दिल्ली हिंसा में शहीद हुए हेड कांस्टेबल रतन लाल की हत्या के मामले में 7 गिरफ्तार
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा में दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतन लाल की मौत के मामले में पुलिस ने 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही पुलिस ने अकबरी बेगम की...

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा में दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतन लाल की मौत के मामले में पुलिस ने 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही पुलिस ने अकबरी बेगम की हत्या मामले में भी 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, एक नाले से 4 लोगों के शव बरामद होने के मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान चांदबाग के निवासी सलीम मलिक (38), मोहम्मद जलालुद्दीन (33), मोहम्मद अयूब (35), मोहम्मद यूनुस (32), आरिफ (27), मोहम्मद सलीम (46) और गाजियाबाद के लोनी निवासी मोहम्मद दानिश (23) के तौर पर हुई है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि रतन लाल की हत्या के मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में यह बात सामने आई कि जहां घटना हुई थी उस स्थान पर सीएए के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा था। उस दिन पुलिस पर हमला करने के लिए साजिश रची गई थी। उन्होंने कहा कि इस बारे में साक्ष्य जुटा लिए गए हैं और गिरफ्तार लोगों ने साजिश भी रची और दंगे में भी संलिप्त रहे।
राजस्थान के सीकर के रहने वाले दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतन लाल की 24 फरवरी को गोकलपुरी में हुई हिंसा के दौरान गोली लगने से मौत हो गई थी। केंद्र सरकार ने रतनलाल को शहीद का दर्जा दिया है।
24 फरवरी की हिंसा में शाहदरा के डीसीपी अमित शर्मा, एसपी अनुज शर्मा और सिपाही रतन लाल गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सिपाही रतन लाल की बाद में मौत हो गई थी, जबकि डीसीपी का अब भी इलाज चल रहा है। एसीपी अनुज शर्मा की हालत में भी सुधार हो रहा है।
बता दें कि उत्तर-पूर्वी जिले में 24 और 25 फरवरी को भड़की हिंसा की जांच दिल्ली पुलिस अपराध शाखा की एसआईटी ने तेज कर दी है। जांच ने गति तब पकड़ी, जब उसे 'आप' के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन और घटनास्थल के कई वीडियो हाथ लग गए। इन मोबाइल वीडियो और ताहिर की गिरफ्तारी के बाद जांच में जुटी टीमों को उम्मीद है कि ये वीडियो उसी जगह के हैं, जहां हवलदार रतन लाल को भीड़ ने घेर लिया था।
गौरतलब है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर, घोंडा, चांदबाग, शिव विहार, भजनपुरा, यमुना विहार इलाकों में हिंसा में कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई और 200 से अधिक लोग घायल हो गए। साथी संपत्ति को भी काफी नुकसान पहुंचा है। उग्र भीड़ ने मकानों, दुकानों, वाहनों, एक पेट्रोल पम्प को फूंक दिया और स्थानीय लोगों तथा पुलिस कर्मियों पर पथराव किया।
लेखक के बारे में
Praveen Sharmaप्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। करीब डेढ़ दशक से हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया का अनुभव भी हासिल कर चुके हैं। एक दशक से भी अधिक लंबा समय वह डिजिटल मीडिया में बिता चुके हैं।
प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी। इसके बाद वह थोड़े समय नेशनल दुनिया अखबार में भी रहे। वहां से निकलकर उन्होंने मार्च 2014 में न्यूज 18 के साथ डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में कदम रखा। वर्ष 2018 में वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े।
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प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है।
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