ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News NCRअलीपुर फैक्ट्री में आग लगने के बाद ब्लास्ट, रिहायशी इलाकों में कैसे चल रहे कारखाने; कौन जिम्मेदार

अलीपुर फैक्ट्री में आग लगने के बाद ब्लास्ट, रिहायशी इलाकों में कैसे चल रहे कारखाने; कौन जिम्मेदार

बाहरी दिल्ली के अलीपुर में एकपेंट फैक्ट्री में आग के बाद धमाका हो गया। जिसमें कम से कम सात लोगों की मौत हो गई। रिहायशी इलाकों में नियमों को ताक पर रखकर चल रही फैक्टरी में हादसे हो रहे हैं।

अलीपुर फैक्ट्री में आग लगने के बाद ब्लास्ट, रिहायशी इलाकों में कैसे चल रहे कारखाने; कौन जिम्मेदार
Sneha Baluniहिन्दुस्तान,नई दिल्लीSat, 17 Feb 2024 05:56 AM
ऐप पर पढ़ें

बाहरी दिल्ली के अलीपुर इलाके में एक पेंट फैक्ट्री में गुरुवार शाम आग लगने से कम से कम सात लोगों की मौत हो गई। दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अलीपुर के दयालपुर बाजार स्थित कारखाने के परिसर से सात लोगों के जले हुए शव बरामद किए गए। दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के एक अधिकारी ने बताया कि शाम पांच बजकर 25 मिनट पर आग लगने की सूचना मिली और दमकल की 22 गाड़ियों को मौके के लिए रवाना कर दिया गया।

उन्होंने बताया कि रात करीब 9 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक विस्फोट के साथ कारखाने में आग लग गई। एक अधिकारी ने कहा, 'मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई हैं।' वहीं पीड़ितों के रिश्तेदारों व कुछ निवासियों ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि अग्नि सुरक्षा के बारे में कई शिकायतें की गईं, लेकिन 'किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया।' अग्निकांड पीड़ित के परिवार की सदस्य मालती ने कहा कि शव इतने झुलसे हुए थे कि उनकी पहचान नहीं की जा सकी।

नियमों को ताक पर रख चल रही फैक्टरी

रिहायशी इलाकों में नियमों को ताक पर रखकर चल रही फैक्टरी, गोदाम और दुकानों से आए दिन जानलेवा हादसे हो रहे हैं, लेकिन बावजूद इसके इन पर कड़ी कार्रवाई नहीं हो रही। हर बार हादसे के बाद संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया जाता है।

एमसीडी, दमकल और पुलिस करती है निगरानी 

किसी भी अवैध फैक्टरी पर निगरानी की पहली जिम्मेदारी एमसीडी की होती है। इसके अधिकारी ऐसे स्थलों पर छापा मारते हैं। इसके अलावा समय-समय पर दमकल विभाग की टीम भी कार्रवाई और जांच करती रहती है। वहीं, स्थानीय पुलिसकर्मी भी अवैध गतिविधि होने की सूचना एमसीडी को देते हैं। फिलहाल वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इस तरह की कोई सूचना दी गई थी? उधर, एमसीडी प्रवक्ता का कहना है कि लाल डोरा में यह अवैध फैक्टरी चल रही थी।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें