राहत की सांस : 5 साल में 20% तक घटा दिल्ली-एनसीआर का प्रदूषण, CSE की रिपोर्ट में खुलासा
दिल्ली में आमतौर पर प्रदूषण का स्तर सामान्य से ज्यादा रहता है, लेकिन सर्दी के समय में स्थिति सबसे ज्यादा खराब हो जाती है। खासतौर पर अक्टूबर से जनवरी तक लोगों को भयावह प्रदूषण का सामना करना पड़ता है।

राजधानी दिल्ली में जाड़े के प्रदूषण में बीते पांच वर्षों में 20 फीसदी तक की कमी आई है। विज्ञान एवं पर्यावरण केन्द्र (सीएसई) ने सोमवार को जारी अपनी रिपोर्ट में इसका खुलासा किया है।
दिल्ली में आमतौर पर प्रदूषण का स्तर सामान्य से ज्यादा रहता है, लेकिन सर्दी के समय में स्थिति सबसे ज्यादा खराब हो जाती है। खासतौर पर अक्टूबर से जनवरी तक लोगों को भयावह प्रदूषण का सामना करना पड़ता है। इस दौरान तो कुछ दिन प्रदूषण का स्तर इतना ज्यादा हो जाता है कि स्कूल-कॉलेज बंद करने तक की नौबत आ जाती है। प्रदूषण की रोकथाम के लिए किए गए उपायों से कुछ सकारात्मक परिणाम भी मिले हैं।
सीएसई की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2018-19 की सर्दी की तुलना में 2022-23 के जाड़े में 17 से बीस फीसदी तक की कमी आई है। 2018-19 के जाड़े में दिल्ली में प्रदूषण का औसत स्तर 193 रहा था, जबकि, 2022-23 में यह स्तर घटकर 160 पर आ गया है।
सीएसई की कार्यकारी निदेशक अनुमिता रायचौधुरी ने कहा कि प्रदूषण में आ रही इस कमी के बावजूद प्रदूषण के कारकों पर लगातार मजबूत कदम उठाए जाने की जरूरत है।
छोटे सेंसर से की जाएगी निगरानी
राजधानी में धूल नियंत्रण के लिए उठाए जाने वाले कदमों की निगरानी छोटे सेंसर से की जाएगी। इससे यह पता चलेगा कि धूल नियंत्रण के लिए कौन से कदम ज्यादा कारगर साबित हो रहे हैं। दिल्ली में प्रदूषण की बड़ी वजहों में वातावरण में उड़ने वाली धूल शामिल है। खासतौर पर सड़कों पर और निर्माण स्थलों पर इस तरह की धूल उड़ती रहती है और लोगों की परेशानी की वजह बनती है।
लेखक के बारे में
Praveen Sharmaप्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। करीब डेढ़ दशक से हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया का अनुभव भी हासिल कर चुके हैं। एक दशक से भी अधिक लंबा समय वह डिजिटल मीडिया में बिता चुके हैं।
प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी। इसके बाद वह थोड़े समय नेशनल दुनिया अखबार में भी रहे। वहां से निकलकर उन्होंने मार्च 2014 में न्यूज 18 के साथ डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में कदम रखा। वर्ष 2018 में वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े।
वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। इन्हें डिजिटल रीडर्स की पसंद और बदलते ट्रेंड्स को समझकर गहराई और सटीकता के साथ खबरें लिखने का अच्छा खासा अनुभव है। वह सोशल मीडिया पर भी लगातार नजर रखते हैं। उन्हें राजनीतिक विषयों पर खबरें लिखने और पढ़ने का शौक है।
प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है।
और पढ़ें

