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30 मार्च, 2020|9:59|IST

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सख्ती : दिल्ली में 5000 वकीलों के प्रेक्टिस करने पर रोक लगी, जानें कारण

दिल्ली के पांच हजार वकील बार एसोसिएशन की परीक्षा में फेल हो गए हैं। बार कौंसिल ने सुप्रीम कोर्ट से लेकर जिला अदालतों और न्यायाधिकरणों को पत्र लिखकर कहा है कि इन वकीलों को अदालतों में पेश न होने दें। कौंसिल ने इन वकीलों के नामअदालतों को भेजे हैं।

दिल्ली के वकीलों का इतनी बड़ी संख्या में विफल होना आश्चर्य की बात है। यह परीक्षा ओपन बुक पद्धति के आधार पर होती है जिसमें कानून की किताब देखकर प्रश्नों के उत्तर दिए जा सकते हैं। बार कौंसिल दिल्ली ने पत्र में कहा है कि ऑल इंडिया बार एग्जाम कराने वाली बार कौंसिल ऑफ इंडिया ने 4778 वकीलों के परीक्षा में विफल होने की जानकारी दी है।

ये वकील प्रोविजनल रूप से दिल्ली बार कौंसिल में पंजीकृत हैं। बार एग्जाम पास करने के बाद उन्हें स्थायी पंजीकरण नंबर दिया जाएगा। बार कौंसिल के सचिव विष्णु शर्मा ने कहा, परीक्षा पास नहीं करने वालों को वकील नहीं माना जाएगा। इन्हें सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस भी नहीं मिलेगा। ये बार एसोसिएशन में वोट नहीं दे पाएंगे और अन्य सुविधाएं भी नहीं मिलेंगी। दिल्ली में अभी 60 हजार से ज्यादा वकील प्रैक्टिस करते हैं।

बेसिक समझ भी नहीं

परीक्षा के माध्यम से बेसिक कानूनी समझ की परख की जाती है। वकील किताबों की मदद ले सकते हैं, फिर भी तमाम वकील फेल हो गए। 2010 में शुरू की गई परीक्षा का मकसद था कि पेशे में गंभीर किस्म के लोग आएं।

साल में दो बार परीक्षा

बार एग्जाम साल में दो बार (जून और दिसंबर) होता है। इसके लिए कोई सीमा नहीं है। पास होने तक कितनी ही बार परीक्षा दी जा सकती है। 2010 के बाद एलएलबी करने वालों को यह परीक्षा देनी होती है।

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  • Web Title:5000 lawyers banned from practicing in Delhi