ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News NCRसत्येन्द्र जैन की जांच के लिए CBI की गुजारिश पर बिफरी AAP, बताया कानून का मजाक

सत्येन्द्र जैन की जांच के लिए CBI की गुजारिश पर बिफरी AAP, बताया कानून का मजाक

आम आदमी पार्टी ने सोमवार को आरोप लगाया कि सीबीआई की सत्येन्द्र जैन के खिलाफ पूरी जांच भारत के सबसे बड़े ठग सुकेश चन्द्रशेखर के बयान पर आधारित है। इसमें उन्हें सच्चा सत्यवादी हरिश्चंद्र माना गया है।

सत्येन्द्र जैन की जांच के लिए CBI की गुजारिश पर बिफरी AAP, बताया कानून का मजाक
Krishna Singhलाइव हिंदुस्तान,नई दिल्लीTue, 14 Nov 2023 12:59 AM
ऐप पर पढ़ें

सुकेश चंद्रशेखर मामले में दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येन्द्र जैन की जांच के लिए सीबीआई ने दिल्ली के उप राज्यपाल वीके सक्सेना से अनुमति मांगी है। सूत्रों के मुताबिक जैन के अलावा तिहाड़ जेल के तत्कालीन अधीक्षक के खिलाफ भी इस तरह की अनुमति मांगी गई है। इस मसले पर सियासत भी गरमा गई है। आम आदमी पार्टी ने सोमवार को आरोप लगाया कि सीबीआई ने सत्येन्द्र जैन के खिलाफ अपनी पूरी जांच सुकेश चन्द्रशेखर के बयान पर आधारित है, जिसमें उसको सत्यवादी हरिश्चंद्र माना गया है।

आम आदमी पार्टी ने सोमवार को कहा- सीबीआई ने ठग सुकेश चंद्रशेखर के बयान के आधार पर सत्येन्द्र जैन एवं अन्य के खिलाफ जांच करने के लिए एलजी से अनुमति मांगी है। यह कानून का मखौल उड़ाने के अलावा और कुछ नहीं है। आम आदमी पार्टी जैन और सुकेश चंद्रशेखर या उनके किसी भी सहयोगी के बीच किसी भी संबंध, संचार से लेकर किसी भी तरह के पैसे के लेन-देन से साफ तौर पर इनकार करती है।

इसके साथ ही आम आदमी पार्टी ने अपने बयान में बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि चूंकि मोदी सरकार सुकेश चंद्रशेखर के बयानों को भी सत्यवादी हरिश्चंद्र की तरह सच मानने लगी है, इसलिए उसे सबसे पहले रंगदारी मांगने वाले सुकेश चंद्रशेखर के दावों की पूरी तरह से सीबीआई जांच करानी चाहिए। 2020 में एक कारोबारी परिवार से 200 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली हुई।

सूत्रों के मुताबिक, उप राज्यपाल कार्यालय को सीबीआई की ओर से इस आशय का पत्र प्राप्त हुआ है। इसमें जैन और तत्कालीन तिहाड़ जेल अधीक्षक के खिलाफ जांच की अनुमति मांगी गई है। पत्र में कहा गया है कि सुकेश चंद्र शेखर और अन्य हाई प्रोफाइल कैदियों को जेल में आरामदायक सुविधाएं उपलब्ध कराने के बदले पैसे लेने के आरोप लगाए गए हैं। 

सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई ने पत्र में कहा है कि इन आरोपों के संबंध में पूछताछ और जांच की अनुमति दी जानी चाहिए। सीबीआई की ओर से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत पूछताछ और जांच की अनुमति मांगी गई है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि अभी इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें