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AAP के पास 62 विधायक, विश्वास मत के समय 54 ही क्यों थे मौजूद; केजरीवाल ने बताई वजह

दिल्ली विधानसभा में AAP सरकार द्वारा लाया गया विश्वास प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित हो गया। सदन में विश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के दौरान 'आप' सरकार के पक्ष में 54 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में महज 1 वोट पड़ा।

AAP के पास 62 विधायक, विश्वास मत के समय 54 ही क्यों थे मौजूद; केजरीवाल ने बताई वजह
Praveen Sharmaनई दिल्ली। लाइव हिन्दुस्तानSat, 17 Feb 2024 02:24 PM
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दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने आज एक बार फिर विधानसभा में बहुमत साबित कर दिया है। केजरीवाल ने शुक्रवार को दिल्ली विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश किया था, जिस पर आज स्पीकर द्वारा चर्चा और वोटिंग कराई गई, जिसमें 'आप' ने आसानी से बाजी मार ली। बता दें कि, 70 सीटों वाली दिल्ली विधानसभा में 'आप' के 62 विधायक और विपक्षी दल भाजपा के महज 8 विधायक हैं।

दिल्ली विधानसभा ने विश्वास प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित किया। सदन में विश्वास प्रस्ताव पर हुई वोटिंग के दौरान 'आप' सरकार के पक्ष में 54 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में महज एक वोट पड़ा।

विश्वास मत पर वोटिंग के दौरान सदन में आज दोनों पक्षों की ओर से कुल 55 विधायक ही मौजूद रहे। 'आप' के 62 में से 54 विधायक सदन में मौजूद रहे, जबकि भाजपा के 8 में से 7 विधायक विधानसभा की कार्यवाही से सस्पेंड होने के चलते सदन बाहर रहे और सिर्फ नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने ही विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और वोटिंग में हिस्सा लिया।

सीएम केजरीवाल ने कहा कि सदन में हमारे पास बहुमत है, लेकिन इस विश्वास प्रस्ताव की जरूरत थी क्योंकि बीजेपी 'आप' विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रही थी।

केजरीवाल ने कहा कि हमारा एक भी विधायक नहीं टूटा। उन्होंने आज सदन में हमारे कुल 62 विधायकों में से 54 विधायक मौजूद हैं। 2 बीमार हैं, 3 विधायक दिल्ली से बाहर हैं। 2 विधायक मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जेल में हैं और एक के घर में शादी है। 

सीएम केजरीवाल ने सदन में जारी चर्चा में बोलते हुए कहा कि 'आप' 2029 के चुनावों में देश को बीजेपी से मुक्त कर देगी, भले ही वे इस साल का लोकसभा चुनाव जीत जाएं।

केजरीवाल ने कहा, "हमारे विधायकों से संपर्क करने पर हमें पता चला कि उन्होंने हमारे सात विधायकों को तोड़ने की कोशिश की थी। इन विधायकों ने आज सदन में कहा कि उन्होंने (भाजपा द्वारा) संपर्क किया था। जैसा कि राजेश गुप्ता ने कहा, वे (भाजपा) चाहते हैं कि हम सबूत दिखाएं। हम सबूत कैसे दिखा सकते हैं? कोई व्यक्ति हर समय टेप रिकॉर्डर साथ नहीं रखता है। उन्हें लगता है कि अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी टूट जाएगी। वे केजरीवाल को गिरफ्तार कर सकते हैं, लेकिन वे केजरीवाल की सोच को कैसे गिरफ्तार करेंगे?"

मुख्यमंत्री ने कहा, "अगर बीजेपी अपने भविष्य को लेकर डरी हुई है तो सिर्फ आम आदमी पार्टी की वजह से। इसलिए वो आम आदमी पार्टी को तोड़ना चाहती है। अगर बीजेपी 2024 का लोकसभा चुनाव नहीं हारी तो आम आदमी पार्टी देश को 2029 तक बीजेपी से आजाद जरूर कराएगी।"

12 साल में देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी 'आप' 

विधानसभा में उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी का गठन सिर्फ 12 साल पहले हुआ था। देश में लगभग 1,350 पार्टियां हैं। 'आप' ने 26 नवंबर 2012 को अपने रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया था, अब यह भाजपा और कांग्रेस के बाद देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी 'राम भक्त' होने का दावा करती है, लेकिन उन्होंने हमारे अस्पतालों में गरीब लोगों की दवाएं बंद कर दीं। सरकार हम चलाते हैं फिर भी वे सेवा विभाग, नौकरशाही पर नियंत्रण के माध्यम से हमारे काम रोक रहे हैं।

उन्होंने कहा, ''जिस तरह से भाजपा ने 'आप' पर हमला किया और हमारे मंत्रियों को गिरफ्तार किया, उससे देशभर के लोग अच्छी तरह से वाकिफ हैं। उन्हें लगता है कि लोग मूर्ख हैं, लेकिन वे मूर्ख नहीं हैं। अब पार्कों में चर्चाएं हो रही हैं और लोग पूछ रहे हैं, ''क्या पीएम मोदी अरविंद केजरीवाल को कुचलना चाहते हैं? ये सवाल तो बच्चे भी पूछ रहे हैं क्योंकि उन्होंने हमारे कई मंत्रियों को गिरफ्तार कर लिया है। हमारे नंबर 2, नंबर 3, नंबर 4 जेल में हैं और बातचीत हो रही है कि जल्द ही नंबर 1 को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि 'आप' पूरे देश में बीजेपी के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।''

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