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22 नवंबर, 2020|4:45|IST

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दिल्ली में कहर बन कर टूट रहा कोरोना, नवंबर में अब तक 1759 मरीजों की मौत

coronavirus case crossed 80 lakhs in india  file pic

कोरोना वायरस की तीसरी लहर का सामना कर रही दिल्ली में इस महामारी से मृत्यु दर 1.58 प्रतिशत है जबकि देश में यह दर 1.48 प्रतिशत है। विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 से मौत के अधिक मामलों के लिए इलाज के लिए शहर में बड़ी संख्या में आने वाले गंभीर गैर-निवासी मरीजों, प्रतिकूल मौसम, प्रदूषण आदि को जिम्मेदार ठहराया है। नवंबर के महीने में ही राष्ट्रीय राजधानी में इस महामारी से 21 नवम्बर तक 1759 लोगों की मौत हो चुकी है। यह लगभग 83 मौत प्रतिदिन है। पिछले 10 दिनों में मौत का आंकड़ा चार बार 100 से अधिक पहुंचा है।

अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को 111 मरीजों, शुक्रवार को 118, बुधवार को 131 और 12 नवंबर को 104 की मौत हुई है। सरकारी आंकड़े के अनुसार दिल्ली में औसत मृत्युदर 1.58 प्रतिशत है जो कि राष्ट्रीय मृत्युदर 1.48 प्रतिशत की तुलना में अधिक है। राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ बीएल शेरवाल ने कहा कि कुल मिलाकर, सर्दियों में अधिक मौतें होती हैं। यह एक बड़ा अंतर है, जिसे हमने कोविड-19 से मौत के मामले में भी देखा है।

'बुजुर्गों के बीच भी फैल गया है कोरोना वायरस'

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के कारण जिन लोगों की मौत हुई है उनमें से 70 प्रतिशत बुजुर्ग या गंभीर बीमारियों से ग्रस्त थे। डॉ शेरवाल ने कहा कि लॉकडाउन हटाए जाने से पहले ज्यादातर युवा संक्रमित हो रहे थे। प्रतिबंधों में ढील देने के कारण और त्योहार के मौसम में वायरस तेजी से बुजुर्गों के बीच फैल गया है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के पूर्व महानिदेशक एनके गांगुली ने कहा कि शुरुआती महीनों की तुलना में मौत के मामलों का आंकड़ा बेहतर ढ़ंग से जुटाया जा रहा है। हाल ही में, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने भी कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 की मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से थोड़ी अधिक है।

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  • Web Title:1759 patients have died in november so far due to corona on delhi