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21 अक्तूबर, 2020|11:43|IST

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अपनी क्षमता से कम कोरोना जांच कर रही है 'आप' की सरकार : दिल्ली हाईकोर्ट

delhi high court on arvind kejriwal

दिल्ली हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार आरटी-पीसीआर प्रक्रिया से जांच (RT-PCR Test) करने की अपनी क्षमता के एक भाग की बर्बादी कर रही है। कोर्ट ने कहा कि जहां प्रतिदिन लगभग 3500-4000 लोगों के संक्रमित होने के मामले सामने आ रहे हैं, वहां जांच की संख्या बहुत कम है।

अदालत ने बुधवार को कहा कि आरटी-पीसीआर से कोरोना वायरस संक्रमण की जांच करने की दिल्ली सरकार की क्षमता 15,000 नमूने प्रतिदिन की है, लेकिन लगभग 4000 जांच की क्षमता का उपयोग नहीं किया जा रहा है। 

जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा कि इससे पता चलता है कि अदालत द्वारा राजधानी दिल्ली में जांच की संख्या बढ़ाने के लिए जोर दिए जाने के बावजूद दिल्ली सरकार ने पर्याप्त तेजी नहीं लाई है। 

दिल्ली में कोरोना से जून के मुकाबले सितंबर में एक तिहाई से भी कम मौतें

बता दें कि, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने मंगलवार को कहा था कि राजधानी दिल्ली में जून के मुकाबले सितंबर में कोविड-19 के अधिक मामले सामने आए हैं, लेकिन मृतकों की संख्या एक तिहाई से भी कम रही है। सत्येन्द्र जैन ने कहा कि राजधानी में जिस किसी व्यक्ति में संक्रमण के लक्षण देखे जा रहे हैं, उनकी आरटी-पीसीआर जांच की जा रही है। जैन ने पत्रकारों से कहा कि दिल्ली में जून की तुलना में सितंबर में संक्रमण के काफी अधिक मामले सामने आए हैं। हालांकि इस महीने जो मौतें हुईं, वे जून में हुईं मौतों की एक तिहाई भी नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रतिदिन औसतन 10,000 से अधिक आरटी-पीसीआर जांच की जा रही हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हम हर ऐसे व्यक्ति की जांच करा रहे हैं, जिसमें संक्रमण के लक्षण दिखाई दिए हैं, जांच क्षमता महत्व नहीं रखती। दिल्ली में एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं है, जिसमें लक्षण दिखे हों और उसकी आरटी-पीसीआर जांच न की गई हो।

दिल्ली में सोमवार को लगभग एक महीने बाद संक्रमण के सबसे कम 1,984 नए मामले सामने आने आए, जिसके बाद संक्रमितों की कुल संख्या 2.73 लाख से अधिक हो गई है। संक्रमण के चलते अब तक 5,272 लोग दम तोड़ चुके हैं। 

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया था आरटी-पीसीआर टेस्ट बढ़ाने का सुझाव

गौरतलब है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को सुझाव दिया था कि आरटी-पीसीआर जांच क्षमता जितनी अधिक बढ़ाई जा सकती है, उतनी बढ़ा दी जाए ताकि कोविड-19 के मामलों का पता चल सके क्योंकि रैपिड एंटिजन टेस्ट के 60 फीसदी परिणाम ही सही होते हैं। हाईकोर्ट की सलाह के बाद भी आरटी-पीसीआर जांच की संख्या नहीं बढ़ी और अभी इस प्रक्रिया से करीब 10,000 जांच ही की जा रही है।

हाईकोर्ट ने कहा कि उपराज्यपाल द्वारा गठित विशेषज्ञों की समिति जल्द से जल्द एक बैठक बुलाए जिसमें यह विचार करे कि आरटी-पीसीआर की जांच क्षमता किस हद तक बढ़ाई जानी चाहिए। बैंच ने यह भी कहा था कि 8 से 15 सितंबर के बीच कुल जांचों में से एक चौथाई से भी कम जांचें आरटी-पीसीआर के जरिये की गईं। राष्ट्रीय राजधानी की आरटी-पीसीआर से दैनिक तौर पर 14,000 जांच करने की क्षमता है।

इसके बाद सरकार के एक अधिकारी ने कहा था कि जांच (आरटी-पीसीआर से) बढ़ाने के तरीकों पर विचार किया जा रहा है, इस बारे में जल्द ही फैसला लिया जाएगा। 

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  • Web Title:AAP Govt is conducting corona virus below its capacity : Delhi High Court