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मेरे प्राण चले जाएं तो गम मत करना; सरेंडर से पहले केजरीवाल की भावुक बातें; प्रताड़ना का डर

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दोबारा जेल जाने से पहले दिल्ली की जनता से भावुक अपील की है। आम आदमी पार्टी के प्रमुख केजरीवाल ने कहा कि जब वह जेल चले जाएं तो लोग उनके माता-पिता का ध्यान रखें।

मेरे प्राण चले जाएं तो गम मत करना; सरेंडर से पहले केजरीवाल की भावुक बातें; प्रताड़ना का डर
arvind kejriwal
Sudhir Jhaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीFri, 31 May 2024 12:33 PM
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दोबारा तिहाड़ जेल जाने से पहले दिल्ली की जनता से एक बार फिर भावुक अपील की है। केजरीवाल ने कहा कि जब वह जेल चले जाएं तो लोग उनके माता-पिता का ध्यान रखें और उनके लिए प्रार्थना करें। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने आशंका जाहिर की कि इस बार उन्हें जेल में और ज्यादा प्रताड़ित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि देश बचाने में उनके प्राण भी चलें जाएं तो लोगों को गम नहीं करना चाहिए।

केजरीवाल ने अंतरिम जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का आभार जताते हुए शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'परसों मुझे सरेंडर करना है। पता नहीं, अब कब तक यह लोग मुझे जेल में रखेंगे, लेकिन यह मुझे तोड़ नहीं सकते। जेल में इन्होंने कई दिनों तक इंसुलिन के इंजेक्शन बंद कर दिए। मेरा वजन कम हो गया। मेरा कीटोन लेवल भी बहुत बढ़ गया है। पता नहीं, यह लोग ऐसा क्यों करना चाहते है। परसों तीन बजे सरेंडर करने के लिए अपने घर से निकलूंगा।'

केजरीवाल ने कहा कि हो सकता है इस बार उन्हें और ज्यादा प्रताड़ित किया जाए। केजरीावल ने दिल्ली के लोगों को भरोसा दिया कि उनका कामकाज नहीं रुकेगा। सीएम ने कहा, 'आप अपना ख्याल रखना। मुझे जेल में आपकी चिंता रहती है। आप खुश रहेंगे तो आपका केजरीवाल भी खुश रहेगा। आपके सारे काम चलते रहेंगे, मैं चाहे जहां रहूं दिल्ली के काम नहीं रुकने दूंगा। आपकी फ्री बिजली, मोहल्ला क्लीनिक, फ्री दवा, फ्री बस यात्रा सभी काम चलते रहेंगे। लौटकर सभी माताओं-बहनों को हर महीने हजार रुपए देने की शुरुआत करूंगा।'

केजरीवाल ने कहा, ''आज मैं आपसे अपने परिवार के लिए कुछ मांगना चाहता हूं। मेरे माता-पिता बहुत बूढ़े हैं। मेरी मां बहुत बीमार रहती हैं। मुझे जेल में उनकी बहुत चिंता रहती है। मेरे पीछे से मेरे माता-पिता का ख्याल रखना और उनके लिए दुआ करना। भगवान से प्रार्थना करना। दुआओं में बड़ी ताकत होती है। आप मेरी मां के लिए रोज प्रार्थना करेंगे तो वह जरूर स्वस्थ रहेंगी। मेरी पत्नी सुनीता बहुत मजबूत हैं। उन्होंने जिंदगी के हर मुश्किल वक्त में मेरा बहुत साथ दिया है। जब मुश्किल वक्त आता है तो पूरा परिवार एकजुट हो जाता है। आप सबने मुश्किल वक्त में मेरा बहुत साथ दिया है। हम सब मिलकर तानाशाही से लड़ रहे हैं। देश को बचाने के लिए यदि मुझे कुछ हो जाए, यदि मेरे प्राण भी चले जाएं तो गम मत करना। आपकी प्रर्थनाओं की वजह से ही आज में जिंदा हूं और आगे भी आपका आशीर्वाद मेरी रक्षा करेगा। अंत में बस यह कहना चाहता हूं, भगवान ने चाहा तो आपका यह बेटा बहुत जल्द वापस आएगा। जयहिंद।''