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आम आदमी से कम नहीं हैं मेरे अधिकार, SC में केजरीवाल ने क्यों कही यह बात

दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े मामले में जेल में बंद अरविंद केजरीवाल की वकील ने सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर गिरफ्तारी को अवैध बताया है। वकील ने ईडी द्वारा चुने गए समय पर भी सवाल उठाया।

आम आदमी से कम नहीं हैं मेरे अधिकार, SC में केजरीवाल ने क्यों कही यह बात
Sneha Baluniहिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 30 Apr 2024 07:46 AM
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दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के वकील ने ईडी द्वारा अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर बहस के दौरान सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि ‘भले ही एक मुख्यमंत्री होने के नाते उन्हें अभियोजन (मुकदमा) से छूट नहीं है, लेकिन उनके अधिकार किसी सामान्य व्यक्ति के अधिकारों से कमतर नहीं हैं।’

जस्टिस संजीव खन्ना और दीपांकर दत्ता की पीठ के समक्ष केजरीवाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने उनकी (केजरीवाल) गिरफ्तारी और ईडी द्वारा चुने गए समय पर भी सवाल उठाया। सिंघवी ने धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 19 का हवाला देते हुए पीठ से कहा कि ईडी द्वारा उनके मुवक्किल की गिरफ्तारी शुरू से ही अवैध थी। सिंघवी ने गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने के बाद ईडी द्वारा गिरफ्तार करने का मकसद उनके मुवक्किल को चुनाव प्रचार से दूर करना था।

जमानत याचिका क्यों दाखिल नहीं की सुनवाई शुरू होने पर जस्टिस संजीव खन्ना ने केजरीवाल के वकील से जानना चाहा कि क्या उन्होंने विशेष अदालत में जमानत याचिका दाखिल की है। इस पर सिंघवी ने कहा कि कोई जमानत याचिका दाखिल नहीं की गई है। जस्टिस खन्ना ने पूछा आपने जमानत याचिका क्यों नहीं दाखिल की। सिंघवी ने कहा कि चूंकि गिरफ्तारी अवैध है, इसलिए जमानत याचिका दाखिल नहीं की गई है।

वकील ने कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाए

सिंघवी ने ईडी द्वारा गिरफ्तारी के लिए अपनाए गए तरीके पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उनके मुवक्किल को आवास से उसी दिन गिरफ्तार किया गया था, जिस दिन दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा अंतरिम राहत से इनकार का मतलब यह नहीं था कि केजरीवाल मामले में ‘दोषी’ थे। सिंघवी ने पीठ से कहा कि यदि मुख्यमंत्री केजरीवाल अपराध के दोषी थे तो ईडी इतने लंबे समय से कार्रवाई क्यों नहीं कर रही थी? उन्होंने पीठ से कहा कि कभी भी पीएमएलए की धारा 50 के तहत बिना गिरफ्तारी का कोई मामला नहीं मिलेगा। एकमात्र अपवाद संजय सिंह थे।