित शराब घोटाले में गिरफ्तारी के खिलाफ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ओर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। प्रवर्तन निदेशालय की ओर से 21 मार्च को गिरफ्तार किए गए केजरीवाल ने जांच एजेंसी की कार्रवाई को अवैध बताते हुए देश की सबसे बड़ी अदालत का दरवाजा खटखटाया है। जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट दोनों पक्षों को अतरिक्त हलफनामा दायर करने के लिए एक सप्ताह का समय भी दिया है। कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल जमानत के लिए ट्रायल कोर्ट जा सकते हैं। ईडी की ओर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल एसवी राजू ने पक्ष रखा। अरविंद केजरीवाल की तरफ से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए।

अब AAP भी आरोपी: ED
एएसजी ने कोर्ट को बताया कि आम आदमी पार्टी को भी शराब घोटाले में आरोपी बना दिया गया है। इसके लिए आज ही चार्जशीट दायर की जा रही है। गौरतलब है कि ईडी का दावा है कि कथित शराब घोटाले से मिली रिश्वत की रकम का फायदा आम आदमी पार्टी को भी मिला। जांच एजेंसी का कहना है कि पार्टी ने गोवा चुनाव प्रचार में घोटाले से मिली रकम का इस्तेमाल किया।

गिरफ्तारी पर दोषी दिखाने को हो सामग्री: SC
जस्टिस खन्ना ने कहा कि आपका (ईडी) केस है कि हमारे पास सामग्री है। लेकिन सामान्य तौर पर जांच अधिकारी को तब तक गिरफ्तार नहीं करना चाहिए जब तक 'दोषी' दिखाने को पर्याप्त सामग्री ना हो। यह स्टैंटर्ड होना चाहिए। एएसजी ने कहा कि आईओ पर कोई दबाव नहीं डाल सकता। जांच अधिकारी का यह कर्तव्य है कि वह विचार बनाए। हो सकता है कि दूसरे जांच अधिकारी का विचार अलग हो। लेकिन यह आधार नहीं हो सकता है।

दबाव डालकर बयान दिलवाया गया: सिंघवी
जस्टिस खन्ना ने अरविंद केजरीवाल के वकील को अपनी दलीलें रखने को कहा। सिंघवी ने कहा कि सवाल इस बात का है कि आप दोनों वर्जन को कितना वजन देंगे। एक तरफ दोषी बताने वाला एक बयान है और दूसरी तरफ 9 बयान जिसमें नाम नहीं लिया गया। लेकिन उन्हें 0 वजन दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अत्यधिक दबाव डालकर बयान दिलवाए गए।

सिंघवी बोले- गिरफ्तारी का आधार नहीं
जस्टिस खन्ना ने कहा- वे (ईडी) कह रहे हैं कि उनके पास आंध्र प्रदेश से गोवा चुनाव तक हवाला ट्रांसफर के सबूत हैं। सिंघवी ने कहा कि उनके पास गिरफ्तारी का रत्तीभर आधार नहीं है। एएसजी ने आपत्ति जाहिर की तो सिंघवी ने कहा कि यह बेचैनी क्यों। 

मैं आरोपी नहीं था, फिर गिरफ्तार कर लिया: केजरीवाल
सिंघवी ने केजरीवाल की तरफ से कहा, '30 अक्टूबर 2023 को मैं आरोपी नहीं था, जब पहला समन दिया गया। ईडी ने जवाब में कहा कि मैं आरोपी नहीं। आखिरी समन 16 मार्च को दिया गया, 21 मार्च को पेशी के लिए। 16 मार्च को भी मैं आरोपी नहीं था। 5 दिन बाद उन्होंने मुझे गिरफ्तार कर लिया।' संघवी ने कहा कि कैसे केजरीवाल अपराध में शामिल हुए या छिपाया, इस पर एक शब्द भी नहीं है। गिरफ्तारी के आधार को लेकर दी गई सांमग्री जुलाई-अगस्त 2023 से पहले की है।

केजरीवाल के खिलाफ चैट वाला सबूत
ईडी ने दावा किया कि उनके पास केजरीवाल और हवाला ऑपरेटर के बीच चैटिंग का सबूत है।