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केजरीवाल का इंतजार, मुलाकात नहीं हुई तो CM स्टाफ को ही नोटिस देकर लौटी दिल्ली पुलिस

दिल्ली पुलिस ने आखिरकार सीएम स्टाफ को ही नोटिस दे दिया है। क्राइम ब्रांच की टीम 5 घंटे के इंतजार के बाद सीएम केजरीवाल के आवास के बाहर से निकल गई है। इससे उपजे सियासी नाटक का पटाक्षेप हो गया है।

केजरीवाल का इंतजार, मुलाकात नहीं हुई तो CM स्टाफ को ही नोटिस देकर लौटी दिल्ली पुलिस
Krishna Singhहिन्दुस्तान,नई दिल्लीSat, 03 Feb 2024 04:37 PM
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर दिल्ली क्राइम ब्रांच के पहुंचने से उपजे सियासी नाटक का पटाक्षेप हो गया है। दिल्ली पुलिस ने आखिरकार सीएम स्टाफ को ही नोटिस दे दिया है। बताया जाता है कि क्राइम ब्रांच की टीम ने 5 घंटे तक इंतजार किया जब उसकी मुलाकात केजरीवाल से नहीं हो पाई तो उसने आखिरकार सीएम स्टाफ को ही नोटिस दिया और मुख्यमंत्री आवास के बाहर से निकल गई।

हिन्दुस्तान संवाददाता के मुताबिक, मुख्यमंत्री स्टाफ ने नोटिस सर्व किया। क्राइम ब्रांच के ACP पंकज अरोड़ा ने मुख्यमंत्री स्टाफ से नोटिस सर्व करवाया। दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री से तीन दिन के भीतर नोटिस का जवाब मांगा है। 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर शनिवार को उस समय सियासी ड्रामा नजर आया जब दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की टीम उन्हें उस दावे पर जांच में शामिल होने के लिए नोटिस देने के लिए दोबारा पहुंची थी जिसमें कहा गया था कि भाजपा आम आदमी पार्टी के विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रही है।

बता दें कि सीएम आवास पर उस समय गतिरोध पैदा हो गया था जब सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) स्तर के अधिकारी के नेतृत्व वाली टीम ने जोर देकर कहा कि वे नोटिस केवल केजरीवाल को सौंपेंगे क्योंकि यह उनके नाम पर है, जबकि सीएम आवास के अधिकारियों का कहना था कि वे नोटिस लेने और रसीद देने के लिए तैयार हैं। 

परिसर के बाहर, कैमरे के सामने आम आदमी पार्टी के नेता जैस्मीन शाह को क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी से उस कानूनी प्रावधान पर स्पष्टीकरण मांगने की कोशिश करते देखा गया जिसके तहत पुलिस अधिकारी केजरीवाल को व्यक्तिगत रूप से नोटिस सौंपने पर जोर दे रहे थे।

इसके बाद जैस्मीन शाह ने एक्स पर अपने पोस्ट में कहा- मैंने सीएम अरविंद केजरीवाल के आवास के प्रवेश द्वार के सामने खड़े दिल्ली पुलिस अधिकारी से एक सरल प्रश्न पूछा: वह किस कानून के तहत सीएम को व्यक्तिगत रूप से नोटिस सौंपने पर जोर दे रहे हैं? उनके पास कोई जवाब नहीं था। स्पष्ट है कि वे सीएम आवास पर सिर्फ ड्रामा करने आए हैं। 

दिल्ली के कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि पुलिस जानबूझकर सीएम कार्यालय को नोटिस नहीं दे रही है। यह मोदी सरकार के लिए बहुत शर्मनाक है। भाजपा आज पूरी तरह से बेनकाब हो गई है। कल, सभी भाजपा प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया था कि सीएम कार्यालय पुलिस का नोटिस नहीं रिसीव कर रहा है। आज, वे बेनकाब हो गए हैं। पुलिस एसीपी जानबूझकर सीएम कार्यालय को नोटिस नहीं दे रहे हैं।

वहीं आप के एक अन्य नेता संदीप पाठक ने कहा- सभी अधिकारियों को अब ना कहना सीखना होगा, चाहे उन्हें (केंद्र से) कितना भी दबाव क्यों न झेलना पड़े। वहीं आप सूत्रों ने दावा किया कि पुलिस मुख्यमंत्री की छवि खराब करने के लिए मीडिया को अपने साथ लेकर आई है।

पिछले हफ्ते, आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया था कि भाजपा ने उसके सात विधायकों को पार्टी छोड़ने के लिए 25-25 करोड़ रुपये की पेशकश की थी, साथ ही केजरीवाल सरकार को गिराने की धमकी भी दी थी। केजरीवाल ने एक्स पर एक पोस्ट कर ये आरोप लगाए थे।

पिछले हफ्ते एक संवाददाता सम्मेलन में आतिशी ने आरोप लगाया था कि भाजपा ने दिल्ली में 'ऑपरेशन लोटस 2.0' शुरू किया है। आरोप लगने के बाद, दिल्ली भाजपा के प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने 30 जनवरी को दिल्ली पुलिस प्रमुख से मुलाकात कर के आरोपों की जांच करने की मांग की थी। क्राइम ब्रांच की एक टीम शुक्रवार को दिल्ली की मंत्री आतिशी के आवास पर भी गई थी, लेकिन वहां वह मौजूद नहीं थीं जिसके कारण उन्हें नोटिस नहीं दिया जा सका था।

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