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दोबारा फेल होने का डर? परीक्षा देकर घर लौटा छात्र 22वीं मंजिल से कूदा; मौत

ग्रेटर नोएडा की महागुन मायवुड सोसाइटी में रहने वाले 12वीं के एक छात्र ने 22वीं मंजिल से कूद कर जान दे दी। छात्र अंग्रेजी का पेपर देकर घर लौटा था। माना जा रहा है कि पेपर खराब की वजह से उसने ऐसा किया।

दोबारा फेल होने का डर? परीक्षा देकर घर लौटा छात्र 22वीं मंजिल से कूदा; मौत
Sneha Baluniहिन्दुस्तान,ग्रेटर नोएडाFri, 23 Feb 2024 06:56 AM
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ग्रेनो वेस्ट की महागुन मायवुड सोसाइटी में रहने वाले 12वीं के एक छात्र ने 22वीं मंजिल से कूद कर जान दे दी। गुरुवार की दोपहर छात्र अंग्रेजी की परीक्षा देकर घर लौटा था। आशंका है कि पेपर खराब होने की वजह से छात्र ने यह कदम उठाया है। छात्र पिछले साल भी 12वीं की परीक्षा में फेल हो गया था, जिसके चलते वह तनाव महसूस कर रहा था। छात्र की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

महागुन मायवुड सोसाइटी में 19 वर्षीय अदवित अपने परिवार के साथ रह रहा था। अदवित 12वीं कक्षा का छात्र था। परिजनों ने पुलिस को बताया कि गुरुवार को अदवित का अंग्रेजी का पेपर था। पेपर देने के बाद वह घर लौटा और सोसाइटी के ही एक अन्य टावर में फ्लैट की छत पर जाकर बैठ गया। करीब बीस मिनट तक छत पर अकेला बैठा रहा। इसके बाद छात्र ने 22वीं मंजिल से छलांग लगा दी। इस बीच परिजन छात्र को आनन फानन में नजदीक के एक अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पेपर खराब होने की आशंका 

पुलिस ने बताया कि परिजनों से बातचीत करने पर पता चला है कि आशंका है कि पेपर खराब होने की वजह से छात्र ने यह कदम उठाया है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि पिछले साल भी छात्र 12वीं कक्षा में फेल हो गया था। जिसके चलते इस बार परीक्षा को लेकर वह तनाव में था।

इकलौता बेटा था अदवित 

अदवित अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी एक बड़ी बहन है। इकलौते बेटे की मौत ने माता-पिता को झकझोंर कर रख दिया है। परिवार के लोगों का रो-रो कर बुरा हाल है। छात्र की मौत से सोसाइटी लोगों ने भी दुख व्यक्त किया है।

अभिभावक चिंतित

सोसाइटी में 12वीं के छात्र द्वारा छत से कूद कर जान दिए जाने की घटना को लेकर अभिभावक अपने बच्चों को लेकर काफी चिंतित हैं। वहीं, कुछ लोगों द्वारा सोसाइटी में बिल्डर प्रबंधन से एक एंबुलेंस रखने की मांग की है। कुछ अभिभावकों द्वारा सोसाइटी में हर साल एग्जाम के समय बच्चों के लिए एक काउंसलिंग या मोटिवेशनल स्पीकर को बुलाकर कार्यक्रम करने की मांग भी की गई है। ताकि, परीक्षा के समय बच्चे तनाव मुक्त रह सकें।

वरिष्ठ मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके बंसल ने कहा, 'परीक्षा के दौरान अभिभावकों को बच्चों से विभिन्न पहलुओं पर बातचीत करनी चाहिए। उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए न कि बेहतर परिणाम के लिए दबाव देना चाहिए।' 

सेंट्रल नोएडा के एडीसीपी हिरदेश कठेरिया ने कहा, 'सोसाइटी की 22 वीं मंजिल से कूदकर छात्र ने जान दी है। पेपर देने के बाद उसने यह कदम उठाया। आशंका है कि पेपर खराब होने की वजह से वह तनाव में आ गया।'

छात्र इन बातों का ध्यान रखें

● यदि पेपर खराब हो जाएं तो हौंसला न हारे, पेपर दोबारा-तिबारा दे सकते है, लेकिन जिंदगी एक बार ही मिलती है 
● जो प्रश्न आए उसे पहले लिखें और अंक के हिसाब से ही प्रश्नों का उत्तर लिखें 
● परीक्षा से एक रात पहले अच्छी और गहरी नींद लें इससे परीक्षा वाले दिन आप तरोताजा रहेंगे।

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