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तिहाड़ वालों की गलती से बिगड़ी तबीयत, बेल वाली याचिका में SC से क्या बोले केजरीवाल

याचिका में कहा गया है, दिल्ली के मुख्यमंत्री का वजन लगभग छह से सात किलो कम हो हुआ है। अंतरिम जमानत मिलने के बाद भी वजन बढ़ा है।

तिहाड़ वालों की गलती से बिगड़ी तबीयत, बेल वाली याचिका में SC से क्या बोले केजरीवाल
Aditi Sharmaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 28 May 2024 10:22 AM
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अंतरिम अवधि बढ़ाए जाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। केजरीवाल ने अपनी याचिका में जमानत 7 के लिए बढ़ाने की अपील की है और इसके लिए स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है। उन्होंने कहा है कि उन्हें PET-CT स्कैन समेत कुछ टेस्ट करवाने हैं। उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि उनके बिगड़ते स्वास्थ्य का कारण कहीं ना कहीं जेल अधिकारियों का लापरवाही भरा रवैया है। उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि हिरासत के दौरान उन्हें कई स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा और इसके लिए कुछ हद तक जेल अधिकारियों का लापरवाह और संवेदनहीन व्यवहार भी जिम्मैदार है। 

अरविंद केजरीवाल ने अपनी याचिका में कहा है कि 21 दिनों के लिए मिली अंतरिम जमानत का इस्तेमाल उन्होंने केवल चुनाव प्रचार के लिए किया। इसके लिए उन्हें दिल्ली से बाहर दूसरे शहरों में भी जाना पड़ा। ऐसे में वह केवल अपने घर पर एक सीनियर डॉक्टर से ही अपने स्वास्थ्य की जांच करवा पाए। केजरीवाल ने कहा है कि उनके स्वास्थ्य को देखते हुए डॉक्टर ने उन्हें फुल बॉडी टेस्ट कराने के लिए कहा है और यह टेस्ट उनके सरेंडर करने से पहले किए जाने जरूरी है। 

केजरीवाल को हो रही क्या-क्या परेशानी?

याचिका में आगे कहा गया है, दिल्ली के मुख्यमंत्री का वजन लगभग छह से सात किलो कम हुआ है। अंतरिम जमानत मिलने के बाद भी वजन नहीं बढ़ा है।  इसके अलावा, उन्हें समय-समय पर चक्कर आना, घबराहट और जरूरत से ज्यादा सुस्ती जैसी परेशानी भी हो रही है। 

इसके अलावा हाल में की गई उनकी टेस्ट रिपोर्ट से पता चला है कि उन्हें हाई ब्लड ग्लूकोज लेवल और यूरिन में हाई कीटोन लेवल की परेशानी भी है जिससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ने के साथ-साथ किडनी संबंधी परेशानी होने की आशंका भी जताई जा रही है। याचिका में कहा गया है, ‘‘मैक्स अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने 25 मई को उनकी जांच की और कई टेस्ट कराने का निर्देश दिए। इसमें कहा गया है कि पैट-सीटी स्कैन सहित अन्य जांच एक खास क्रम में की जानी हैं और इनमें पांच-सात दिन लगेंगे।