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Hindi News NCRउत्तराखंड में 'लैंड जिहाद' के जरिए हड़पी गई 5000 एकड़ भूमि मुक्त कराई, दिल्ली की राम कथा में बोले सीएम धामी

उत्तराखंड में 'लैंड जिहाद' के जरिए हड़पी गई 5000 एकड़ भूमि मुक्त कराई, दिल्ली की राम कथा में बोले सीएम धामी

इस दौरान धामी ने कहा कि धर्म के मार्ग पर चलने से जीवन में कोई दुविधा नहीं आती। उत्तराखंड का मुख्य सेवक के रूप में वे धर्म के मार्ग पर चलकर जो भी फैसले लेते हैं,वे स्वयं ही समाजहित में सही हो जाते हैं।

उत्तराखंड में 'लैंड जिहाद' के जरिए हड़पी गई 5000 एकड़ भूमि मुक्त कराई, दिल्ली की राम कथा में बोले सीएम धामी
Praveen Sharmaनई दिल्ली। लाइव हिन्दुस्तानSat, 30 Dec 2023 08:01 AM
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को कहा कि उत्तराखंड सरकार ने 'लैंड जिहाद' के माध्यम से राज्य में अतिक्रमण की गई 5,000 एकड़ भूमि को मुक्त करा लिया है। दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन में एक राम कथा में भाग लेने के दौरान सीएम धामी ने कहा, ''हिमालयी राज्य की भलाई के लिए हमें कुछ कड़े फैसले लेने पड़े, जिनमें से एक महत्वपूर्ण निर्णय सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाना था। हम लैंड जिहाद से छुटकारा पाकर भूमि को मुक्त कराने में सफल रहे और यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सभी अवैध और बलपूर्वक कब्जे हटा नहीं दिए जाते।''

धर्म के मार्ग पर नहीं कोई दुविधाधामी

इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि धर्म के मार्ग पर चलने से जीवन में कोई दुविधा नहीं आती। उत्तराखंड का मुख्य सेवक के रूप में वे धर्म के मार्ग पर चलकर जो भी फैसले लेते हैं,वे स्वयं ही समाजहित में सही हो जाते हैं।

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की बार-बार शिकायतों के बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी ने राज्य पुलिस और वन विभाग को सभी अवैध संरचनाओं की पहचान करने का निर्देश दिया था। राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, मई 2023 तक राज्य अधिकारियों द्वारा कुल 3,793 ऐसे स्थानों की पहचान की गई थी। सबसे अधिक 1,433 से अधिक अतिक्रमण नैनीताल जिले में पाए गए, उसके बाद 1,149 अतिक्रमण हरिद्वार जिले में पाए गए। वहीं, चमोली में 423 अवैध संरचनाएं थीं, उच्च संख्या वाले अन्य जिलों में टेहरी (209), अल्मोडा (192) और चंपावत (97) शामिल हैं। अधिकांश अतिक्रमण वन भूमि पर थे।

इस साल की शुरुआत में अतिक्रमण विरोधी अभियान शुरू होने के बाद से राज्य में करीब 500 'मजारों' और लगभग 50 मंदिरों को ध्वस्त कर दिया गया है। 

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