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विदेशों से AAP ने हासिल की करोड़ों की अवैध फंडिंग, ED का बड़ा दावा; MHA से शिकायत

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दावा किया है कि आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) ने यूएस, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, सउदी अरब, यूएई, कुवैत और ओमान से फंड हासिल किया है।

विदेशों से AAP ने हासिल की करोड़ों की अवैध फंडिंग, ED का बड़ा दावा; MHA से शिकायत
Nishant Nandanलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीMon, 20 May 2024 07:55 PM
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दिल्ली के कथित आबकारी नीति घोटाले (Excise Policy Scam) में पहले से ही काफी मुश्किलों का सामना कर रही आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के लिए मुश्किलें अभी और बढ़ सकती हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि ईडी (ED) ने अपनी एक रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को दी है और बताया है कि साल 2014 से 2022 के बीच AAP ने करीब 7.08 करोड़ रुपये के विदेशी फंड हासिल किए हैं। ईडी ने गृह मंत्रालय को बताया है कि आप पार्टी ने यह फंड हासिल कर FCRA, RPA और IPC का उल्लंघन किया है। हालांकि, ईडी के इन सभी आरोपों से आम आदमी पार्टी ने पूरी तरह से इनकार कर दिया है और कहा है कि हर चुनाव से पहले बीजेपी ऐसा करती रहती है। 

इन देशों से हासिल किया फंड

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय ने दावा किया है कि आम आदमी पार्टी ने यूएस, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, सउदी अरब, यूएई, कुवैत और ओमान से फंड हासिल किया है। ईडी ने आरोप लगाया है कि दानदाताओं की पहचान को छिपाया गया, पहचान से छेड़खानी की गई और गलत पहचान घोषित की गई है। 

कुमार विश्वास का भी नाम

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जांच एजेंसी ने दावा किया है कि यह जानकारी उसे AAP वॉलेन्टियर्स और कार्यकर्ताओं के बीच हुए ईमेल के आदान-प्रदान से मिली है। इसमें अनिकेत सक्सेना (कोऑर्डिनेटर ऑफ आप ओवरसीज इंडिया), कुमार विश्वास (आप के ओवरसीज इंडिया के तत्कालीन संयोजक), कपिल भारद्वाज (तत्कालीन आप सदस्य) और दुर्गेश पाठक के ईमेल भी शामिल हैं। 

एक ही क्रेडिट कार्ड से मिला दान - ED

रिपोर्ट के अनुसार, ED की जांच में अब तक पता चला है कि यह पैसे यूएस और कनाडा में फंड रेजिंग कैंपेन के जरिए जुटाए गए हैं। ईडी का दावा है कि FCRA की तरफ से लागू पाबंदियों से बचने के लिए दानदाताओं की पहचान आप द्वारा छिपाई गई। आप के अकाउंट बुक में जो इन दानदाताओं की जो पहचान दिखाई गई है वो भ्रामक हैं। जांच एजेंसी के हवाले से मीडिया रिपोर्टमें बताया गया है कि कई दानदाताओं ने एक ही पासपोर्ट नंबर, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल AAP को फंड देने के लिए किया है।

ED ने गृह मंत्रालय को दी अहम जानकारियां

बताया जा रहा है कि ईडी ने अपनी जांच के बारे में केंद्रीय गृह मंत्रालय को सबकुछ बताया है। इसमें दानदाताओं के नाम के साथ उनका विवरण, दानदाता का देश, पासपोर्ट नंबर, कुल रकम, डोनेशन की प्रक्रिया और रकम हासिल करने वाले का बैंक खाता भी शामिल है। इसके अलावा बिलिंग नेम, बिल का पता, बिल पर मौजूद टेलिफोन नंबर, बिलिंग ईमेल, पैसे भेजने का समय, फंड देने की तारीख और पेमेंट का तरीका इत्यादि शामिल है। ईडी ने मंत्रालय को बताया है कि मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच के दौरान उसे यह सभी जानकारियां मिली हैंं। 

ईडी के मुताबिक, विदेश में रहने वाले 155 लोगों ने 404 मौकों पर 55 पासपोर्ट नंबरों का इस्तेमाल कर कुल 1.02 करोड़ रुपये डोनेट किए। इसके अलावा 71 दानदाताओं ने 256 मौकों पर 21 मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर कुल 99.90 लाख रुपए आम आदमी पार्टी को डोनेट किए। इसी तरह विदेश में रहने वाले 75 डोनरों ने 15 क्रेडिट कार्डों का इस्तेमाल कर 148 मौकों पर 19.92 लाख डोनेट किए। ईडी ने कहा है कि कनाडा में रहने वाले 19 लोगों के ईमेल आईडी और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर 51.15 लाख रुपये AAP को डोनेट किए गए हैं। 

AAP ने दिया जवाब

इधर ED के आरोपों पर आम आदमी पार्टी ने भी अपनी बात रखी है। आप नेता और दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी ने कहा कि शराब घोटाले और स्वाति मालीवाल प्रकरण फेल होने के बाद अब बीजेपी ये नया मामला लाई है। कल एक और मामला आएगा। ये ED नहीं भाजपा की कार्रवाई है। आतिशी ने कहा कि यह मामला कई साल पुराना है और इसपर सारे जवाब ED, CBI, MHA और चुनाव आयोग को दिया जा चुका है।