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दिल्ली में सांस पर आफत! आनंद विहार का AQI 999, नोएडा में 450 के पार; अभी और बढ़ेगा प्रदूषण

आनंद विहार इलाके में तो वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 999 पर पहुंच गया है। नोएडा के सेक्टर 62 में एक्यूआई 469 दर्ज किया गया है। दिल्ली के कई इलाकों का AQI गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया है

दिल्ली में सांस पर आफत! आनंद विहार का AQI 999, नोएडा में 450 के पार; अभी और बढ़ेगा प्रदूषण
Nishant Nandanलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 02 Nov 2023 04:05 PM
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दिल्ली में सांस लेने पर आफत आ चुकी है। आसमान प्रदूषण से पटा है और लोग इसी के नीचे जीने को मजबूर हैं। दिल्ली के कई हिस्सों में बृहस्पतिवार को हवा की गुणवत्ता का स्तर 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गया और शहर में लगातार तीसरे दिन भी धुंध छाई रही। आनंद विहार इलाके में तो वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 999 पर पहुंच गया है। दिल्ली से सटे नोएडा के सेक्टर 62 में एक्यूआई 469 दर्ज किया गया है। दिल्ली के कई इलाकों का AQI गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि फसल जलाने और प्रतिकूल मौसम की वजह से दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण इतना ज्यादा बढ़ गया है। एक मुश्किल यह भी है कि अगले दो हफ्तों तक दिल्ली की हवा यूं ही बिगड़ी रहने का पूर्वानुमान जताया गया है। यह चिंताजनक इसीलिए है क्योंकि कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक पहले ही 400 से अधिक है। अस्थमा और सांस संबंधी मामलों के बढ़ने को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी चिंतित हैं। खासकर बुजर्गों और बच्चों में वायु प्रदूषण की वजह से यह समस्या बढ़ सकती है। 

SAFAR ने बताया है कि सुबह 10 बजे तक शहर का एक्यूआई 351 दर्ज किया गया है। बुधवार को एक्यूआई  364 पर रहा। इसी तरह मंगलवार को एक्यूआई 359 दर्ज किया गया । सोमवार को 347 जबकि रविवार को 325 दर्ज किया गया था। दिल्ली के अलग-अलग इलाकों की बात करें तो पंजाबी बाग का AQI 416, मुंडका का AQI 420 दर्ज किया गया है। वायु का यह सूचकांक घातक की श्रेणी में आता है। हवा में PM2.5 का स्तर काफी बढ़ गया है। इसकी वजह से सांस लेते वक्त फेफड़ों में धूल कण जाते हैं और लोगों को सांस लेने में काफी परेशानी आती है। पीएम कणों का सुरक्षित लेवल 60 माइक्रोग्राम माना गया है जबकि अभी यहां हवा में इसकी मात्रा 6 से सात गुना ज्यादा है। दिल्ली से सटे गाजियाबाद में एक्यूआई 230, फरीदाबाद में 324, गुरुग्राम में 230, नोएडा में 295 और ग्रेटर नोएडा में 344 रहा।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बुधवार को कहा था कि सरकार उन क्षेत्रों में निर्माण कार्य पर प्रतिबंध लगाएगी, जहां लगातार पांच दिनों तक एक्यूआई 400 अंक से अधिक दर्ज किया गया। सरकार ने वाहन प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए 'रेड लाइट ऑन गाड़ी ऑफ' की शुरुआत की है और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने और वाहन प्रदूषण कम करने के लिए 1,000 निजी सीएनजी बसें किराए पर लेने की योजना बनाई है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के एक विश्लेषण के अनुसार, राजधानी में एक नवंबर से 15 नवंबर तक प्रदूषण चरम पर होता है, क्योंकि इस समय पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने के मामले बढ़ जाते हैं।

पुणे स्थित भारतीय ऊष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान द्वारा विकसित एक संख्यात्मक मॉडल-आधारित प्रणाली के अनुसार, वर्तमान में शहर की खराब वायु गुणवत्ता में वाहन उत्सर्जन (11 प्रतिशत से 15 प्रतिशत) और पराली जलाने (सात प्रतिशत से 15 प्रतिशत) का सबसे ज्यादा योगदान है। 

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