ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News NCRलालू के बाद दूसरे ऐसे CM...; जमानत रुकने के बाद केजरीवाल पर BJP ने कसा तंज

लालू के बाद दूसरे ऐसे CM...; जमानत रुकने के बाद केजरीवाल पर BJP ने कसा तंज

BJP नेता ने कहा कि केजरीवाल के खिलाफ शराब घोटाले के पुख्ता सबूत हैं। पैसों के लेन-देन के सबूत हैं। इस बात के भी सबूत हैं कि केजरीवाल ने पैसों का इस्तेमाल अपने निजी इस्तेमाल के लिए किया

लालू के बाद दूसरे ऐसे CM...; जमानत रुकने के बाद केजरीवाल पर BJP ने कसा तंज
Nishant Nandanलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 25 Jun 2024 03:52 PM
ऐप पर पढ़ें

शराब घोटाले में जेल में बंद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को निजली अदालत द्वारा दी गई जमानत पर हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है। अदालत का यह स्टे केजरीवाल के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। दिल्ली उच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद अब बीजेपी ने इसे लेकर अऱविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है। बीजेपी ने कहा है कि केजरीवाल देश के दूसरे मुख्यमंत्री बन गए हैं जो सीएम रहते हुए सबसे अधिक समय तक जेल में रहे। बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, 'हाई कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की जमानत पर स्टे लगाया है। जो जमानत केजरीवाल को निचली अदालत से मिली थी उसपर हाई कोर्ट का मानना है कि जज साहब ने ना तो कागजात पढ़े और ना ही अपना दिमाग लगाया। हाई कोर्ट का मानना है कि निचली अदालत के जज ने बिना सोचे समझे केजरीवाल को जमानत दी है।'

मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि हाई कोर्ट का मानना है कि केजरीवाल के खिलाफ शराब घोटाले के पुख्ता सबूत हैं। पैसों के लेन-देन के सबूत हैं। इस बात के भी सबूत हैं कि केजरीवाल ने पैसों का इस्तेमाल अपने निजी इस्तेमाल के लिए किया। इसके बाद बीजेपी नेता ने कहा कि अरविंद केजरीवाल दिल्ली के ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं जो लालू प्रसाद यादव के बाद सबसे लंबे समय तक जेल में रहे हैं। 

हाई कोर्ट के इस निर्णय के बाद दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, एक बात तो तय है कि दिल्ली की शराब नीति में अरविंद केजरीवाल ने घोटाला किया है। हमारा मानना है कि जिस तरह कोर्ट ने उनके जमानत पर स्टे को बरकार रखा है ऐसे में इस घोटाले के जो भी आरोप हैं उन सभी को सजा मिलनी चाहिए।'

इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जमानत देने के निचली अदालत के आदेश पर मंगलवार को रोक लगा दी। न्यायमूर्ति सुधीर कुमार जैन की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि निचली अदालत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उसके समक्ष पेश की गई सामग्री का उचित आकलन करने में विफल रही और उसने आम आदमी पार्टी नेता की जमानत याचिका पर फैसला करते समय विवेक का इस्तेमाल नहीं किया। न्यायाधीश ने यह भी कहा कि निचली अदालत को ईडी को अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त अवसर देना चाहिए था। पीठ ने कहा, 'विवादित आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाई जाती है।'

निचली अदालत ने 20 जून को केजरीवाल को जमानत दे दी थी और एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया था। ईडी ने अगले दिन उच्च न्यायालय का रुख किया और दलील दी कि निचली अदालत का आदेश त्रुटिपूर्ण, एकतरफा और गलत था तथा निष्कर्ष अप्रासंगिक तथ्यों पर आधारित थे।

Advertisement