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DND पर जाम से महीने में 70 घंटे बर्बाद

dnd jaam

डीएनडी टोल प्लाजा पर जाम के कारण दिल्ली से नोएडा के बीच रोज यात्रा करने वाले लोगों का महीने में 70 घंटे बर्बाद हो जाता है। डीएनडी पर सुबह-शाम पीकऑवर में आश्रम तक आने में औसतन दो से ढाई घंटे लग जाते हैं। 
यदि कोई नोएडा से दिल्ली रोज काम के सिलसिले में सुबह आता और शाम को वापस जाता है तो उसे जाम में करीब दो-ढाई घंटे बिताने पड़ते हैं।  डीएनडी पर सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिक डॉक्टर रविंद्र कुमार ने बताया कि डीएनडी पर पीक ऑवर के लगने वाले जाम में लोग औसतन पांच से दस किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक गति से गाड़ी नहीं चलाते हैं।
 ऐसे में डीएनडी से आश्रम के बीच जाम की स्थित में एक यात्री को आश्रम चौराहा पार करने में दो से ढाई लगते हैं। डीएनडी चार लेन का है। टोल प्लाजा होने के चलते दो लेन पूरी तरह से बाधित हो जाती है। ऐसे में बाधित लेन की गाड़ियां दूसरे लेन में घुसती हैं। इससे जाम की लगना शुरू हो जाता है। तेजी से आती गाड़ियों की गति टोल प्लाजा के करीब 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा तक आ जाती है। आगे बढ़ते जाम के साथ यह घट कर पांच से दस किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच जाती है। जाम की स्थित को खत्म करने के लिए टोल प्लाजा को किसी ऐसी जगह ले जाया जाना चाहिए, जहां से डीएनडी की चारों लेन बेहतर तरीके से चल सकें। 

भारी जाम के चलते रोज होते हैं हादसे 
 सेट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों के अनुसार मानकों के तहत सड़क पर सुरक्षित गाड़ी चलाने के लए एक गाड़ी से दूसरी गाड़ी की दूसरी औसतन दो मीटर होनी चाहिए, लेकिन डीएनडी पर लगने वाले जाम के समय यह दूरी घट कर 15 सेंटीमीटर तक रह जाती है।  इतनी कम दूरी पर गाड़ियों के चलने के चलते ही डीएनडी से आश्रम के बीच गाड़ियों के आपस में लड़ने व हादसे होने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। 

वाहनों का अधिक दबाव 
डीएनडी पर दिल्ली जाते समय ही नहीं बल्कि नोएडा आते समय भी वाहन चालक रोजाना जाम में फंस रहे हैं। टोल प्लाजा से पहले ही नोएडा की ओर जाम लग जाता है। यहां फिल्म सिटी रास्ते पर उतरने वाले लूप पर वाहनों का दबाव अधिक होने से जाम की समस्या हो रही है। 

1 लाख 80 हजार वाहन रोजाना गुजरते हैं
हाइकोर्ट के आदेश पर डीएनडी 26 अक्तूबर 2016 को टोल फ्री हो गया था। इसके बाद डीएनडी पर 50 हजार वाहन और बढ़ गए हैं। टोल फ्री होने से पहले यहां से करीब 1 लाख 30 हजार वाहन रोजाना निकलते थे। अब 1 लाख 80 हजार के आसपास वाहन निकल रहे हैं। इनमें निजी और व्यावसायिक वाहन शामिल हैं। पहले व्यावसायिक वाहनों को डीएनडी पर टोल टैक्स देना पड़ता था। इस कारण कालिंदी कुंज होते हुए अधिक संख्या में व्यावसायिक वाहन दिल्ली जाते थे। दूसरे कारणों से व्यावसायिक वाहन भी डीएनडी से आने-जाने लगे हैं।  
  

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  • Web Title:70 hours waste in the month of DND on the jaam