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नोएडा में पोस्टमार्टम के लिए आए 18 और शव, 4 दिन में मौत का आंकड़ा 93 तक पहुंचा

शवों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नोएडा के सेक्टर30 स्थित बाल चिकित्सा संस्थान ने अपने शवगृह के 8 फ्रीजर के उपयोग की अनुमति दे दी। जिनका उपयोग अब पोस्टमॉर्टम के लिए शवों को रखने के लिए किया जा सकता है

नोएडा में पोस्टमार्टम के लिए आए 18 और शव, 4 दिन में मौत का आंकड़ा 93 तक पहुंचा
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Sourabh JainPTI,नई दिल्लीSat, 22 Jun 2024 11:37 PM
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दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार जारी है और हीट वेव के चलते मौत के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। गौतम बुद्ध नगर की ही बात करें तो यहां 21 जून को पोस्टमार्टम के लिए 18 और शव लाए गए, जिसके बाद चार दिनों में पोस्टमार्टम किए गए शवों की संख्या बढ़कर 93 हो गई। वहीं अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग ने अज्ञात शवों की डीएनए सैंपलिंग भी शुरू कर दी है।

इस बारे में जानकारी देते हुए चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि '21 जून को पोस्टमार्टम के लिए 18 और शव लाए गए, इनमें से छह शव लावारिस हैं, जिनकी कोई पहचान नहीं हो सकी। ऐसे में अब हमने एक नया काम शुरू कर दिया है। हम अज्ञात शवों के डीएनए सैंपल ले रहे हैं, ताकि जब भी जरूरत होगी, हम उन्हें पुलिस को सौंप देंगे।'

शर्मा ने बताया कि इससे इन शवों की अंत्येष्टि समय पर की जा सकेगी और साथ ही शवगृह में भी शवों का ढेर कम किया जा सकेगा। उन्होंने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया था कि 18 से 20 जून के बीच विभाग को पोस्टमार्टम के लिए कम से कम 75 शव मिले थे, हालांकि इनमें सभी की मौत गर्मी की वजह से नहीं हुई थी।

इससे पहले उन्होंने बताया था कि जिले के शवगृह में आमतौर पर प्रतिदिन सात या आठ शव पोस्टमार्टम के लिए आते हैं, लेकिन हाल फिलहाल में यह संख्या 20 से अधिक हो गई है। साथ ही उन्होंने प्रतिदिन संख्या में हुई इस वृद्धि को अप्रत्याशित बताया।

हीटवेव के प्रभाव पर, सीएमओ ने कहा कि 'इसमें कोई शक नहीं है कि मौसम बहुत खराब है और यह सामान्य गर्मी नहीं है। यह गर्मी कुछ और है, मौसम में नमी की मात्रा भी हाल ही में बढ़ी है। यह दर्दनाक गर्मी है और इसमें मृत्यु की आशंका भी बहुत बढ़ जाती है।'

आगे उन्होंने कहा, 'गर्मी का असर हर किसी पर एक जैसा नहीं होता। जो पूरी तरह स्वस्थ हैं, वे इसे सहन कर सकते हैं। अगर आप ग्रामीण इलाकों में रहते हैं और पेड़ों के नीचे समय बिताते हैं, तो शायद आप भी गर्मी सहन कर सकते हैं। लेकिन यहां निर्माण श्रमिकों, सुरक्षा कर्मियों, यहां तक ​​कि यातायात पुलिस और स्वयंसेवकों के मामले में, उन्हें अपने सिर पर टोपी पहनने, ओआरएस पीने और लंबे समय तक खुले में नहीं रहने की जरूरत है। ऐसे उपाय जीवन बचाने में मदद कर सकते हैं।' 

शर्मा ने कहा कि कैलाश, फेलिक्स, फोर्टिस जैसे निजी अस्पतालों ने शवों को रखने के लिए अपने शवगृह फ्रीजर की अनुमति देकर सरकारी अस्पतालों को अपना सहयोग दिया है। उधर शहर के मौसम की ही बात करें तो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शनिवार को अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने यह जानकारी दी।

आगे उन्होंने कहा, 'गर्मी का असर हर किसी पर एक जैसा नहीं होता। जो पूरी तरह स्वस्थ हैं, वे इसे सहन कर सकते हैं। अगर आप ग्रामीण इलाकों में रहते हैं और पेड़ों के नीचे समय बिताते हैं, तो शायद आप भी गर्मी सहन कर सकते हैं। लेकिन यहां निर्माण श्रमिकों, सुरक्षा कर्मियों, यहां तक ​​कि यातायात पुलिस और स्वयंसेवकों के मामले में, उन्हें अपने सिर पर टोपी पहनने, ओआरएस पीने और लंबे समय तक खुले में नहीं रहने की जरूरत है। ऐसे उपाय जीवन बचाने में मदद कर सकते हैं।' स्वास्थ्य विभाग ने अनुसार इससे चालू फ्रीजर की कुल संख्या 14 हो गई है, जिनका उपयोग अब पोस्टमॉर्टम के लिए शवों को रखने के लिए किया जा सकता है।

निजी अस्पतालों ने भी दिया सहयोग

शर्मा ने कहा कि शवों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए नोएडा के सेक्टर 30 स्थित बाल चिकित्सा संस्थान के निदेशक ने अपने शवगृह के आठ 'फ्रीजर' के उपयोग की अनुमति दे दी है। स्वास्थ्य विभाग ने अनुसार इससे चालू फ्रीजर की कुल संख्या 14 हो गई है, जिनका उपयोग अब पोस्टमॉर्टम के लिए शवों को रखने के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा कैलाश, फेलिक्स, फोर्टिस जैसे निजी अस्पतालों ने शवों को रखने के लिए अपने शवगृह फ्रीजर की अनुमति देकर सरकारी अस्पतालों को अपना सहयोग दिया है।