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Hindi News NCRहर कमरे में एसी-फ्रिज, एम्स की तरह RML में प्राइवेट वार्ड; कब शुरू होगा सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक

हर कमरे में एसी-फ्रिज, एम्स की तरह RML में प्राइवेट वार्ड; कब शुरू होगा सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक

दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में जल्द एम्स की तरह प्राइवेट वार्ड शुरू होने वाला है। इन वार्ड में मरीजों के लिए हर कमरे में एसी टीवी, फ्रिज जैसी तमाम सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

हर कमरे में एसी-फ्रिज, एम्स की तरह RML में प्राइवेट वार्ड; कब शुरू होगा सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक
Sneha Baluniहिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 11 Jun 2024 06:18 AM
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दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में अब एम्स की तर्ज पर 43 बेड की सुविधा वाला प्राइवेट वार्ड शुरू होगा। अस्पताल की नई सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में बनाए जा रहे वार्ड में मरीजों के लिए हर कमरे में एसी टीवी, फ्रिज जैसी तमाम सुविधाएं उपलब्ध होंगी। आरएमएल अस्पताल में दिल, न्यूरो रोग, किडनी और कैंसर जैसे रोगों के इलाज के लिए एम्स की तर्ज पर विशेष कक्ष तैयार किए गए हैं। इस ब्लॉक में बनाए गए सेमी प्राइवेट वार्ड में दो मरीज के लिए बिस्तर की सुविधा होगी। 

वहीं, प्राइवेट वार्ड में एक बेड की सुविधा होगी। हर विभाग में विशेष रूप से बेड तैयार गए हैं। इन सभी बेड की संख्या 43 हैं। वर्तमान में अस्पताल के नर्सिंग होम में प्राइवेट बेड की सुविधा मिल रही है। यहां 51 बेड उपलब्ध हैं। इसका लाभ सीजीएचएस के लाभार्थियों को ही मिलता है। वहीं, अस्पताल में 550 बिस्तर वाला सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक तैयार किया जा रहा है। इसका निर्माण अप्रैल तक होना था। 

प्रशासन के सूत्रों का कहना है कि अब यह सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक मरीजों के लिए नवंबर से शुरू हो जाएगा। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ब्लॉक का काम अंतिम चरण में हैं। मौजूदा समय में निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। मशीन और दूसरे उपकरण लगाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसे लेकर मेडिसिन सहित दूसरे विभागों से जरूरी उपकरण और समानों की लिस्ट मांगी गई है।

कैंसर का इलाज भी शुरू होगा

आरएमएल अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में दिल, किडनी, यूरो और न्यूरो की बीमारियों के साथ-साथ लिवर, कैंसर के इलाज की भी बेहतर सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। कैंसर के इलाज के लिए मेडिसन ऑनकोलोजी और रेडियोथेरेपी के विभाग भी मौजूद नहीं हैं। न्यूक्लियर मेडिसिन, पीडियाट्रिक कार्डियोलाजी जैसे विभाग भी नहीं हैं। अस्पताल में जगह की कमी के कारण किडनी प्रत्यारोपण भी कम होता है। पेट से संबंधित बीमारियों के इलाज की सुविधाएं भी सीमित है। ऐसे में नए सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक का निर्माण तेजी से हो रहा। इसके अलावा नए ब्लॉक में आधुनिक ऑपरेशन थियेटर उपलब्ध होंगे।