ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News NCRकोर्ट की जमीन कब्जाने का था आरोप, सुप्रीम कोर्ट में AAP ने क्या दी सफाई; खाली करने को भी तैयार

कोर्ट की जमीन कब्जाने का था आरोप, सुप्रीम कोर्ट में AAP ने क्या दी सफाई; खाली करने को भी तैयार

आम आदमी पार्टी (आप) ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि राउज एवेन्यू कोर्ट के पास स्थित पार्टी का दफ्तर अतिक्रमण नहीं है। 'आप' ने दावा किया कि उसे यह जमीन पहले ही आवंटित की जा चुकी थी।

कोर्ट की जमीन कब्जाने का था आरोप, सुप्रीम कोर्ट में AAP ने क्या दी सफाई; खाली करने को भी तैयार
Sudhir Jhaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीFri, 16 Feb 2024 12:44 PM
ऐप पर पढ़ें

आम आदमी पार्टी (आप) ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि राउज एवेन्यू कोर्ट के पास स्थित पार्टी का दफ्तर अतिक्रमण नहीं है। 'आप' ने दावा किया कि राउज एवेन्यू कोर्ट कॉम्पलेक्स के लिए आवंटित किए जाने के पहले ही इस जमीन को आम आदमी पार्टी को कानूनी रूप से दिल्ली सरकार ने दिया था। सर्वोच्च अदालत में आवेदन दायर करते हुए आम आदमी पार्टी ने 13 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी को खारिज किया जिसमें कहा गया था कि एक राजनीतिक दल ने अपना दफ्तर अतिक्रमण करके उस जमीन पर बनाया गया है जिसे दिल्ली हाई कोर्ट के लिए आवंटित किया गया था।

आम आदमी पार्टी ने कोर्ट में हलफनामा दायर करके कहा है कि 2015 में ही दिल्ली सरकार ने यह जमीन उसे आवंटित की थी, जबकि केंद्र सरकार के लैंड एंड डिवेलमेंट ऑफिस (L&DO) ने 2023 में इसे राउज एवेन्यू कोर्ट कॉम्पलेक्स के लिए चिह्नित किया। सुप्रीम कोर्ट की ओर से यह कहे जाने पर कि अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाए, 'आप' ने लोकसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी और निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया पर बुरा असर पड़ने की दलील दी।

आम आदमी पार्टी ने यह भी स्वीकार किया कि वह जगह छोड़ने करने के लिए तैयार है, लेकिन एनडीएमसी एरिया में दूसरा ऑफिस स्पेस मिल जाने के बाद ही मौजूदा दफ्तर को खाली करने का आदेश दिया जाए। पार्टी ने कोर्ट से इस तथ्य पर विचार करने की गुजारिश की कि तुरंत खाली कराए जाने से 'आप' के पास दिल्ली में कोई दफ्तर नहीं रह जाएगा खासकर यह देखते हुए कि लोकसभा चुनाव नजदीक है और अन्य 5 राष्ट्रीय पार्टियां दिल्ली में आवंटित दफ्तर से संचालित हैं।

इससे पहले 13 फरवरी को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ की अगुआई वाली बेंच ने दिल्ली ज्यूडिशियल इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए चिह्नित जमीन पर एक राजनीतिक दल के कब्जी बात सामने आने पर नाराजगी और हैरानी जाहिर की थी। न्याय मित्र सीनियर वकील के परमेश्वर ने बेंच को बताया था कि दिल्ली हाई कोर्ट को जमीन का कब्जा नहीं मिला है, क्योंकि इसका इस्तेमाल एक राजनीतिक दल कर रहा है। बेंच ने इसका संज्ञान लेकर भारत सरकार के जीएनसीटी सरकार के चीफ सेक्रेट्री, डीडब्ल्यूडी के प्रभारी सचिव और वित्त सचिव को अगली सुनवाई से पहले हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार के साथ बैठक करके जमीन खाली कराए जाने की समयसीमा तय करने को कहा था। कोर्ट में इसकी अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें