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22 सितम्बर, 2020|7:18|IST

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कोरोना का कहर : मांग में कमी के कारण गुरुग्राम में 35 बार और रेस्तरां पर लटके ताले, औरों पर भी संकट

bars to open soon in up

कोरोना वायरस महामारी (Covid-19) को फैलने से रोकने के लिए मार्च में लागू किए गए देशव्यापी लॉकडाउन के बाद से गुरुग्राम शहर में 35 से अधिक बार और रेस्तरां बंद हो गए हैं, जिनमें 11 साइबर हब में स्थित हैं।

आबकारी और कराधान विभाग ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में कई रेस्तरां मालिकों ने उनसे संपर्क कर उनके लाइसेंस सरेंडर करने की पेशकश की है, क्योंकि वर्तमान स्थिति में उनके लिए कारोबार चलाना मुश्किल हो रहा है। कई नए प्रतिष्ठानों ने भी अपने शराब लाइसेंस को सरेंडर कर दिया है और अपना परिसर खाली कर दिया है।

पूर्वी क्षेत्र की उप आबकारी और कराधान अधिकारी (डीईटीसी) अरुणा सिंह ने कहा कि उच्च परिचालन लागत और मांग में कमी के कारण अब तक 35 रेस्तरां मालिकों ने अपने लाइसेंस सरेंडर कर दिए हैं। हालांकि, कई रेस्तरां ने अपना संचालन शुरू कर दिया है, लेकिन लोग शायद वहां जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने लाइसेंस फीस का एक तिहाई माफ कर दिया है और इसे घटाकर 2 लाख कर दिया है। हमने अगली तिमाहियों के लिए शराब लाइसेंस नवीनीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन हमें डर है कि यह कदम और रेस्तरां और पब मालिकों को भी अपने लाइसेंस सरेंडर करने के लिए प्रेरित कर सकता है। यहां एक भी ऐसा मामला नहीं है, जहां पब और रेस्तरां मालिकों ने ग्राहकों की कमी के कारण शराब के बिना फिर से संचालन शुरू किया हो। शहर भर में कुल 327 रेस्तरां, पब और बार हैं। अधिकांश आउटलेट गोल्फ कोर्स रोड, सेक्टर-29 और साइबर हब में स्थित हैं।

इस साल की शुरुआत में, आबकारी विभाग ने पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के लिए लाइसेंस शुल्क माफ कर दिया था और अब खाद्य सेवाओं को फिर से शुरू करने के प्रयास में तीसरी और चौथी तिमाही के लिए शुल्क के अग्रिम भुगतान पर उद्योगों को 20% की छूट दे रहा है। हालांकि, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए शुल्क भी माफ कर दिया जाएगा या नहीं।

फूड सर्विस इंडस्ट्री एक मुश्किल दौर से गुजर रही

पिछले सप्ताह, हरियाणा सरकार ने केवल रेस्तरां के टेबल पर शराब परोसने की अनुमति दी थी। हालांकि, डांस फ्लोर वाले सभी प्रतिष्ठानों सहित पब और बार बंद रहेंगे। हालांकि, इस तरह की रियायतों के बावजूद, कई रेस्तरां मालिकों ने कहा कि फूड सर्विस इंडस्ट्री का भविष्य संकट में है। 1 अगस्त को साइबर हब और गोल्फ कोर्स रोड पर अपने संचालन को बंद करने वाले आउटलेट्स नूबा चेन के मालिक आदित्य भास्कर ने कहा कि फूड सर्विस इंडस्ट्री एक मुश्किल दौर से गुजर रही है। किसी भी जगह पर कोई मेहमान नहीं हैं, लोग भोजन करने के लिए बाहर आने को तैयार नहीं हैं। हमें पता नहीं है कि पब और बार कब से शुरू हो सकते हैं। हमने अपने सभी शेफ सहित अपने कर्मचारियों को भुगतान किया, क्योंकि उनके हित का ध्यान रखना हमारी जिम्मेदारी थी। हालांकि, अब हम बिना किसी आय के किराये का भुगतान करने में असमर्थ हैं। 

सरकार से नहीं मिली कोई मदद

रेस्तरां मालिकों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने फूड सर्विस इंडस्ट्री के लिए कुछ नहीं किया और उन्हें अपने हाल पर छोड़ दिया। जुलाई में दुकान बंद करने वाले खाजा चौक के मालिक विक्रम नायर ने कहा कि किराये वास्तव में बहुत अधिक थे और सरकारी अधिकारियों के साथ काम करना मुश्किल था। कोविड-19 संकट के साथ, यह स्पष्ट नहीं है कि स्थिति कब तक सामान्य होगी। नायर ने कहा कि फूड सर्विस इंडस्ट्री को अपने पैरों पर वापस खड़े होने में एक और साल लग सकता है।

संकट का उद्योग पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ने की संभावना

रेस्तरां मालिकों ने कहा कि भले ही लॉकडाउन नियमों में ढील दी गई है, लेकिन इस संकट का उद्योग पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ने की संभावना है। अपने परिचालन को बंद करने वाले मालिकों ने यह भी कहा कि अगर वर्तमान स्थिति अगली तिमाही तक जारी रहती है तो शेष दुकानों को भी संचालन में मुश्किल होगी। रेस्तरां मालिकों ने कहा कि औसतन, तीन प्रतिष्ठानों में से एक स्थायी रूप से बंद हो सकता है।

डीएलएफ फेज -4 में क्रॉस प्वाइंट मॉल में बिग वोंग के मालिक राघव बावेजा ने कहा कि मार्च-अंत में संचालन बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में एक 80-सीटर रेस्तरां का किराया लगभग 6 लाख प्रति माह है। उन्होंने कहा कि यहां किराया और ऊपरी लागत इतनी अधिक है कि किसी भी आय के बिना इसे जारी रखना बहुत मुश्किल था। हमने पांच महीने तक इंतजार किया, लेकिन कारोबार को पुनर्जीवित करने में विफल रहे। सैलरी, बिजली बिल और किराया देना मुश्किल था। हालांकि पहली तिमाही के लिए शराब लाइसेंस शुल्क माफ कर दिया गया था, लेकिन हम व्यवसाय के भविष्य को जाने बिना आगामी तिमाहियों के लिए भुगतान करने को तैयार नहीं हैं। 

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  • Web Title:35 bars and restaurants in Gurugram shut their business due to poor demand due to coronavirus outbreak